नई दिल्ली: ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन (AISA) की अध्यक्ष नेहा बोरा को दिल्ली की SEM कोर्ट ने एक बार फिर पेश होने का निर्देश दिया है। अदालत ने उन्हें अगली सुनवाई के लिए 20 नवंबर की तारीख दी है। यह मामला उस नोटिस से जुड़ा है, जिसे लेकर नेहा बोरा ने पहले अदालत में चुनौती दी थी। दिल्ली में सड़क पर हुए प्रदर्शनों और पीस बॉन्ड पर हस्ताक्षर करने से इनकार करने के बाद नेहा बोरा लगातार चर्चा में रही हैं।
20 नवंबर को होगी अगली सुनवाई
उपलब्ध जानकारी के मुताबिक, SEM कोर्ट ने नेहा बोरा को 20 नवंबर को दोबारा पेश होने के लिए कहा है। इससे पहले इस मामले में दस्तावेजों को लेकर कानूनी प्रक्रिया आगे बढ़ी थी। दिल्ली हाई कोर्ट ने कार्यपालक मजिस्ट्रेट को नेहा बोरा को संबंधित दस्तावेज उपलब्ध कराने का निर्देश दिया था।
इसके बाद मजिस्ट्रेट ने नोटिस जारी करने से जुड़े दस्तावेज उन्हें सौंप दिए थे। मामले में 28 अक्टूबर को सुनवाई निर्धारित थी, जिस दौरान नेहा बोरा को नोटिस पर अपना जवाब देना था। अब अदालत ने अगली पेशी के लिए नई तारीख तय की है।
हाई कोर्ट में खारिज हुई थी याचिका
नेहा बोरा ने SEM कोर्ट की ओर से जारी नोटिस को चुनौती देते हुए दिल्ली हाई कोर्ट का रुख किया था। हालांकि, हाई कोर्ट ने उनकी याचिका खारिज कर दी थी। इसके बाद मामला फिर से SEM कोर्ट की प्रक्रिया के तहत आगे बढ़ा।
नोटिस में जांच के दौरान शांति बनाए रखने के लिए जमानत के साथ 10,000 रुपये का बॉन्ड भरने की बात कही गई थी। यह निर्देश उस समय चर्चा का विषय बना, जब नेहा बोरा ने पीस बॉन्ड पर हस्ताक्षर करने से इनकार कर दिया था।
पीस बॉन्ड पर हस्ताक्षर करने से किया था इनकार
नेहा बोरा ने स्पष्ट किया था कि वह पीस बॉन्ड पर हस्ताक्षर नहीं करेंगी। इस रुख के बाद उनके मामले ने राजनीतिक और सार्वजनिक चर्चा में जगह बनाई। अदालत में नोटिस को चुनौती देने के बावजूद उन्हें हाई कोर्ट से राहत नहीं मिली। अब अगली सुनवाई में यह देखना होगा कि मामले में आगे क्या प्रक्रिया अपनाई जाती है।
SIR विरोधी प्रदर्शन पर बयान से भी हुआ था विवाद
नेहा बोरा इससे पहले मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) के विरोध में हुए प्रदर्शन को लेकर दिए गए बयान के कारण भी सुर्खियों में आई थीं। उन्होंने बांग्लादेश में हुए आंदोलन का उल्लेख करते हुए कहा था कि वहां के आंदोलन ने दुनिया के युवाओं को रास्ता दिखाया। उनके अनुसार, बांग्लादेश में संघर्ष लोकतंत्र और मतदान के अधिकार के लिए था और भारत के युवा भी इन्हीं मुद्दों के लिए आवाज उठा रहे हैं।
इस बयान के बाद राजनीतिक विवाद खड़ा हो गया था। भारतीय जनता पार्टी ने नेहा बोरा और राहुल गांधी की सोच को लेकर सवाल उठाए थे और उनके बयान की आलोचना की थी।
फिलहाल नेहा बोरा से जुड़े SEM कोर्ट के मामले में अगली महत्वपूर्ण तारीख 20 नवंबर है। सुनवाई के दौरान उनके पक्ष और अदालत की आगे की कार्रवाई पर नजर रहेगी।

