राजस्थान के जैसलमेर जिले में मंगलवार सुबह एक बड़ा हादसा टल गया, जब चलती स्कूल बस में अचानक भीषण आग लग गई। बस में करीब 25 बच्चे सवार थे, लेकिन ड्राइवर की सूझबूझ और त्वरित कार्रवाई के कारण सभी बच्चों को समय रहते सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया। कुछ ही मिनटों में आग ने पूरी बस को अपनी चपेट में ले लिया और वाहन पूरी तरह जलकर कबाड़ में तब्दील हो गया।
यह घटना धऊवा गांव के पास हुई, जहां एसएम पब्लिक स्कूल की बस बच्चों को लेकर स्कूल जा रही थी। शुरुआती जानकारी के अनुसार, आग लगने का कारण शॉर्ट सर्किट माना जा रहा है। हादसे में किसी बच्चे या स्टाफ के सदस्य के घायल होने की सूचना नहीं है।
इंजन से धुआं उठते ही ड्राइवर ने रोकी बस
जानकारी के मुताबिक, बस सुबह करीब 6:30 बजे पिथला गांव से बच्चों को लेकर जैसलमेर शहर से लगभग 12 किलोमीटर दूर डाबला रोड स्थित एसएम पब्लिक स्कूल की ओर जा रही थी। जब बस धऊवा गांव के पास पहुंची, तभी इंजन वाले हिस्से से अचानक धुआं निकलना शुरू हो गया।
स्थिति की गंभीरता को समझते हुए ड्राइवर ने तुरंत बस सड़क किनारे रोक दी और बिना घबराहट के सभी बच्चों को एक-एक कर सुरक्षित बाहर निकाल लिया। बच्चों के उतरते ही आग तेजी से फैल गई और कुछ ही देर में पूरी बस आग की लपटों में घिर गई।
आग का गोला बनी बस
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, धुआं उठने के कुछ ही मिनटों के भीतर आग ने बस के अधिकांश हिस्से को अपनी चपेट में ले लिया। स्थानीय लोगों ने तुरंत फायर ब्रिगेड को सूचना दी। नगरपरिषद की तीन दमकल गाड़ियां मौके पर पहुंचीं और काफी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया।
हालांकि, तब तक बस का बड़ा हिस्सा पूरी तरह जल चुका था। आग बुझने के बाद बस केवल लोहे के ढांचे के रूप में बची थी।
बच्चों का सामान जलकर राख
हादसे में बच्चों के स्कूल बैग, किताबें, कॉपियां और अन्य शैक्षणिक सामग्री जलकर पूरी तरह नष्ट हो गई। हालांकि, सबसे राहत की बात यह रही कि सभी बच्चे सुरक्षित हैं और किसी के घायल होने की सूचना नहीं मिली।
घटना के बाद बच्चों में कुछ समय के लिए दहशत का माहौल बन गया, लेकिन स्थानीय लोगों और स्कूल प्रशासन ने उन्हें सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया।
शॉर्ट सर्किट की आशंका
प्रारंभिक जांच में आग लगने की वजह शॉर्ट सर्किट बताई जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि इंजन के हिस्से से धुआं उठने के बाद आग तेजी से फैली। हालांकि, आग लगने के वास्तविक कारणों का पता लगाने के लिए विस्तृत जांच की जा रही है।
प्रशासन ने दिए जांच के आदेश
घटना की सूचना मिलने के बाद स्थानीय प्रशासन और पुलिस की टीम भी मौके पर पहुंची। अधिकारियों ने बस के तकनीकी परीक्षण और आग लगने के कारणों की जांच शुरू कर दी है। साथ ही स्कूल वाहनों की सुरक्षा व्यवस्था और फिटनेस जांच को लेकर भी निर्देश दिए जाने की संभावना है।
यह हादसा एक बार फिर स्कूल बसों की तकनीकी स्थिति और नियमित रखरखाव की आवश्यकता को उजागर करता है। विशेषज्ञों का मानना है कि स्कूल वाहनों की समय-समय पर फिटनेस जांच, इलेक्ट्रिकल सिस्टम की जांच और आपातकालीन सुरक्षा प्रशिक्षण ऐसे हादसों के जोखिम को काफी हद तक कम कर सकते हैं।
फिलहाल सभी बच्चे सुरक्षित हैं और प्रशासन पूरे मामले की जांच में जुटा हुआ है।

