1 Sep 2026, Tue

जन्माष्टमी पर मथुरा-वृंदावन में ट्रैफिक डायवर्जन लागू, 3 से 5 सितंबर तक नो एंट्री, श्रद्धालुओं के लिए QR कोड जारी

मथुरा: श्रीकृष्ण जन्माष्टमी के पर्व को लेकर मथुरा और वृंदावन में तैयारियां जोर-शोर से चल रही हैं। भगवान श्रीकृष्ण की जन्मस्थली मथुरा और उनकी लीला भूमि वृंदावन में इस बार बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना है। इसे देखते हुए प्रशासन और पुलिस ने यातायात व्यवस्था को लेकर विशेष प्लान तैयार किया है। श्रद्धालुओं की भीड़ को नियंत्रित करने और शहर में जाम की स्थिति से बचने के लिए 3 सितंबर से 5 सितंबर तक विशेष ट्रैफिक डायवर्जन और नो-एंट्री व्यवस्था लागू रहेगी।

प्रशासन का उद्देश्य है कि जन्माष्टमी के दौरान मंदिरों और प्रमुख धार्मिक स्थलों पर पहुंचने वाले श्रद्धालुओं को किसी तरह की परेशानी न हो। इसके लिए शहर के प्रमुख मार्गों पर वाहनों की आवाजाही को नियंत्रित किया जाएगा। बाहरी वाहनों को निर्धारित स्थानों पर रोककर पार्किंग की व्यवस्था की गई है। श्रद्धालुओं से अपील की गई है कि वे निजी वाहनों को भीड़भाड़ वाले इलाकों में ले जाने से बचें और प्रशासन की ओर से निर्धारित मार्गों तथा पार्किंग स्थलों का इस्तेमाल करें।

श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए जारी किया गया QR कोड

जन्माष्टमी के दौरान मथुरा-वृंदावन पहुंचने वाले श्रद्धालुओं को धार्मिक स्थलों और यातायात व्यवस्था से जुड़ी जानकारी आसानी से मिल सके, इसके लिए प्रशासन की ओर से QR कोड भी जारी किया गया है। इसे स्कैन करके श्रद्धालु प्रमुख मंदिरों के दर्शन समय, धार्मिक स्थलों की जानकारी और आयोजन से जुड़ी जरूरी व्यवस्थाओं के बारे में जानकारी हासिल कर सकेंगे।

प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे यातायात नियमों का पालन करें और किसी भी तरह की अफवाह पर भरोसा न करें। किसी भी महत्वपूर्ण सूचना के लिए प्रशासन और पुलिस की ओर से जारी आधिकारिक जानकारी को ही सही मानने की सलाह दी गई है।

जन्मभूमि मंदिर में आधी रात को होगा जन्मोत्सव

जन्माष्टमी के अवसर पर मथुरा स्थित श्रीकृष्ण जन्मभूमि परिसर में विशेष धार्मिक आयोजन किए जाएंगे। भगवान श्रीकृष्ण के जन्म का मुख्य उत्सव मध्यरात्रि के समय मनाया जाएगा। इस दौरान विशेष पूजा-अर्चना, अभिषेक, आरती और भगवान के भव्य श्रृंगार की परंपरा निभाई जाएगी।

मंदिर परिसर और आसपास के क्षेत्रों को आकर्षक रोशनी, फूलों और सजावट से सजाया जाएगा। श्रद्धालुओं के लिए भगवान श्रीकृष्ण के बाल स्वरूप और उनके जीवन से जुड़ी विभिन्न लीलाओं पर आधारित झांकियां भी आकर्षण का केंद्र रहेंगी।

वृंदावन में भी उमड़ेगा आस्था का सैलाब

जन्माष्टमी के मौके पर वृंदावन के प्रमुख मंदिरों में भी विशेष कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। मंदिरों में भजन-कीर्तन, पूजा-अर्चना और धार्मिक अनुष्ठानों का आयोजन होगा। कृष्ण की बाल लीलाओं, गोवर्धन पूजा, कालिया नाग मर्दन, माखन चोरी और रासलीला जैसे प्रसंगों को झांकियों के जरिए प्रस्तुत किया जाएगा।

जन्माष्टमी के दौरान मथुरा-वृंदावन में देश के अलग-अलग हिस्सों से श्रद्धालुओं के साथ विदेशों से आने वाले भक्तों की भी बड़ी संख्या रहने की उम्मीद है। इसी को ध्यान में रखते हुए सुरक्षा व्यवस्था भी मजबूत की जा रही है। पुलिसकर्मियों की अतिरिक्त तैनाती के साथ प्रमुख चौराहों, मंदिरों और भीड़ वाले क्षेत्रों में निगरानी बढ़ाई जाएगी।

प्रशासन ने श्रद्धालुओं से अपील की है कि वे यात्रा से पहले यातायात व्यवस्था की जानकारी जरूर लें और निर्धारित पार्किंग स्थलों का ही इस्तेमाल करें। जन्माष्टमी के दौरान व्यवस्था बनाए रखने में प्रशासन का सहयोग करने से श्रद्धालुओं को सुगम दर्शन और सुरक्षित यात्रा का लाभ मिल सकेगा।

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