दिल्ली के सर्राफा बाजार में सोने और चांदी की कीमतों में गिरावट का सिलसिला लगातार जारी है। पिछले कुछ कारोबारी सत्रों में कीमती धातुओं पर भारी दबाव देखने को मिला है। 99.9 प्रतिशत शुद्धता वाले सोने की कीमत पांच दिनों में 8,900 रुपये प्रति 10 ग्राम घटकर 1,58,200 रुपये पर आ गई है। वहीं, चांदी के भाव में भी बड़ी गिरावट दर्ज की गई है और इसकी कीमत करीब 13,000 रुपये प्रति किलोग्राम तक टूट चुकी है।
कीमती धातुओं में आई इस गिरावट के पीछे अंतरराष्ट्रीय बाजार में उठापटक, कच्चे तेल की कीमतों में तेजी और महंगाई को लेकर बढ़ती चिंताओं को प्रमुख वजह माना जा रहा है।
25 अगस्त को 1.67 लाख रुपये के पार था सोना
दिल्ली के सर्राफा बाजार में 25 अगस्त को सोने की कीमतों में आखिरी बार तेजी देखने को मिली थी। उस दिन सोना 2,700 रुपये उछलकर 1,67,100 रुपये प्रति 10 ग्राम पर पहुंच गया था। यह लगातार चौथा कारोबारी दिन था, जब सोने के भाव में तेजी दर्ज की गई थी।
इसके बाद बाजार का रुख पूरी तरह बदल गया और सोने की कीमतों में लगातार गिरावट शुरू हो गई। कुछ ही कारोबारी सत्रों में सोने का भाव 1.67 लाख रुपये के स्तर से नीचे आ गया।
26 अगस्त से लगातार गिरावट
सोने की कीमतों में गिरावट का सिलसिला 26 अगस्त से शुरू हुआ। उस दिन भाव 600 रुपये घटकर 1,66,500 रुपये प्रति 10 ग्राम रह गया। इसके अगले दिन यानी 27 अगस्त को सोना 800 रुपये और सस्ता होकर 1,65,700 रुपये पर पहुंच गया।
28 अगस्त को सबसे बड़ी गिरावटों में से एक देखने को मिली, जब सोने का भाव 3,300 रुपये टूटकर 1,62,400 रुपये प्रति 10 ग्राम रह गया। इसके बाद 31 अगस्त को कीमत में 1,500 रुपये की और गिरावट आई और भाव 1,60,900 रुपये हो गया।
इसके बाद 1 सितंबर को सोने की कीमत 2,700 रुपये और टूट गई। इस गिरावट के साथ दिल्ली में सोने का भाव 1,58,200 रुपये प्रति 10 ग्राम रह गया।
क्यों गिर रहा है सोने का भाव?
सोने की कीमतों पर कई अंतरराष्ट्रीय घटनाक्रमों का असर पड़ रहा है। अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव के कारण कच्चे तेल की कीमतों में तेजी आई है। तेल महंगा होने से वैश्विक स्तर पर महंगाई बढ़ने की आशंका मजबूत हुई है।
महंगाई के बढ़ते दबाव के बीच निवेशकों की नजर अब ब्याज दरों की दिशा पर है। इसके अलावा वैश्विक बाजारों में भारी बिकवाली से भी सोने की कीमतों पर दबाव बढ़ा है। आमतौर पर सोने को सुरक्षित निवेश माना जाता है, लेकिन बाजार में तेज उतार-चढ़ाव के बीच निवेशकों की रणनीति बदलने से इसकी कीमत प्रभावित हो रही है।
चांदी भी 13 हजार रुपये तक टूटी
सोने के साथ-साथ चांदी में भी तेज गिरावट देखने को मिली है। 24 अगस्त को चांदी का भाव 2,53,500 रुपये प्रति किलोग्राम तक पहुंच गया था। उस समय चांदी करीब चार महीने के उच्चतम स्तर पर कारोबार कर रही थी।
इसके बाद चांदी की कीमतों में लगातार कमजोरी आई। 1 सितंबर को कारोबार खत्म होने तक चांदी का भाव कुल 13,000 रुपये प्रति किलोग्राम तक गिर चुका था। अकेले 1 सितंबर को चांदी 5,000 रुपये टूटकर 2,40,500 रुपये प्रति किलोग्राम पर आ गई।
इस तरह सोने और चांदी दोनों में लगातार गिरावट से बाजार में निवेशकों की नजर अब अगले कारोबारी सत्रों की दिशा पर बनी हुई है।

