20 Oct 2026, Tue

डायबिटीज में क्या खाना सही और किससे करना चाहिए परहेज? डॉक्टर ने रैंकिंग देकर बताया

डायबिटीज के मरीजों के लिए खानपान का सही चुनाव करना बेहद जरूरी है। खाने में मौजूद कार्बोहाइड्रेट और उसकी मात्रा सीधे ब्लड शुगर के स्तर को प्रभावित कर सकती है। कई बार हेल्दी समझकर खाई जाने वाली चीजें भी रक्त शर्करा बढ़ा सकती हैं। इसलिए डायबिटीज में केवल यह देखना पर्याप्त नहीं है कि कोई खाद्य पदार्थ हेल्दी है या नहीं, बल्कि उसकी मात्रा, उसे तैयार करने का तरीका और उसके साथ खाए जाने वाले दूसरे खाद्य पदार्थ भी मायने रखते हैं।

1. अंडा और पनीर: प्रोटीन के अच्छे विकल्प

अंडे और बिना ज्यादा नमक वाले पनीर में कार्बोहाइड्रेट की मात्रा अपेक्षाकृत कम होती है। इसलिए ये संतुलित डायबिटीज डाइट का हिस्सा बन सकते हैं। इनमें मौजूद प्रोटीन पेट को लंबे समय तक भरा रखने में मदद करता है।

हालांकि, अंडे या पनीर को इस आधार पर पूरी तरह शुगर-फ्री नहीं माना जाना चाहिए कि इनसे ब्लड शुगर पर कोई असर नहीं होगा। इन्हें पकाने में इस्तेमाल होने वाला तेल, मक्खन और अन्य सामग्री भी ध्यान में रखनी चाहिए। पनीर की मात्रा और उसमें मौजूद फैट का भी ख्याल रखना जरूरी है।

2. दही: सही विकल्प चुनना जरूरी

सादा, बिना चीनी वाला दही डायबिटीज के मरीजों के लिए अच्छा विकल्प हो सकता है। इसमें प्रोटीन और कैल्शियम जैसे पोषक तत्व पाए जाते हैं। प्रोटीन युक्त भोजन के साथ कार्बोहाइड्रेट लेने से भोजन के बाद ब्लड शुगर बढ़ने की गति प्रभावित हो सकती है।

हालांकि, बाजार में मिलने वाले मीठे फ्लेवर्ड योगर्ट और अतिरिक्त चीनी वाले दही से बचना बेहतर है। दही खरीदते समय उसके पोषण संबंधी विवरण और उसमें मौजूद अतिरिक्त चीनी की मात्रा जरूर जांचें।

3. ओट्स: प्लेन ओट्स को दें प्राथमिकता

ओट्स में फाइबर पाया जाता है, जो पाचन प्रक्रिया और ब्लड शुगर नियंत्रण में मदद कर सकता है। खासकर प्लेन ओट्स को संतुलित नाश्ते के रूप में शामिल किया जा सकता है।

इसके विपरीत, फ्लेवर्ड या इंस्टेंट ओट्स के कुछ विकल्पों में अतिरिक्त चीनी मौजूद हो सकती है। इसलिए पैकेट खरीदते समय सामग्री और पोषण संबंधी जानकारी पढ़ना जरूरी है। ओट्स में मेवे, बीज या बिना चीनी वाला दही मिलाकर इसे अधिक पौष्टिक बनाया जा सकता है।

4. केला और गेहूं की रोटी: मात्रा पर रखें नजर

केला पोषक तत्वों और फाइबर से भरपूर फल है, लेकिन इसमें प्राकृतिक शर्करा और कार्बोहाइड्रेट भी होते हैं। डायबिटीज के मरीजों को इसे पूरी तरह छोड़ने के बजाय अपनी जरूरत के अनुसार मात्रा तय करनी चाहिए।

इसी तरह, गेहूं की रोटी भी कार्बोहाइड्रेट का स्रोत है और इसका सेवन ब्लड शुगर बढ़ा सकता है। रोटी की संख्या, आकार और साथ खाई जाने वाली सब्जियों या प्रोटीन की मात्रा महत्वपूर्ण होती है। साबुत गेहूं की रोटी को दाल, सब्जी और प्रोटीन युक्त खाद्य पदार्थों के साथ खाना बेहतर संतुलन बनाने में मदद कर सकता है।

5. ब्राउन ब्रेड: पैकेट देखकर करें चुनाव

ब्राउन ब्रेड को अक्सर सफेद ब्रेड से ज्यादा हेल्दी माना जाता है, लेकिन हर ब्राउन ब्रेड साबुत अनाज से नहीं बनती। कुछ उत्पादों में रिफाइंड आटा और अतिरिक्त चीनी हो सकती है।

ब्रेड खरीदते समय केवल उसके रंग पर भरोसा न करें। सामग्री की सूची में साबुत गेहूं या होल ग्रेन की जानकारी देखें और कुल कार्बोहाइड्रेट तथा फाइबर की मात्रा पर ध्यान दें।

डायबिटीज में डाइट का सही संतुलन है जरूरी

डायबिटीज के मरीजों को किसी एक खाद्य पदार्थ को पूरी तरह अच्छा या खराब मानने के बजाय संतुलित आहार अपनाना चाहिए। भोजन की मात्रा नियंत्रित रखना, नियमित शारीरिक गतिविधि करना और डॉक्टर की सलाह के अनुसार ब्लड शुगर की जांच करना महत्वपूर्ण है। हर व्यक्ति की जरूरत अलग होती है, इसलिए अपनी दवाओं और स्वास्थ्य स्थिति के अनुसार डाइट प्लान बनाने के लिए डॉक्टर या पंजीकृत आहार विशेषज्ञ की सलाह लें।

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