देश के कई हिस्सों में मौसम एक बार फिर करवट लेने वाला है। कई राज्यों में बारिश, गरज-चमक और तेज हवाओं का दौर देखने को मिल सकता है। पहाड़ी क्षेत्रों में बारिश के साथ ऊंचाई वाले इलाकों में बर्फबारी की भी संभावना जताई गई है। मौसम में यह बदलाव कई सक्रिय मौसमी प्रणालियों के प्रभाव के कारण देखने को मिल रहा है। उत्तर भारत के अलावा मध्य भारत, पूर्वी और पूर्वोत्तर राज्यों तथा दक्षिण प्रायद्वीपीय हिस्सों में भी कुछ स्थानों पर बारिश और आंधी की गतिविधियां हो सकती हैं।
राजधानी क्षेत्र में मंगलवार को आसमान में बादल छाए रहने की संभावना है। कुछ इलाकों में हल्की बारिश या बूंदाबांदी भी हो सकती है। हालांकि दिन के तापमान में बहुत ज्यादा गिरावट की उम्मीद नहीं है। अधिकतम तापमान करीब 36 डिग्री सेल्सियस के आसपास रह सकता है। सुबह के समय अलग-अलग मौसम केंद्रों पर न्यूनतम तापमान में भी अंतर दर्ज किया गया।
उत्तर भारत के पर्वतीय राज्यों में अगले कुछ दिनों तक मौसम सक्रिय रहने का अनुमान है। जम्मू-कश्मीर, लद्दाख, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड के कई हिस्सों में बारिश का दौर जारी रह सकता है। कुछ स्थानों पर गरज-चमक के साथ तेज हवाएं चलने की संभावना है। इन क्षेत्रों में हवा की रफ्तार 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है। मैदानी इलाकों में भी कुछ जगहों पर बारिश, आंधी और आकाशीय बिजली गिरने की स्थिति बन सकती है।
पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़, दिल्ली और उत्तर प्रदेश के कुछ हिस्सों में भी मौसम बदलने के आसार हैं। इन क्षेत्रों में कहीं-कहीं हल्की बारिश के साथ तेज हवाएं और गरज-चमक हो सकती है। वहीं जम्मू-कश्मीर और आसपास के पर्वतीय इलाकों में 6 से 9 अक्टूबर के बीच कई स्थानों पर व्यापक बारिश होने की संभावना है।
उत्तराखंड में मौसम को लेकर विशेष सतर्कता बरतने की सलाह दी गई है। राज्य के कई जिलों में 6 और 7 अक्टूबर को मध्यम बारिश के साथ तेज गर्जना हो सकती है। नैनीताल, चंपावत, अल्मोड़ा, देहरादून, टिहरी और पौड़ी समेत कई क्षेत्रों में मौसम खराब रहने की संभावना है। कुछ जिलों में 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं। आकाशीय बिजली गिरने की आशंका को देखते हुए भी लोगों को सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।
पर्वतीय इलाकों में बारिश के साथ बर्फबारी भी देखने को मिल सकती है। 6 से 8 अक्टूबर के दौरान करीब 4200 मीटर और उससे अधिक ऊंचाई वाले क्षेत्रों में बर्फबारी की संभावना है। इसके बाद 9 से 11 अक्टूबर के बीच करीब 3800 मीटर की ऊंचाई वाले इलाकों में भी बर्फ गिर सकती है। ऐसे में ऊंचाई वाले क्षेत्रों में जाने वाले पर्यटकों और स्थानीय लोगों को मौसम की स्थिति देखकर ही यात्रा करने की सलाह दी गई है।
मौसम विभाग ने उत्तराखंड के लिए 6 से 11 अक्टूबर तक येलो अलर्ट जारी किया है। मौसम में बदलाव के दौरान पहाड़ी क्षेत्रों में भूस्खलन, सड़क बाधित होने और दृश्यता प्रभावित होने जैसी परेशानियां भी सामने आ सकती हैं। ऐसे में लोगों को मौसम संबंधी चेतावनियों पर नजर रखने और खराब मौसम के दौरान अनावश्यक यात्रा से बचने की सलाह दी गई है।

