26 Apr 2026, Sun

इसोफेगस कैंसर बन रहा है ‘साइलेंट’ खतरा, जान लें भोजन नली में कैंसर होने पर क्या लक्षण दिखते हैं, किसे है सबसे बड़ा रिस्क

Esophagus Cancer Symptoms: निगलने में दिक्कत को न करें नजरअंदाज, जानिए भोजन नली के कैंसर के शुरुआती संकेत

भारत समेत दुनिया भर में कैंसर के मामलों में तेजी से वृद्धि हो रही है। इन्हीं में एक खतरनाक लेकिन अक्सर नजरअंदाज किया जाने वाला कैंसर है Esophageal Cancer, जिसे आम भाषा में भोजन नली का कैंसर कहा जाता है। अप्रैल महीने को इस बीमारी के प्रति जागरूकता फैलाने के लिए विशेष रूप से मनाया जाता है, क्योंकि यह कैंसर शुरुआती चरण में स्पष्ट लक्षण नहीं दिखाता और धीरे-धीरे गंभीर रूप ले लेता है।

क्या है इसोफेगस कैंसर?

इसोफेगस यानी भोजन नली वह पाइप होती है, जो मुंह से पेट तक खाना पहुंचाती है। जब इस नली की कोशिकाएं असामान्य रूप से बढ़ने लगती हैं, तो कैंसर विकसित हो सकता है। इस बीमारी को “साइलेंट किलर” भी कहा जाता है, क्योंकि इसके लक्षण शुरुआत में बहुत हल्के होते हैं और अक्सर लोग इन्हें सामान्य समस्या समझकर नजरअंदाज कर देते हैं।

मुख्य कारण और जोखिम कारक

विशेषज्ञों के अनुसार, इस कैंसर के पीछे सबसे बड़ा कारण खराब लाइफस्टाइल है। तंबाकू और शराब का सेवन इसका प्रमुख जोखिम कारक माना जाता है। चाहे धूम्रपान हो या गुटखा-पान मसाला, तंबाकू के हानिकारक तत्व भोजन नली की परत को नुकसान पहुंचाते हैं। जब इसके साथ शराब का सेवन भी किया जाता है, तो खतरा कई गुना बढ़ जाता है।

इसके अलावा कुछ अन्य स्वास्थ्य स्थितियां भी जोखिम बढ़ाती हैं, जैसे GERD (गैस्ट्रोइसोफेगल रिफ्लक्स डिजीज), जिसमें पेट का एसिड बार-बार भोजन नली में पहुंचता है। लंबे समय तक यह समस्या रहने पर Barrett’s Esophagus विकसित हो सकता है, जो कैंसर में बदलने की संभावना रखता है।

खराब खान-पान, ताजे फल-सब्जियों की कमी, मोटापा, कुपोषण और बहुत ज्यादा गर्म पेय पदार्थों का सेवन भी इस बीमारी के जोखिम को बढ़ाते हैं।

शुरुआती लक्षण जिन्हें नजरअंदाज न करें

इसोफेगस कैंसर के लक्षण शुरुआत में बेहद सामान्य लग सकते हैं, लेकिन इन्हें हल्के में लेना खतरनाक हो सकता है। सबसे आम लक्षण है निगलने में दिक्कत होना। कई लोगों को ऐसा महसूस होता है कि खाना गले में अटक रहा है या नीचे नहीं जा रहा।

इसके अलावा तेजी से वजन कम होना, गले में दर्द या जलन, लगातार खांसी, आवाज में बदलाव और सीने में असहजता जैसे लक्षण भी दिखाई दे सकते हैं। ये लक्षण कई बार अन्य बीमारियों जैसे गले के संक्रमण से मिलते-जुलते होते हैं, जिससे पहचान में देरी हो जाती है।

कब करें डॉक्टर से संपर्क?

अगर किसी व्यक्ति को लंबे समय तक निगलने में दिक्कत, गले में असहजता या लगातार खांसी जैसी समस्याएं बनी रहती हैं, तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए। खासतौर पर जो लोग तंबाकू या शराब का सेवन करते हैं, उन्हें इन लक्षणों को बिल्कुल भी नजरअंदाज नहीं करना चाहिए।

समय पर पहचान ही बचाव

डॉक्टरों का मानना है कि इस कैंसर का समय रहते पता चल जाए तो इलाज संभव है और मरीज की जान बचाई जा सकती है। इसलिए जरूरी है कि शरीर में हो रहे छोटे-छोटे बदलावों पर ध्यान दिया जाए और समय पर जांच कराई जाए।

निष्कर्ष: भोजन नली का कैंसर एक गंभीर लेकिन जागरूकता से नियंत्रित किया जा सकने वाला रोग है। स्वस्थ जीवनशैली अपनाकर और शुरुआती लक्षणों को पहचानकर इस खतरे से बचा जा सकता है।

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