नई दिल्ली: शिवसेना (यूबीटी) के सांसद संजय राउत ने अवमानना के मामले में सुप्रीम कोर्ट और भारत के मुख्य न्यायाधीश (CJI) से बिना शर्त माफी मांग ली है। उन्होंने अपने बयान पर पछतावा जताते हुए कहा कि वह अपनी टिप्पणियों को सही ठहराने या उनका बचाव करने की कोशिश नहीं कर रहे हैं। राउत ने अदालत से उनकी माफी स्वीकार करने और उनके खिलाफ चल रही अवमानना की कार्यवाही समाप्त करने का अनुरोध किया है।
स्वेच्छा से मांगी बिना शर्त माफी
संजय राउत ने अपने माफीनामे में स्पष्ट किया कि वह बिना किसी दबाव और किसी शर्त के माफी मांग रहे हैं। उन्होंने कहा कि उन्हें अपनी टिप्पणी पर पछतावा है और वह इसके लिए खेद व्यक्त करते हैं। उनके मुताबिक, उनका उद्देश्य अपनी कही गई बातों का बचाव करना नहीं है, बल्कि अपनी गलती स्वीकार करते हुए न्यायपालिका के प्रति सम्मान व्यक्त करना है।
यह मामला न्यायपालिका से संबंधित उनकी टिप्पणी के कारण शुरू हुई अवमानना की कार्यवाही से जुड़ा है। अब राउत ने अपने रुख में नरमी दिखाते हुए अदालत के समक्ष माफी पेश की है।
न्यायपालिका के प्रति सम्मान व्यक्त किया
अपने माफीनामे में संजय राउत ने कहा कि उनके मन में सुप्रीम कोर्ट और पूरी न्यायपालिका के प्रति बहुत सम्मान है। उन्होंने न्यायपालिका को कानून का शासन बनाए रखने, संविधान के मूल्यों की रक्षा करने और नागरिकों के अधिकारों को सुरक्षित रखने वाली महत्वपूर्ण संस्था बताया।
राउत ने यह भी कहा कि उन्हें इस बात का दुख है कि उनकी टिप्पणियों के कारण अवमानना की कार्यवाही शुरू हुई। उन्होंने अपने बयान से पैदा हुई स्थिति पर अफसोस जताते हुए न्यायपालिका के महत्व को स्वीकार किया।
भविष्य में बयान देते समय सावधानी बरतने की बात
संजय राउत ने अपने माफीनामे में यह भी भरोसा दिलाया कि वह भविष्य में न्यायपालिका से जुड़े मुद्दों पर सार्वजनिक रूप से बोलते समय अधिक सावधानी और जिम्मेदारी बरतेंगे। उन्होंने माना कि अदालतों और न्यायिक व्यवस्था के संबंध में बयान देते समय शब्दों का चयन सोच-समझकर करना चाहिए।
उनके अनुसार, सार्वजनिक जीवन में जिम्मेदार व्यक्तियों को अपने बयानों के प्रभाव और उनकी संवेदनशीलता को ध्यान में रखना चाहिए। उन्होंने भविष्य में संयम बरतने और अपनी टिप्पणियों को लेकर अधिक सतर्क रहने की बात कही।
अवमानना की कार्यवाही समाप्त करने का अनुरोध
संजय राउत ने सुप्रीम कोर्ट से अपील की है कि उनकी बिना शर्त माफी स्वीकार की जाए। साथ ही, उन्होंने अपने खिलाफ जारी नोटिस को समाप्त करने और अवमानना से जुड़ी कार्यवाही को यहीं खत्म करने का अनुरोध किया है।
अब इस मामले में आगे की स्थिति अदालत के रुख और माफीनामे पर उसके विचार के अनुसार तय होगी। फिलहाल, राउत की ओर से बिना शर्त माफी मांगना इस मामले में एक महत्वपूर्ण घटनाक्रम माना जा रहा है।

