कोलंबो: श्रीलंका क्रिकेट टीम में टेस्ट कप्तानी को लेकर बड़ा बदलाव हुआ है। धनंजय डी सिल्वा के कप्तानी पद से इस्तीफा देने के बाद श्रीलंका ने अनुभवी बल्लेबाज कुसल मेंडिस को टेस्ट टीम का नया कप्तान नियुक्त किया है। धनंजय ने 8 अक्टूबर को टेस्ट कप्तानी छोड़ने का फैसला किया था। इसके बाद टीम प्रबंधन ने बिना ज्यादा समय गंवाए नई जिम्मेदारी कुसल मेंडिस को सौंप दी।
धनंजय डी सिल्वा ने अगस्त 2024 में श्रीलंका की टेस्ट टीम की कप्तानी संभाली थी। उनके नेतृत्व में उन्होंने कुल 18 टेस्ट मुकाबलों में टीम की कमान संभाली। अब भविष्य की चुनौतियों को ध्यान में रखते हुए उन्होंने कप्तानी से हटने का निर्णय लिया है। श्रीलंका के लिए यह बदलाव ऐसे समय में हुआ है, जब टीम को अगले महीने पाकिस्तान के दौरे पर दो मैचों की टेस्ट सीरीज खेलनी है।
पहली बार टेस्ट टीम की कप्तानी करेंगे कुसल मेंडिस
कुसल मेंडिस श्रीलंका के अनुभवी खिलाड़ियों में शामिल हैं और अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट के कई महत्वपूर्ण मुकाबलों में टीम का हिस्सा रह चुके हैं। हालांकि, टेस्ट क्रिकेट में वह पहली बार कप्तानी की जिम्मेदारी संभालेंगे। इससे पहले मेंडिस वनडे और टी20 फॉर्मेट में श्रीलंका की कप्तानी कर चुके हैं।
वनडे क्रिकेट में कुसल मेंडिस ने 22 मैचों में श्रीलंका की कप्तानी की है। इनमें टीम को 10 मुकाबलों में जीत मिली, जबकि 10 मैचों में हार का सामना करना पड़ा। वहीं, टी20 इंटरनेशनल में उन्होंने तीन मैचों में कप्तानी की, जिसमें श्रीलंका को एक मुकाबले में जीत और दो में हार मिली।
अब टेस्ट क्रिकेट में उनके सामने कप्तान के तौर पर खुद को साबित करने की नई चुनौती होगी। उनकी कप्तानी का पहला बड़ा इम्तिहान पाकिस्तान दौरे पर होगा, जहां श्रीलंका दो टेस्ट मैचों की सीरीज खेलेगी। यह सीरीज 9 नवंबर से शुरू होने वाली है।
बल्लेबाजी में मजबूत रहा है मेंडिस का रिकॉर्ड
कप्तानी की नई जिम्मेदारी मिलने के साथ कुसल मेंडिस पर बल्लेबाजी में भी टीम को मजबूती देने की जिम्मेदारी होगी। टेस्ट क्रिकेट में उनका अब तक का प्रदर्शन प्रभावशाली रहा है। उन्होंने 75 टेस्ट मैचों में श्रीलंका का प्रतिनिधित्व करते हुए 36.36 के औसत से 4,836 रन बनाए हैं।
मेंडिस के नाम टेस्ट क्रिकेट में 10 शतक और 23 अर्धशतक दर्ज हैं। उनकी बल्लेबाजी श्रीलंका की टेस्ट टीम के लिए लंबे समय से महत्वपूर्ण रही है। ऐसे में कप्तान बनने के बाद टीम को उम्मीद होगी कि वह अपनी बल्लेबाजी के साथ-साथ नेतृत्व क्षमता से भी टीम को आगे ले जाएंगे।
विश्व टेस्ट चैंपियनशिप में चुनौती बड़ी
श्रीलंका की टीम इस समय विश्व टेस्ट चैंपियनशिप के मौजूदा चक्र में संघर्ष कर रही है। टीम छह मुकाबलों में केवल एक जीत हासिल कर सकी है, जबकि दो मैचों में हार मिली और तीन मुकाबले ड्रॉ रहे हैं। श्रीलंका का अंक प्रतिशत 33.33 है और टीम सातवें स्थान पर बनी हुई है।
ऐसे में कुसल मेंडिस के सामने कप्तान के तौर पर सबसे बड़ी चुनौती टीम के प्रदर्शन में सुधार करने और विश्व टेस्ट चैंपियनशिप की दौड़ में स्थिति मजबूत करने की होगी। पाकिस्तान के खिलाफ आगामी टेस्ट सीरीज उनके नेतृत्व की पहली बड़ी परीक्षा होगी।

