11 Aug 2026, Tue

गौतम अदाणी को बड़ी राहत! अमेरिकी कोर्ट ने खारिज किए सभी क्रिमिनल चार्ज, 2 साल पुराना मामला खत्म

अदाणी ग्रुप के चेयरमैन गौतम अदाणी, उनके भतीजे सागर अदाणी और अदाणी ग्रीन एनर्जी के पूर्व CEO विनीत जैन को अमेरिका में चल रहे आपराधिक मामले में बड़ी राहत मिली है। अमेरिका की एक संघीय अदालत ने उनके खिलाफ दर्ज आपराधिक मामले को ‘with prejudice’ खारिज कर दिया है। इस कानूनी शब्द का अर्थ है कि इन्हीं आरोपों के आधार पर भविष्य में दोबारा वही आपराधिक मामला दर्ज नहीं किया जा सकता।

यह मामला पिछले करीब दो वर्षों से चर्चा में था और अमेरिकी न्याय विभाग (DoJ) की ओर से लगाए गए सिक्योरिटीज फ्रॉड और वायर फ्रॉड से जुड़े आरोपों पर आधारित था। हालांकि, अदालत ने अपने आदेश में आरोपों की सच्चाई या झूठ पर कोई फैसला नहीं दिया है।

अमेरिकी न्याय विभाग की अपील पर कोर्ट का फैसला

अमेरिकी डिस्ट्रिक्ट कोर्ट के जज निकोलस गारॉफिस ने न्याय विभाग की उस अपील को स्वीकार कर लिया, जिसमें गौतम अदाणी, सागर अदाणी और विनीत जैन के खिलाफ दर्ज आपराधिक मामला वापस लेने की मांग की गई थी। अदालत ने मामले को स्थायी रूप से खारिज करते हुए स्पष्ट किया कि इसे ‘with prejudice’ समाप्त किया जा रहा है।

फैसले से पहले जज ने अमेरिकी न्याय विभाग से यह स्पष्ट करने को कहा था कि वह आरोप वापस क्यों लेना चाहता है। सरकार की ओर से दायर जवाब में कहा गया कि मामले को आगे बढ़ाना न्याय के हित में नहीं होगा। इसके पीछे कानूनी जटिलताओं, सबूतों से जुड़ी चुनौतियों और अभियोजन पक्ष के आकलन जैसे कई कारण बताए गए।

क्या थे आरोप?

अमेरिकी अभियोजकों ने नवंबर 2024 में आरोप लगाया था कि अदाणी और अन्य संबंधित व्यक्तियों ने भारत में सौर ऊर्जा परियोजनाओं के ठेके हासिल करने के लिए लगभग 250 मिलियन डॉलर की रिश्वत देने की साजिश रची थी। जांच एजेंसियों का दावा था कि इस कथित साजिश के दौरान निवेशकों और बाजार से जुड़े पक्षों के साथ भ्रामक जानकारी साझा की गई।

इन आरोपों के आधार पर सिक्योरिटीज फ्रॉड और वायर फ्रॉड से जुड़े आपराधिक मामले दर्ज किए गए थे। हालांकि, अदाणी ग्रुप ने शुरुआत से ही सभी आरोपों को निराधार और बेबुनियाद बताया था।

दो साल बाद मिला बड़ा कानूनी लाभ

मामले के स्थायी रूप से खारिज होने से गौतम अदाणी और अन्य आरोपियों को महत्वपूर्ण कानूनी राहत मिली है। अब इन्हीं आरोपों और तथ्यों के आधार पर उनके खिलाफ वही आपराधिक मामला दोबारा नहीं चलाया जा सकेगा। यह फैसला अदाणी ग्रुप के लिए एक बड़ी कानूनी उपलब्धि माना जा रहा है।

हालांकि, कानूनी विशेषज्ञों का कहना है कि इस फैसले को ‘क्लीन चिट’ नहीं माना जाना चाहिए।

कोर्ट ने आरोपों पर फैसला नहीं दिया

महत्वपूर्ण बात यह है कि यह मामला ट्रायल तक पहुंचा ही नहीं। अदालत में न तो गवाहों की जिरह हुई और न ही अभियोजन और बचाव पक्ष के सबूतों की विस्तृत सुनवाई हुई। इसलिए अदालत ने यह नहीं कहा कि आरोप सही थे या गलत।

अदाणी ग्रुप ने पूरे मामले के दौरान यह रुख बनाए रखा कि उसने सभी कारोबारी गतिविधियां लागू कानूनों और नियमों के अनुसार की हैं। अदालत का फैसला मुख्य रूप से मामले को समाप्त करने की प्रक्रिया से संबंधित है, न कि आरोपों के गुण-दोष पर।

फिलहाल अमेरिकी अदालत के इस फैसले से गौतम अदाणी, सागर अदाणी और विनीत जैन को बड़ी राहत मिली है, जबकि बाजार और निवेशक इस घटनाक्रम को अदाणी ग्रुप के लिए एक महत्वपूर्ण कानूनी मोड़ के रूप में देख रहे हैं।

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