नोएडा में मेट्रो और सड़क परियोजनाओं को मिली रफ्तार, अगले 5 साल में बदल जाएगी शहर की तस्वीर
उत्तर प्रदेश का प्रमुख शहर नोएडा अब अपने विकास के नए चरण में प्रवेश कर चुका है। 50 साल पूरे करने के बाद शहर 51वें वर्ष में कदम रख चुका है और इसी के साथ इंफ्रास्ट्रक्चर को लेकर बड़े बदलावों की तैयारी भी तेज हो गई है। नोएडा अथॉरिटी ने साफ संकेत दिए हैं कि आने वाले पांच वर्षों में शहर का मेट्रो नेटवर्क और सड़क ढांचा दोनों ही बड़े स्तर पर विस्तार देखने वाले हैं।
अधिकारियों के अनुसार, नोएडा और आसपास के इलाकों में तीन नए मेट्रो रूट्स पर काम तेजी से आगे बढ़ रहा है। मौजूदा समय में नोएडा मेट्रो और दिल्ली मेट्रो के जरिए शहर के कई हिस्सों को कनेक्ट किया जा चुका है, लेकिन बढ़ती आबादी और ट्रैफिक को देखते हुए नेटवर्क को और मजबूत बनाने की जरूरत महसूस की जा रही है।
नए प्रस्तावित रूट्स में सेक्टर-142 से बॉटेनिकल गार्डन तक का कॉरिडोर खास अहम माना जा रहा है। इस प्रोजेक्ट के लिए डिटेल डिजाइन सर्वे चल रहा है और उम्मीद है कि अगले कुछ महीनों में इसका टेंडर जारी कर दिया जाएगा। साल के अंत तक इसके निर्माण की शुरुआत भी हो सकती है। इसके अलावा सेक्टर-51 से ग्रेटर नोएडा वेस्ट तक मेट्रो विस्तार की योजना पर भी काम चल रहा है, जिसकी संशोधित डीपीआर तैयार की जा रही है। केंद्र सरकार की मंजूरी मिलने के बाद इस प्रोजेक्ट पर तेजी से काम शुरू होगा और अगले पांच साल में इसे चालू करने का लक्ष्य रखा गया है।
इसी कड़ी में ग्रेटर नोएडा डिपो स्टेशन से बोड़ाकी तक मेट्रो लाइन के विस्तार की भी तैयारी चल रही है। अगले 6 से 7 महीनों में इसके निर्माण कार्य की शुरुआत होने की संभावना है, जिससे क्षेत्रीय कनेक्टिविटी को बड़ा फायदा मिलेगा।
सिर्फ मेट्रो ही नहीं, बल्कि सड़क परियोजनाओं पर भी अथॉरिटी का विशेष ध्यान है। बढ़ते ट्रैफिक और आने वाले जेवर एयरपोर्ट के मद्देनजर सड़क नेटवर्क को मजबूत किया जा रहा है। चिल्ला एलिवेटेड रोड प्रोजेक्ट इस दिशा में एक अहम कदम है, जिसकी लंबाई करीब 5.96 किलोमीटर होगी। यह सड़क दिल्ली के मयूर विहार से नोएडा के महामाया फ्लाईओवर तक जाएगी और फिल्म सिटी के पास लगने वाले जाम को काफी हद तक कम करेगी।
इसके अलावा नोएडा-ग्रेटर नोएडा एक्सप्रेसवे के चौड़ीकरण का काम भी जारी है, जिसे 45 मीटर तक बढ़ाया जा रहा है। वहीं सेक्टर-146 के पास हिंडन नदी पर बन रहा पुल भी तेजी से तैयार किया जा रहा है और अगले चार महीनों में इसके पूरा होने की उम्मीद है।
नोएडा अथॉरिटी का कहना है कि इन परियोजनाओं का उद्देश्य सिर्फ ट्रैफिक कम करना नहीं, बल्कि शहर को और अधिक आधुनिक, कनेक्टेड और निवेश के लिए आकर्षक बनाना है। आने वाले वर्षों में ये प्रोजेक्ट्स नोएडा को देश के सबसे बेहतर शहरी केंद्रों में शामिल करने में अहम भूमिका निभा सकते हैं।

