सोशल मीडिया पर इन दिनों एक महिला टूरिस्ट का वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें उसने भारत और चीन की साफ-सफाई को लेकर अपनी राय साझा की है। वीडियो में महिला ने कहा कि किसी देश की स्वच्छता केवल सरकार की जिम्मेदारी नहीं होती, बल्कि नागरिकों के व्यवहार और सिविक सेंस का भी इसमें बड़ा योगदान होता है। महिला के इस बयान पर सोशल मीडिया यूजर्स भी जमकर प्रतिक्रिया दे रहे हैं।
वीडियो में महिला टूरिस्ट ने चीन की साफ-सफाई व्यवस्था की तारीफ करते हुए कहा कि वहां लोग सार्वजनिक स्थानों पर कूड़ा नहीं फैलाते और कूड़ेदानों का सही तरीके से इस्तेमाल करते हैं। उसने कहा कि चीन में स्वच्छता केवल सरकारी नियमों तक सीमित नहीं है, बल्कि वहां के लोगों की आदत और जिम्मेदारी बन चुकी है।
महिला ने कहा, “चीन और भारत के बीच सबसे बड़ा अंतर सिर्फ सरकारी कार्रवाई का नहीं, बल्कि जन व्यवहार का है। चीन में लोग हर समय सफाई बनाए रखते हैं और सार्वजनिक स्थानों को गंदा नहीं करते। वहां लोग अपने आसपास की जगह को साफ रखना अपनी जिम्मेदारी समझते हैं।”
वीडियो में उसने यह भी कहा कि स्वच्छता केवल नीति का हिस्सा नहीं हो सकती, बल्कि यह हर नागरिक की व्यक्तिगत जिम्मेदारी होनी चाहिए। उसने लोगों से अपील करते हुए कहा कि यदि हर व्यक्ति अपने आसपास सफाई रखने की आदत विकसित कर ले, तो किसी भी शहर या देश को स्वच्छ बनाया जा सकता है।
इस वीडियो को सोशल मीडिया पर शेयर करते हुए कैप्शन में लिखा गया, “हम कई चीजों के लिए सरकार को दोष देते हैं, लेकिन हमें यह भी सोचना चाहिए कि हम खुद कितने जिम्मेदार नागरिक हैं। सिविक सेंस हर व्यक्ति के लिए जरूरी है।”
वीडियो वायरल होने के बाद सोशल मीडिया पर लोगों ने इस मुद्दे पर खुलकर अपनी राय रखी। कई यूजर्स ने माना कि भारत में स्वच्छता को लेकर लोगों की सोच में बदलाव की जरूरत है। एक यूजर ने लिखा, “हम हर चीज के लिए सरकार को दोष नहीं दे सकते। अगर लोग खुद जिम्मेदारी लें, तो देश बहुत साफ हो सकता है।”
दूसरे यूजर ने कहा, “सिविक सेंस की शिक्षा स्कूल स्तर से ही शुरू होनी चाहिए। जब तक बच्चों को बचपन से सार्वजनिक स्वच्छता की आदत नहीं सिखाई जाएगी, तब तक बदलाव मुश्किल है।”
एक अन्य यूजर ने लिखा, “जनसंख्या समस्या नहीं है, मानसिकता समस्या है। चीन इस बात का उदाहरण है कि अनुशासन और जिम्मेदारी से बड़े बदलाव संभव हैं।” वहीं कुछ लोगों ने सुझाव दिया कि स्वच्छता नियमों के उल्लंघन पर सख्त जुर्माना लगाया जाना चाहिए, ताकि लोग सार्वजनिक स्थानों को गंदा करने से बचें।
भारत में पिछले कुछ वर्षों में ‘स्वच्छ भारत अभियान’ के जरिए सफाई को लेकर बड़े स्तर पर जागरूकता फैलाने की कोशिश की गई है। कई शहरों में सफाई व्यवस्था बेहतर भी हुई है, लेकिन विशेषज्ञों का मानना है कि केवल सरकारी अभियान काफी नहीं हैं। जब तक आम नागरिक अपनी जिम्मेदारी नहीं समझेंगे, तब तक स्थायी बदलाव संभव नहीं होगा।
यह वायरल वीडियो एक बार फिर यह सोचने पर मजबूर करता है कि स्वच्छता केवल सरकार की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि हर नागरिक का कर्तव्य है। यदि लोग अपने व्यवहार में छोटे-छोटे बदलाव करें, तो देश की तस्वीर काफी हद तक बदल सकती है।

