तमिलनाडु की राजनीति में इन दिनों बड़ा सियासी ड्रामा देखने को मिल रहा है। अभिनेता से नेता बने थलापति विजय और उनकी पार्टी तमिलगा वेत्री कड़गम (TVK) लगातार सुर्खियों में बनी हुई है। विधानसभा चुनावों में शानदार प्रदर्शन के बाद अब सरकार गठन को लेकर राज्य में राजनीतिक हलचल तेज हो गई है। इसी बीच अभिनेता और सामाजिक मुद्दों पर खुलकर राय रखने वाले प्रकाश राज ने विजय के समर्थन में बड़ा बयान देकर राजनीतिक बहस को और गर्म कर दिया है।
हाल ही में तमिलनाडु के राज्यपाल द्वारा विजय से बहुमत साबित करने को कहे जाने के बाद राजनीतिक गलियारों में चर्चा तेज हो गई। विपक्षी दलों और कई राजनीतिक विश्लेषकों ने राज्यपाल की भूमिका पर सवाल उठाए हैं। अब इस मुद्दे पर प्रकाश राज भी खुलकर विजय के समर्थन में सामने आ गए हैं। उन्होंने राज्यपाल के रवैये को “असंवैधानिक” और “अस्वीकार्य” बताया है।
प्रकाश राज ने क्या कहा?
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर प्रकाश राज ने एक पोस्ट शेयर करते हुए कहा कि लोकतंत्र में जनता के जनादेश का सम्मान होना चाहिए। उन्होंने लिखा कि भले ही उनके और विजय के बीच विचारधारात्मक मतभेद हो सकते हैं, लेकिन जनता ने विजय को समर्थन दिया है और उन्हें सरकार बनाने का पूरा अधिकार मिलना चाहिए।
प्रकाश राज ने अपने पोस्ट में कहा, “हमारे बीच मतभेद हो सकते हैं, लेकिन विजय को जनादेश मिला है। उन्हें सदन के पटल पर बहुमत साबित करने का अवसर दिया जाना चाहिए। राज्यपाल का व्यवहार घिनौना, अस्वीकार्य और असंवैधानिक है।”
उनके इस बयान के बाद सोशल मीडिया पर बहस और तेज हो गई है। विजय के समर्थक इसे लोकतंत्र की जीत बता रहे हैं, जबकि विरोधी दल इसे राजनीतिक दबाव की रणनीति कह रहे हैं।
सरकार गठन को लेकर बना हुआ है सस्पेंस
तमिलनाडु विधानसभा चुनाव में TVK ने शानदार प्रदर्शन करते हुए 108 सीटें हासिल की हैं। हालांकि पूर्ण बहुमत के आंकड़े से पार्टी अभी दूर बताई जा रही है। इसी वजह से सरकार गठन को लेकर लगातार चर्चाएं जारी हैं। राज्यपाल ने विजय और उनकी पार्टी से बहुमत वाले विधायकों का समर्थन साबित करने को कहा है।
सूत्रों के मुताबिक विजय जल्द ही राज्यपाल से मुलाकात कर समर्थन पत्र सौंप सकते हैं। वहीं दूसरी ओर DMK और AIADMK के बीच भी संभावित गठबंधन की चर्चाएं चल रही हैं, जिससे सियासी समीकरण लगातार बदलते नजर आ रहे हैं।
पहले कर चुके हैं विजय की आलोचना
दिलचस्प बात यह है कि प्रकाश राज पहले कई बार फिल्मी सितारों की राजनीति में एंट्री को लेकर सवाल उठा चुके हैं। उन्होंने अप्रत्यक्ष रूप से विजय की राजनीति में आने पर भी टिप्पणी की थी। उनका मानना रहा है कि केवल लोकप्रियता के दम पर राजनीति में सफल होना आसान नहीं होता।
हालांकि मौजूदा हालात में उन्होंने लोकतांत्रिक प्रक्रिया और जनता के फैसले का समर्थन करते हुए विजय के पक्ष में आवाज उठाई है। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि यह बयान तमिलनाडु की राजनीति में बड़ा असर डाल सकता है।
चेन्नई से दिल्ली तक चर्चा
विजय और राज्यपाल के बीच जारी इस राजनीतिक खींचतान पर अब राष्ट्रीय स्तर पर भी चर्चा शुरू हो गई है। कई वरिष्ठ पत्रकार और राजनीतिक विश्लेषक सवाल उठा रहे हैं कि जब कोई दूसरी पार्टी सरकार बनाने का दावा पेश नहीं कर रही, तो फिर विजय को सरकार गठन के लिए तुरंत मौका क्यों नहीं दिया जा रहा।
फिलहाल तमिलनाडु की राजनीति में सस्पेंस बरकरार है। अब सबकी नजरें विजय और राज्यपाल की संभावित मुलाकात पर टिकी हैं, जहां राज्य की अगली सरकार की तस्वीर काफी हद तक साफ हो सकती है।

