26 May 2026, Tue

ईरान के साथ डील की तैयारी में ट्रंप, कहा- “हमारा समझौता ओबामा जैसा नहीं होगा”

अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump ने एक बार फिर ईरान के साथ संभावित समझौते को लेकर बड़ा बयान दिया है। ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म Truth Social पर पोस्ट करते हुए दावा किया कि अगर उनकी सरकार ईरान के साथ कोई समझौता करती है, तो वह पूर्व राष्ट्रपति Barack Obama के समय हुए परमाणु समझौते से बिल्कुल अलग और बेहतर होगा।

ट्रंप ने अपने पोस्ट में लिखा, “अगर मैं ईरान के साथ कोई समझौता करता हूं, तो वह एक अच्छा और उचित समझौता होगा, वैसा नहीं जैसा ओबामा ने किया था। हमारा समझौता उसके बिल्कुल विपरीत है।” उन्होंने यह भी कहा कि अभी तक इस प्रस्तावित समझौते को किसी ने देखा नहीं है और बातचीत भी पूरी तरह खत्म नहीं हुई है।

ट्रंप के इस बयान ने अंतरराष्ट्रीय राजनीति में नई हलचल पैदा कर दी है। पिछले कुछ दिनों से अमेरिका और ईरान के बीच बातचीत को लेकर कई तरह की अटकलें लगाई जा रही थीं। ट्रंप ने यह भी संकेत दिया कि दोनों देशों के बीच शांति समझौते पर बातचीत काफी हद तक आगे बढ़ चुकी है, लेकिन अभी अंतिम सहमति बनना बाकी है।

अमेरिकी राष्ट्रपति ने साफ कहा कि वह इस समझौते को लेकर किसी प्रकार की जल्दबाजी नहीं करना चाहते। उनके अनुसार, अमेरिका और ईरान के बीच बातचीत “बेहद व्यवस्थित और रचनात्मक” तरीके से आगे बढ़ रही है। उन्होंने अपने वार्ताकारों को निर्देश दिया है कि समझौते को अंतिम रूप देने में कोई जल्दबाजी न दिखाई जाए।

ट्रंप ने कहा, “दोनों पक्षों को उचित समय लेना चाहिए और इसे सही तरीके से करना चाहिए। कोई गलती नहीं होनी चाहिए। फिलहाल समय अमेरिका के पक्ष में है।” उनके इस बयान से साफ संकेत मिलता है कि अमेरिका ईरान पर दबाव बनाए रखते हुए बातचीत को आगे बढ़ाना चाहता है।

इस दौरान ट्रंप ने Strait of Hormuz को लेकर भी बड़ा बयान दिया। उन्होंने कहा कि जब तक समझौते पर अंतिम हस्ताक्षर नहीं हो जाते, तब तक स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में जहाजों की अमेरिकी नाकाबंदी जारी रहेगी। गौरतलब है कि यह समुद्री मार्ग वैश्विक तेल सप्लाई के लिए बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है और यहां तनाव बढ़ने से दुनिया भर में कच्चे तेल की कीमतों पर असर पड़ता है।

ट्रंप ने अपने बयान में ईरान को Abraham Accords में शामिल होने का न्योता भी दिया। यह समझौता इजराइल और कई अरब देशों के बीच राजनयिक और सुरक्षा संबंध स्थापित करने के उद्देश्य से किया गया था। ट्रंप ने कहा कि ईरान के साथ अमेरिका के संबंध अब पहले की तुलना में अधिक पेशेवर और फलदायी हो रहे हैं।

हालांकि उन्होंने दोहराया कि अमेरिका किसी भी स्थिति में ईरान को परमाणु हथियार विकसित करने या खरीदने की अनुमति नहीं देगा। ट्रंप ने कहा, “ईरान को यह समझना होगा कि वह परमाणु हथियार या बम न तो बना सकता है और न ही खरीद सकता है।”

विशेषज्ञों का मानना है कि ट्रंप का यह बयान मध्य-पूर्व की राजनीति और वैश्विक ऊर्जा बाजार दोनों पर बड़ा असर डाल सकता है। आने वाले दिनों में अमेरिका और ईरान के बीच बातचीत किस दिशा में जाती है, इस पर पूरी दुनिया की नजर बनी हुई है।

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