5 Jun 2026, Fri

अन्नामलाई ने BJP से इस्तीफा दिया, जानिए पार्टी से आखिर नाराजगी क्यों?

 

चेन्नई: तमिलनाडु की राजनीति में एक बड़ा राजनीतिक घटनाक्रम सामने आया है। भारतीय जनता पार्टी (BJP) के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष और राज्य की राजनीति के चर्चित चेहरे के. अन्नामलाई ने पार्टी से इस्तीफा दे दिया है। उनके इस्तीफे को पार्टी नेतृत्व ने स्वीकार भी कर लिया है। इस घटनाक्रम के बाद तमिलनाडु से लेकर दिल्ली तक राजनीतिक हलचल तेज हो गई है। माना जा रहा है कि अन्नामलाई जल्द ही अपने राजनीतिक भविष्य को लेकर बड़ा ऐलान कर सकते हैं।

सूत्रों के अनुसार, तमिलनाडु विधानसभा चुनावों की तैयारियों के दौरान पार्टी में खुद को नजरअंदाज किए जाने से अन्नामलाई नाराज चल रहे थे। बताया जा रहा है कि चुनावी रणनीति और संगठनात्मक फैसलों में उनकी भूमिका सीमित कर दी गई थी, जिससे असंतोष लगातार बढ़ता गया। इसी नाराजगी के चलते उन्होंने पार्टी से अलग होने का फैसला किया।

अन्नामलाई ने हाल ही में सोशल मीडिया पर एक पोस्ट साझा किया था, जिसके बाद उनके इस्तीफे की चर्चाएं तेज हो गई थीं। अब उनके अगले कदम को लेकर कई तरह की अटकलें लगाई जा रही हैं। राजनीतिक गलियारों में चर्चा है कि अन्नामलाई तमिलनाडु में अपनी नई राजनीतिक पार्टी या अलग मोर्चा खड़ा कर सकते हैं। हालांकि, इस संबंध में अभी तक कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है।

राजनीतिक जानकारों का मानना है कि अन्नामलाई की लोकप्रियता और उनकी आक्रामक राजनीतिक शैली उन्हें राज्य की राजनीति में एक प्रभावशाली नेता बनाती है। पूर्व आईपीएस अधिकारी रहे अन्नामलाई ने राजनीति में आने के बाद बहुत कम समय में अपनी अलग पहचान बनाई थी। 2021 से 2025 तक तमिलनाडु बीजेपी के अध्यक्ष रहते हुए उन्होंने पार्टी को जमीनी स्तर पर मजबूत करने का प्रयास किया और युवाओं के बीच अपनी अच्छी पकड़ बनाई।

अन्नामलाई की नाराजगी की सबसे बड़ी वजह बीजेपी और AIADMK के बीच गठबंधन को भी माना जा रहा है। वह लंबे समय से AIADMK के साथ गठबंधन के विरोध में रहे हैं। राजनीतिक सूत्रों के मुताबिक, AIADMK नेतृत्व की मांग पर ही बीजेपी ने प्रदेश अध्यक्ष पद पर बदलाव किया था, जिसके बाद अन्नामलाई को पद छोड़ना पड़ा। इस फैसले से उनके समर्थकों में भी निराशा देखी गई थी।

इसके अलावा, 2026 के विधानसभा चुनावों की तैयारियों के दौरान भी अन्नामलाई को प्रमुख जिम्मेदारियों से दूर रखा गया। बताया जाता है कि पार्टी के कई अहम फैसलों में उनकी राय नहीं ली गई, जिससे उनकी नाराजगी और बढ़ गई। यही कारण रहा कि उन्होंने चुनाव लड़ने में भी रुचि नहीं दिखाई।

अब सभी की नजरें अन्नामलाई के अगले कदम पर टिकी हैं। यदि वह नई पार्टी बनाते हैं, तो इसका असर न केवल बीजेपी बल्कि तमिलनाडु की पूरी राजनीतिक तस्वीर पर पड़ सकता है। आने वाले दिनों में उनका फैसला राज्य की राजनीति में नए समीकरण पैदा कर सकता है और विधानसभा चुनाव से पहले राजनीतिक माहौल को और गर्मा सकता है।

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