22 Aug 2026, Sat

उज्जैन में चला बुलडोजर, एक दर्जन से ज्यादा अवैध बिल्डिंग जमींदोज, महाकालेश्वर मंदिर के पास बेगम बाग में हुई कार्रवाई

उज्जैन। मध्य प्रदेश के उज्जैन में विश्व प्रसिद्ध महाकालेश्वर मंदिर के पास स्थित बेगम बाग इलाके में एक बार फिर ध्वस्तीकरण की कार्रवाई की गई। प्रशासन ने यहां करीब 15 इमारतों को जमींदोज कर दिया। कार्रवाई सुबह करीब 8 बजे शुरू हुई और सुरक्षा के मद्देनजर इलाके में बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया। बताया गया कि 50 से अधिक पुलिसकर्मियों की मौजूदगी में कार्रवाई पूरी की गई। इस दौरान किसी तरह के विरोध प्रदर्शन की सूचना नहीं है।

बेगम बाग क्षेत्र महाकाल मंदिर के पहुंच मार्ग के पास स्थित है और इसे संवेदनशील इलाका माना जाता है। कार्रवाई के दौरान श्रद्धालुओं और वाहनों की आवाजाही के लिए रास्ता बंद रखा गया और लोगों को वैकल्पिक मार्गों से भेजा गया।

15 से ज्यादा इमारतों पर हुई कार्रवाई

प्रशासन के मुताबिक, बेगम बाग में उज्जैन विकास प्राधिकरण (UผDA) की जमीन पर बनी उन इमारतों के खिलाफ कार्रवाई की जा रही है, जिनके संबंध में लंबे समय से कानूनी प्रक्रिया चल रही थी। सोमवार सुबह शुरू हुई कार्रवाई में करीब 15 इमारतों को हटाया गया।

बताया गया कि इस इलाके में पिछले करीब एक साल के दौरान अलग-अलग चरणों में पहले भी कार्रवाई की जा चुकी है। उस दौरान करीब 72 इमारतों को ध्वस्त किया गया था। पिछली कार्रवाई के दौरान विरोध की स्थिति भी बनी थी, लेकिन इस बार कार्रवाई शांतिपूर्ण तरीके से पूरी हुई।

1985 में 30 साल की लीज पर दिए गए थे भूखंड

पूरे मामले की शुरुआत वर्ष 1985 से बताई जा रही है। उज्जैन विकास प्राधिकरण ने बेगम बाग क्षेत्र में कुल 48 भूखंड आवासीय उपयोग के लिए 30 साल की लीज पर दिए थे। प्रत्येक भूखंड का क्षेत्रफल करीब 2,400 वर्गफीट बताया गया है।

प्राधिकरण का आरोप है कि इन भूखंडों का इस्तेमाल आवासीय उद्देश्य के बजाय व्यावसायिक गतिविधियों के लिए किया गया। वहीं, 30 साल की लीज अवधि भी वर्ष 2014-15 में समाप्त हो गई थी। इसके बाद लीज का नवीनीकरण नहीं कराया गया।

नोटिस के बाद मामला पहुंचा अदालत

लीज समाप्त होने और नियमों के कथित उल्लंघन के बाद उज्जैन विकास प्राधिकरण की ओर से संबंधित भूखंड धारकों को नोटिस जारी किए गए। वर्ष 2023-24 में प्राधिकरण ने कई भूखंडों की लीज समाप्त कर दी। इसके खिलाफ संबंधित लोग अदालत पहुंचे।

मामले में अलग-अलग स्तरों पर कानूनी प्रक्रिया चली। बताया गया कि निचली अदालत से लेकर हाई कोर्ट और सुप्रीम कोर्ट तक मामले पहुंचे। संबंधित पक्षों को मिले स्टे के कारण कुछ समय तक कार्रवाई रुकी रही। अब न्यायालय से राहत नहीं मिलने के बाद प्रशासन की ओर से ध्वस्तीकरण की कार्रवाई आगे बढ़ाई जा रही है।

106 में से 86 इमारतें हटाई गईं

प्रशासन के अनुसार, मूल रूप से 48 भूखंडों पर बाद में अलग-अलग हिस्से करके करीब 106 इमारतें बना दी गईं। इनमें से अब तक करीब 86 इमारतों को ध्वस्त किया जा चुका है। शेष करीब 20 इमारतों के खिलाफ भी कानूनी प्रक्रिया पूरी होने के बाद कार्रवाई किए जाने की बात कही गई है।

सुरक्षा के कड़े इंतजाम

बेगम बाग को संवेदनशील क्षेत्र मानते हुए कार्रवाई के दौरान भारी पुलिस बल तैनात रहा। महाकाल मंदिर की ओर जाने वाले मार्ग पर आम लोगों और वाहनों की आवाजाही को अस्थायी रूप से रोका गया। प्रशासन ने कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए इलाके में निगरानी बढ़ाई।

फिलहाल प्रशासन का कहना है कि जिन इमारतों के खिलाफ कानूनी प्रक्रिया पूरी हो चुकी है, उन्हीं पर कार्रवाई की जा रही है। शेष मामलों में भी अदालत और संबंधित विभागों की प्रक्रिया के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

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