2 Sep 2026, Wed

एयर इंडिया से इस्तीफा दे रहे हैं अनुभवी पायलट, ALPA ने जताई चिंता, नोएल टाटा को लिखी चिट्ठी

एयर इंडिया और एयर इंडिया एक्सप्रेस में काम करने वाले अनुभवी पायलटों के इस्तीफे को लेकर चिंता बढ़ गई है। पायलटों के संगठन एयरलाइन पायलट्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया (ALPA India) ने इस मुद्दे पर टाटा ट्रस्ट्स के चेयरमैन नोएल टाटा को पत्र लिखकर स्थिति की स्वतंत्र समीक्षा कराने की मांग की है। संगठन का कहना है कि अनुभवी पायलटों के जाने का असर केवल कर्मचारियों की संख्या तक सीमित नहीं है, बल्कि इससे एयरलाइन के संचालन से जुड़ा महत्वपूर्ण अनुभव और संस्थागत ज्ञान भी प्रभावित हो सकता है।

अनुभवी पायलटों के जाने पर जताई चिंता

ALPA India के मुताबिक एयर इंडिया ग्रुप से अनुभवी कमांडर और वरिष्ठ पायलट लगातार इस्तीफा दे रहे हैं। संगठन ने इसके पीछे कई कारण बताए हैं। इनमें अपेक्षाओं के अनुरूप वेतन में बढ़ोतरी नहीं होना, कर्मचारियों को मिलने वाले लाभों में कमी, कामकाजी परिस्थितियों में बदलाव और जीवन की गुणवत्ता प्रभावित होना प्रमुख हैं।

एयर इंडिया ग्रुप की एयरलाइन कंपनियों में 5,000 से अधिक पायलट काम करते हैं। ऐसे में अनुभवी पायलटों का लगातार कंपनी छोड़ना संचालन और कर्मचारियों की स्थिरता के लिहाज से महत्वपूर्ण मुद्दा माना जा रहा है।

नोएल टाटा को पत्र लिखकर स्वतंत्र समीक्षा की मांग

पायलट संगठन ने 31 अगस्त को नोएल टाटा को पत्र भेजा। इसमें पायलटों के इस्तीफे के साथ-साथ सैलरी और कर्मचारियों को मिलने वाले लाभ, रोस्टर सिस्टम, थकान से जुड़े आंकड़ों और छुट्टियों जैसे कई विषयों की स्वतंत्र समीक्षा कराने का सुझाव दिया गया है।

संगठन का मानना है कि इन सभी पहलुओं की गहराई से समीक्षा करने से यह समझने में मदद मिल सकती है कि अनुभवी पायलटों के बीच असंतोष की वजह क्या है और उसे दूर करने के लिए किन कदमों की जरूरत है।

एयरबस और बोइंग के बीच ट्रांसफर पर भी सवाल

ALPA India ने पायलटों को एयरबस और बोइंग विमानों के बीच ट्रांसफर किए जाने की प्रक्रिया और उसकी गति को लेकर भी चिंता व्यक्त की है। संगठन के अनुसार, अलग-अलग प्रकार के विमानों पर काम करने के लिए पायलटों को पर्याप्त प्रशिक्षण और अनुभव हासिल करने का समय मिलना जरूरी है।

पायलटों के विमान प्रकार में बदलाव से जुड़े प्रशिक्षण और अनुकूलन की प्रक्रिया को पर्याप्त समय के साथ पूरा करना संचालन की सुरक्षा के लिए महत्वपूर्ण माना जाता है।

सेफ्टी और ट्रेनिंग सिस्टम की समीक्षा की जरूरत

संगठन ने इस साल हुई तीन घटनाओं का हवाला देते हुए एयरलाइन ग्रुप के सेफ्टी मैनेजमेंट सिस्टम, ट्रेनिंग व्यवस्था और कर्मचारियों से जुड़ी नीतियों की गहन समीक्षा की आवश्यकता बताई है।

हालांकि, ALPA India ने स्पष्ट किया कि औपचारिक जांच के नतीजे आने से पहले वह इन घटनाओं के लिए किसी पायलट को जिम्मेदार नहीं ठहरा रहा है। संगठन का कहना है कि सुरक्षा व्यवस्था ऐसी होनी चाहिए जो किसी घटना के बाद केवल प्रतिक्रिया देने के बजाय संभावित जोखिमों की पहले पहचान कर उन्हें रोकने में सक्षम हो।

इस पूरे मामले में अब यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि पायलटों की चिंताओं को दूर करने और अनुभवी कर्मचारियों को बनाए रखने के लिए एयरलाइन प्रबंधन की ओर से क्या कदम उठाए जाते हैं।

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