गायों को अक्सर केवल पालतू पशु के रूप में देखा जाता है, लेकिन हाल ही में सामने आई एक वैज्ञानिक रिसर्च ने यह साबित कर दिया है कि गायें भी इंसानों की तरह भावनाओं को समझती और महसूस करती हैं। ब्रिटेन में हुई एक रिसर्च के मुताबिक, गायें भी अपने खास दोस्त यानी “Best Friend” बनाती हैं और उनसे गहरा भावनात्मक जुड़ाव रखती हैं। इतना ही नहीं, जब ये अपने पसंदीदा साथी से अलग होती हैं तो उन्हें तनाव और डिप्रेशन जैसी स्थिति का सामना भी करना पड़ता है।
यह शोध पशुओं की भावनात्मक दुनिया को समझने की दिशा में बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है। वैज्ञानिकों का कहना है कि गायें केवल सामाजिक प्राणी ही नहीं, बल्कि बेहद संवेदनशील भी होती हैं। वे अपने समूह में कुछ खास साथियों को पसंद करती हैं और उन्हीं के साथ अधिक समय बिताना पसंद करती हैं।
ब्रिटेन की Northampton University की शोधकर्ता क्रिस्टा मैकलेनन द्वारा किए गए इस अध्ययन में गायों के व्यवहार और उनकी भावनात्मक प्रतिक्रियाओं का गहराई से विश्लेषण किया गया। रिसर्च के दौरान वैज्ञानिकों ने पाया कि गायें अपने झुंड में कुछ खास गायों के साथ मजबूत दोस्ती विकसित कर लेती हैं। ये दोस्ती इंसानों की दोस्ती की तरह ही भरोसे और आराम पर आधारित होती है।
शोध के दौरान जब गायों को उनके पसंदीदा साथी के साथ रखा गया, तब वे सामान्य और शांत दिखाई दीं। उनकी दिल की धड़कन सामान्य रही और वे तनावमुक्त नजर आईं। वहीं जब उन्हें किसी अनजान गाय के साथ रखा गया, तो उनके व्यवहार में बदलाव देखा गया। वैज्ञानिकों ने पाया कि ऐसी स्थिति में गायों की हृदय गति बढ़ गई और उनमें तनाव के संकेत दिखाई देने लगे।
रिसर्च में यह भी सामने आया कि अपने खास साथी से अलग होने पर गायों के खाने-पीने की आदतों पर नकारात्मक असर पड़ता है। कई मामलों में दूध उत्पादन भी कम हो गया। विशेषज्ञों के अनुसार, यह संकेत है कि गायें भी भावनात्मक रूप से जुड़ाव महसूस करती हैं और सामाजिक संबंध उनके मानसिक स्वास्थ्य को प्रभावित करते हैं।
वैज्ञानिकों का मानना है कि यह अध्ययन Animal Welfare और Dairy Management के लिए बेहद महत्वपूर्ण है। इससे यह समझने में मदद मिलती है कि पशुओं की देखभाल केवल शारीरिक जरूरतों तक सीमित नहीं होनी चाहिए, बल्कि उनकी भावनात्मक जरूरतों का भी ध्यान रखना जरूरी है।
आज के समय में डेयरी उद्योग में बड़ी संख्या में गायों को समूहों में रखा जाता है। ऐसे में यदि उनके सामाजिक संबंधों और पसंद-नापसंद को समझा जाए, तो उनकी सेहत और उत्पादकता दोनों बेहतर हो सकती हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि यदि गायों को उनके पसंदीदा साथियों के साथ रखा जाए, तो वे ज्यादा स्वस्थ और शांत रहती हैं।
यह शोध इस बात का भी प्रमाण है कि जानवरों में भावनाएं और सामाजिक संबंध इंसानों से कहीं अधिक मिलते-जुलते हैं, जितना हम सोचते हैं। गायों की यह भावनात्मक क्षमता उन्हें केवल एक पालतू पशु नहीं, बल्कि संवेदनशील जीव के रूप में देखने की जरूरत को भी उजागर करती है।
इस रिसर्च के बाद अब पशु व्यवहार और उनकी भावनाओं को लेकर दुनिया भर में नई चर्चाएं शुरू हो गई हैं। वैज्ञानिकों का मानना है कि आने वाले समय में ऐसे और शोध पशुओं की मानसिक दुनिया को बेहतर ढंग से समझने में मदद करेंगे।

