8 Oct 2026, Thu

पंजाब के 50 वार्ड के चुनाव रद्द, 2024 के निकाय चुनाव में उम्मीदवारों को नामांकन से रोकने और पर्चा फाड़ने के मामले पर SC का बड़ा फैसला

चंडीगढ़: पंजाब में दिसंबर 2024 में हुए स्थानीय निकाय चुनावों को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने बड़ा फैसला सुनाया है। अदालत ने पटियाला जिले के 28 और मोगा के 22 वार्ड में हुए चुनावों को रद्द कर दिया है। कुल 50 वार्डों में अब दोबारा चुनाव कराए जाएंगे। यह फैसला नामांकन प्रक्रिया के दौरान उम्मीदवारों को कथित तौर पर नामांकन दाखिल करने से रोकने, नामांकन पत्र छीनने, फाड़ने और अन्य प्रकार की बाधाओं से जुड़ी शिकायतों के बाद लिया गया है।

सुप्रीम कोर्ट ने संबंधित जांच आयोग के निष्कर्षों और सिफारिशों को स्वीकार करते हुए नए सिरे से चुनाव कराने का निर्देश दिया है। अदालत ने कहा है कि 50 वार्डों में दोबारा चुनाव की पूरी प्रक्रिया छह सप्ताह के भीतर पूरी की जानी चाहिए।

21 दिसंबर 2024 को हुए थे चुनाव

पंजाब के इन स्थानीय निकाय वार्डों में चुनाव 21 दिसंबर 2024 को कराए गए थे। हालांकि, चुनाव से पहले नामांकन प्रक्रिया के दौरान कई गंभीर शिकायतें सामने आई थीं। उम्मीदवारों की ओर से आरोप लगाए गए थे कि उन्हें नामांकन दाखिल करने से रोका गया और कुछ मामलों में उनके नामांकन पत्रों के साथ जबरदस्ती की गई।

मामले की गंभीरता को देखते हुए 24 मार्च 2025 को पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट की पूर्व न्यायाधीश निर्मलजीत कौर की अध्यक्षता में एक सदस्यीय आयोग का गठन किया गया था। आयोग ने मामले की जांच के बाद 18 नवंबर 2025 को अपनी रिपोर्ट प्रस्तुत की।

नामांकन प्रक्रिया में बाधा डालने की बात सामने आई

आयोग की रिपोर्ट में नामांकन प्रक्रिया के दौरान बड़े स्तर पर बाधा डाले जाने का उल्लेख किया गया। रिपोर्ट के अनुसार, कुछ उम्मीदवारों के नामांकन पत्र कथित तौर पर छीने गए, फाड़े गए या नष्ट किए गए। इसके अलावा उम्मीदवारों को धमकाने, उन पर हमला करने और उन्हें हिरासत में लेने जैसी शिकायतों का भी जिक्र किया गया।

सुप्रीम कोर्ट की पीठ ने आयोग के निष्कर्षों को स्वीकार करते हुए कहा कि चुनाव प्रक्रिया में नामांकन के स्तर पर गंभीर हस्तक्षेप हुआ था। अदालत ने माना कि ऐसी परिस्थितियों में संबंधित वार्डों में हुए चुनावों की निष्पक्षता पर गंभीर सवाल खड़े होते हैं।

50 वार्डों में नए सिरे से होगा मतदान

सुप्रीम कोर्ट ने आयोग की सिफारिशों को स्वीकार करते हुए पटियाला और मोगा के कुल 50 वार्डों में नए सिरे से चुनाव कराने का आदेश दिया है। अदालत के निर्देश के अनुसार चुनाव की पूरी प्रक्रिया छह सप्ताह के भीतर पूरी करनी होगी।

इस फैसले के बाद इन वार्डों के मौजूदा चुनाव परिणामों का महत्व समाप्त हो जाएगा और दोबारा चुनाव के जरिए नए प्रतिनिधियों का चयन किया जाएगा। चुनाव प्रक्रिया के दौरान नामांकन से लेकर मतदान और परिणाम घोषित करने तक निष्पक्षता सुनिश्चित करने पर विशेष जोर रहेगा।

हाईकोर्ट के वरिष्ठ सदस्यों को बनाया जाएगा पर्यवेक्षक

सुप्रीम कोर्ट ने दोबारा होने वाली चुनाव प्रक्रिया की निगरानी के लिए भी महत्वपूर्ण निर्देश दिए हैं। अदालत ने पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश से कहा है कि चुनाव प्रक्रिया की निगरानी के लिए हाईकोर्ट बार के कम से कम दो से तीन वरिष्ठ सदस्यों को पर्यवेक्षक के रूप में नियुक्त किया जाए।

पंजाब सरकार की ओर से अदालत में यह भी कहा गया कि उसे आयोग की सिफारिशों पर कोई आपत्ति नहीं है। ऐसे में अब संबंधित 50 वार्डों में नए चुनाव की प्रक्रिया शुरू होगी। सुप्रीम कोर्ट के इस फैसले को स्थानीय निकाय चुनावों में निष्पक्ष और पारदर्शी प्रक्रिया सुनिश्चित करने की दिशा में अहम कदम माना जा रहा है।

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