24 Apr 2026, Fri

ऊधम सिंह नगर में अवैध धार्मिक संरचनाओं पर चला बुलडोजर, प्रशासन की बड़ी कार्रवाई

Udhamsingh Nagar Bulldozer Action: सिंचाई विभाग की जमीन पर बने अवैध धार्मिक ढांचे ध्वस्त, प्रशासन ने चलाया अभियान

उत्तराखंड के ऊधम सिंह नगर जिले में प्रशासन ने सरकारी भूमि पर अतिक्रमण के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए अवैध निर्माणों पर बुलडोजर चलाया है। गूलरभोज-दिनेशपुर क्षेत्र में तड़के सुबह एक साथ कई अवैध धार्मिक संरचनाओं को ध्वस्त कर दिया गया। इस कार्रवाई से पूरे इलाके में हलचल मच गई।

सिंचाई विभाग की जमीन पर था अवैध कब्जा

जिला प्रशासन के अनुसार ये सभी धार्मिक ढांचे सिंचाई विभाग की भूमि पर अवैध रूप से बनाए गए थे। करीब तीन महीने पहले किए गए सर्वे के बाद संबंधित लोगों को नोटिस जारी कर दस्तावेज प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए थे, लेकिन कब्जाधारियों द्वारा कोई वैध कागजात उपलब्ध नहीं कराए जा सके।

प्रशासन का कहना है कि यह स्पष्ट रूप से सरकारी जमीन पर अतिक्रमण का मामला था, जिसे लंबे समय से नजरअंदाज नहीं किया जा सकता था।

कोर्ट से भी नहीं मिली राहत

सूत्रों के मुताबिक ठंडा नाले क्षेत्र में भी इसी तरह के अवैध कब्जों पर नोटिस जारी किए गए थे। कुछ कब्जेदारों ने इस कार्रवाई को रोकने के लिए पहले हाईकोर्ट का रुख किया, लेकिन उन्हें वहां से राहत नहीं मिली।

इसके बाद मामला सुप्रीम कोर्ट तक पहुंचा, जहां से कुछ लोगों को स्थगन आदेश मिला, लेकिन धार्मिक संरचनाओं के मामले में कोई स्पष्ट रोक नहीं होने के कारण प्रशासन ने कार्रवाई को आगे बढ़ाया।

सुबह-सुबह चला बुलडोजर

जिला प्रशासन और सिंचाई विभाग की संयुक्त टीम ने भारी पुलिस बल की मौजूदगी में तड़के सुबह अभियान चलाया। इस दौरान तीन अवैध धार्मिक ढांचों को ध्वस्त कर दिया गया और पूरी जमीन को प्रशासन ने अपने कब्जे में ले लिया।

अचानक हुई इस कार्रवाई के चलते स्थानीय स्तर पर कुछ देर के लिए तनावपूर्ण स्थिति बनी रही, लेकिन पुलिस बल की तैनाती से हालात जल्द ही नियंत्रण में आ गए।

प्रशासन का सख्त रुख

जिलाधिकारी नितिन भदौरिया ने स्पष्ट कहा कि सरकारी जमीनों से अतिक्रमण हटाना राज्य सरकार की प्राथमिकता है और यह अभियान आगे भी जारी रहेगा। उन्होंने कहा कि किसी भी प्रकार के अवैध निर्माण को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

वहीं अपर जिलाधिकारी पंकज उपाध्याय ने बताया कि इन ढांचों के निर्माण के लिए न तो कोई प्रशासनिक अनुमति ली गई थी और न ही कोई वैध स्वामित्व दस्तावेज प्रस्तुत किए गए थे।

सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के तहत कार्रवाई

प्रशासन के अनुसार यह पूरी कार्रवाई सुप्रीम कोर्ट के दिशा-निर्देशों का पालन करते हुए की गई है। अधिकारियों ने साफ किया कि सरकारी जमीन पर अवैध कब्जों के खिलाफ जिले में अभियान लगातार जारी रहेगा।

निष्कर्ष

ऊधम सिंह नगर में हुई इस कार्रवाई के बाद प्रशासन ने यह संदेश दिया है कि सरकारी भूमि पर किसी भी प्रकार का अवैध निर्माण अब बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। आने वाले समय में अतिक्रमण हटाने की ऐसी और भी कार्रवाइयां देखने को मिल सकती हैं।

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