ईरान पर हालिया अमेरिकी हमलों के बाद पश्चिम एशिया में तनाव एक बार फिर गहरा गया है। इस बीच अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू से फोन पर बातचीत की और उन्हें खाड़ी क्षेत्र में अमेरिकी गतिविधियों की जानकारी दी। इजरायली प्रधानमंत्री कार्यालय की ओर से जारी बयान के अनुसार, दोनों नेताओं ने क्षेत्रीय सुरक्षा, ईरान की जवाबी कार्रवाई और इजरायल की सीमाओं से जुड़े मुद्दों पर चर्चा की।
इजरायली प्रधानमंत्री कार्यालय ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर जानकारी देते हुए बताया कि राष्ट्रपति ट्रंप ने प्रधानमंत्री नेतन्याहू को खाड़ी क्षेत्र में अमेरिकी कदमों से अवगत कराया। बातचीत के दौरान नेतन्याहू ने तुर्किये के राष्ट्रपति रेसेप तैयप एर्दोगन और उनके समर्थकों द्वारा इजरायल के खिलाफ दिए गए बयानों को गंभीर बताया। उन्होंने इजरायल की सीमाओं पर सुरक्षा क्षेत्रों की जरूरत पर भी जोर दिया।
यह बातचीत ऐसे समय में हुई है जब अमेरिका और ईरान के बीच तनाव लगातार बढ़ता जा रहा है। हाल ही में अमेरिका ने ईरान पर हमले किए थे, जिसके जवाब में ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स यानी IRGC ने अमेरिकी ठिकानों को निशाना बनाने का दावा किया। ईरानी सरकारी मीडिया के अनुसार, IRGC ने उत्तरी जॉर्डन के अल-अजराक एयरबेस पर 10 बैलिस्टिक मिसाइलें दागीं। ईरान ने इस ठिकाने को पश्चिम एशिया में अमेरिका का “कमांड एंड कंट्रोल सेंटर” बताया।
IRGC के बयान में कहा गया कि यह हमला अमेरिका द्वारा ईरान पर किए गए कथित आक्रमण के जवाब में की गई कार्रवाई का अगला चरण है। ईरान ने चेतावनी दी है कि अगर अमेरिका ने फिर से सैन्य कार्रवाई की, तो क्षेत्र में मौजूद अन्य अमेरिकी ठिकानों को भी निशाना बनाया जाएगा। IRGC ने कहा कि अमेरिकी सैन्य ठिकाने उसकी जवाबी कार्रवाई से सुरक्षित नहीं रहेंगे।
इस बीच जॉर्डन ने पुष्टि की है कि ईरान की ओर से दागी गई मिसाइलों के उसके हवाई क्षेत्र में प्रवेश करने के बाद एयर रेड सायरन सक्रिय कर दिए गए थे। क्षेत्र में बढ़ते खतरे को देखते हुए सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट पर हैं। अमेरिका से जुड़े ठिकानों और खाड़ी देशों में सैन्य प्रतिष्ठानों की सुरक्षा बढ़ाई गई है।
ईरान की जवाबी कार्रवाई से पश्चिम एशिया में पहले से नाजुक स्थिति और गंभीर हो गई है। खाड़ी क्षेत्र में अमेरिकी सैन्य मौजूदगी, इजरायल की सुरक्षा चिंताएं और ईरान की चेतावनियां मिलकर एक बड़े क्षेत्रीय संकट की आशंका बढ़ा रही हैं। कई देशों ने हालात को नियंत्रण में रखने और तनाव कम करने की अपील की है।
फिलहाल दुनिया की नजर अमेरिका, ईरान और इजरायल के अगले कदमों पर टिकी है। ट्रंप और नेतन्याहू की बातचीत से साफ है कि दोनों देश क्षेत्रीय हालात पर करीबी समन्वय बनाए हुए हैं। वहीं ईरान की मिसाइल कार्रवाई ने यह संकेत दे दिया है कि आने वाले दिनों में खाड़ी क्षेत्र में तनाव और बढ़ सकता है।

