आजकल कई लोग जोड़ों में दर्द, सूजन और अकड़न की समस्या से परेशान रहते हैं। खासकर आर्थराइटिस से जूझ रहे लोगों के लिए रोजमर्रा के काम करना भी मुश्किल हो सकता है। ऐसे में दवाओं और डॉक्टर की सलाह के साथ संतुलित खानपान भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। कुछ खाद्य पदार्थों में मौजूद पोषक तत्व हड्डियों और जोड़ों की सेहत को बनाए रखने में मदद कर सकते हैं। हल्दी वाला दूध, तिल, अदरक, मेथी और अखरोट जैसे खाद्य पदार्थों को अपनी डाइट में शामिल करना फायदेमंद हो सकता है।
1. हल्दी वाला दूध
हल्दी में करक्यूमिन नामक सक्रिय यौगिक पाया जाता है, जिसमें सूजन कम करने से जुड़े गुण मौजूद होते हैं। वहीं, दूध कैल्शियम और प्रोटीन का अच्छा स्रोत है, जो हड्डियों को मजबूत बनाए रखने में मदद करता है।
रात में हल्दी वाला दूध पीना कई लोगों की दिनचर्या का हिस्सा होता है। हालांकि, हल्दी वाला दूध जोड़ों के दर्द का निश्चित इलाज नहीं है। इसका सेवन संतुलित आहार के हिस्से के रूप में किया जा सकता है। यदि आपको दूध से एलर्जी है या इसे पचाने में परेशानी होती है, तो उपयुक्त विकल्प चुनें।
2. तिल के बीज और तिल का तेल
तिल में कैल्शियम, हेल्दी फैट और अन्य पोषक तत्व पाए जाते हैं। कैल्शियम हड्डियों की मजबूती बनाए रखने के लिए जरूरी है। इसलिए तिल को सीमित मात्रा में अपनी डाइट में शामिल किया जा सकता है।
तिल के तेल का इस्तेमाल पारंपरिक रूप से मालिश के लिए भी किया जाता है। हल्की मालिश से कुछ लोगों को आराम महसूस हो सकता है, लेकिन इससे आर्थराइटिस या जोड़ों की बीमारी ठीक होने का प्रमाण नहीं है। यदि जोड़ में तेज सूजन या दर्द हो, तो प्रभावित हिस्से की मालिश करने से पहले डॉक्टर की सलाह लें।
3. अदरक का पानी
अदरक में जिंजरॉल जैसे सक्रिय यौगिक पाए जाते हैं, जिनमें सूजन-रोधी गुण हो सकते हैं। कुछ अध्ययनों में अदरक के सेवन से दर्द में सीमित राहत मिलने की संभावना सामने आई है।
अदरक को पानी में उबालकर या चाय के रूप में लिया जा सकता है। हालांकि, इसका प्रभाव हर व्यक्ति में अलग हो सकता है। अधिक मात्रा में अदरक लेने से पेट में जलन हो सकती है। खून पतला करने वाली दवाएं लेने वाले लोगों को नियमित रूप से अधिक मात्रा में अदरक का सेवन करने से पहले चिकित्सकीय सलाह लेनी चाहिए।
4. मेथी के बीज
मेथी के बीजों में फाइबर और कई पोषक तत्व होते हैं। इन्हें भोजन में मसाले के रूप में या सीमित मात्रा में भिगोकर इस्तेमाल किया जा सकता है। मेथी का सेवन संतुलित डाइट का हिस्सा बन सकता है, लेकिन जोड़ों के दर्द को कम करने में इसकी प्रभावशीलता के पर्याप्त प्रमाण उपलब्ध नहीं हैं।
डायबिटीज की दवा लेने वाले लोगों को मेथी का अधिक सेवन करने से पहले डॉक्टर से सलाह लेनी चाहिए, क्योंकि यह ब्लड शुगर के स्तर को प्रभावित कर सकती है।
5. अखरोट और अलसी के बीज
अखरोट और अलसी में ओमेगा-3 फैटी एसिड का एक प्रकार अल्फा-लिनोलेनिक एसिड (ALA) पाया जाता है। ये खाद्य पदार्थ हृदय और संपूर्ण स्वास्थ्य के लिए उपयोगी पोषण प्रदान करते हैं।
अखरोट को नाश्ते में और पिसी हुई अलसी को दही, दलिया या अन्य खाद्य पदार्थों में मिलाकर खाया जा सकता है। हालांकि, इनके सेवन से जोड़ों का दर्द पूरी तरह खत्म होने की गारंटी नहीं है।
जोड़ों के दर्द को नजरअंदाज न करें
जोड़ों की सेहत के लिए संतुलित आहार, नियमित हल्की शारीरिक गतिविधि और स्वस्थ वजन बनाए रखना महत्वपूर्ण है। यदि दर्द लगातार बना रहे, सूजन बढ़े या चलने-फिरने में परेशानी हो, तो डॉक्टर से संपर्क करें। खानपान में बदलाव उपचार का विकल्प नहीं है और निर्धारित दवाएं बिना चिकित्सकीय सलाह के बंद नहीं करनी चाहिए।

