मानसून का मौसम अपने साथ ठंडक और राहत तो लाता है, लेकिन कई संक्रामक बीमारियों का खतरा भी बढ़ा देता है। इन्हीं में से एक है कंजंक्टिवाइटिस, जिसे आम भाषा में पिंक आई भी कहा जाता है। इस मौसम में आंखों का लाल होना, खुजली, जलन, पानी आना या आंख चिपक जाना जैसी समस्याएं सामान्य नहीं मानी जानी चाहिए। विशेषज्ञों के अनुसार, ये वायरल कंजंक्टिवाइटिस के शुरुआती लक्षण हो सकते हैं। समय पर इलाज न मिलने पर यह संक्रमण परिवार के अन्य सदस्यों तक भी आसानी से फैल सकता है।
शारदा हॉस्पिटल के इंटरनल मेडिसिन विभाग के प्रोफेसर डॉ. भुमेश त्यागी के अनुसार, वायरल कंजंक्टिवाइटिस सबसे आम और तेजी से फैलने वाला संक्रमण है। यह किसी संक्रमित व्यक्ति के सीधे संपर्क, गंदे हाथों, तौलिया, तकिए का कवर, रुमाल, मोबाइल फोन या बार-बार आंखों को छूने से फैल सकता है। हालांकि, यह धारणा गलत है कि केवल किसी संक्रमित व्यक्ति की आंखों में देखने से यह बीमारी फैल जाती है।
विशेषज्ञ बताते हैं कि संक्रमण की शुरुआत अक्सर एक आंख से होती है और कुछ दिनों के भीतर दूसरी आंख भी प्रभावित हो सकती है। स्कूल जाने वाले बच्चों में यह संक्रमण तेजी से फैलता है, क्योंकि वे एक-दूसरे के संपर्क में अधिक रहते हैं। यदि घर में किसी एक सदस्य को कंजंक्टिवाइटिस हो जाए तो अन्य लोगों को भी अतिरिक्त सावधानी बरतनी चाहिए।
कंजंक्टिवाइटिस के प्रमुख लक्षण
इस संक्रमण में आंखें लाल या गुलाबी दिखाई देने लगती हैं। इसके साथ आंखों में खुजली, जलन, लगातार पानी आना, गाढ़ा स्राव निकलना, पलकों पर पपड़ी जमना और सुबह उठने पर आंखों का चिपक जाना आम लक्षण हैं। कई मरीजों को आंखों में किरकिरापन महसूस होता है और तेज रोशनी से परेशानी भी बढ़ जाती है।
संक्रमण कितने दिन तक रहता है?
आमतौर पर वायरल कंजंक्टिवाइटिस 7 से 14 दिनों तक रह सकता है। संक्रमण फैलने का खतरा शुरुआती 3 से 5 दिनों में सबसे अधिक होता है। इसलिए इस दौरान संक्रमित व्यक्ति को दूसरों के साथ तौलिया, तकिया, रुमाल या अन्य व्यक्तिगत सामान साझा नहीं करना चाहिए।
बचाव के लिए अपनाएं ये उपाय
विशेषज्ञों के अनुसार, हाथों को बार-बार साबुन और पानी से धोना सबसे प्रभावी उपाय है। आंखों को बिना हाथ धोए छूने या रगड़ने से बचें। तौलिया, तकिया, आई मेकअप और कॉन्टैक्ट लेंस किसी के साथ साझा न करें। घर और कार्यस्थल पर बार-बार छूने वाली सतहों जैसे मोबाइल, दरवाजे के हैंडल और टेबल को नियमित रूप से साफ रखें। यदि संक्रमण हो गया है, तो स्कूल, ऑफिस या सार्वजनिक स्थानों पर जाने से पहले डॉक्टर की सलाह अवश्य लें।
कब तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें?
यदि आंखों में लालपन के साथ तेज दर्द हो, धुंधला दिखाई दे, रोशनी से अत्यधिक परेशानी हो, आंखों के आसपास सूजन आ जाए या पीले अथवा हरे रंग का गाढ़ा स्राव निकलने लगे, तो बिना देरी किए नेत्र विशेषज्ञ से संपर्क करना चाहिए। समय पर इलाज और सही सावधानी बरतने से कंजंक्टिवाइटिस जल्दी ठीक हो सकता है और संक्रमण को दूसरों तक फैलने से भी रोका जा सकता है।

