पुणे: महाराष्ट्र के चर्चित केतन अग्रवाल हत्याकांड की जांच में मोबाइल फोन से जुड़ा नया खुलासा हुआ है। पुणे ग्रामीण पुलिस के अनुसार, लोहागढ़ किले की खाई में गिरने के बाद केतन का मोबाइल फोन कुछ समय तक उसकी मंगेतर और हत्या की आरोपी सिया गोयल के पास था। बाद में सिया ने यह फोन केतन के परिवार को सौंप दिया था। पुलिस अब जांच कर रही है कि इस दौरान मोबाइल से महत्वपूर्ण संदेश, कॉल रिकॉर्ड या अन्य डिजिटल सबूत मिटाए अथवा उनमें किसी प्रकार की छेड़छाड़ की गई थी या नहीं। फिलहाल फोन का डेटा बदले जाने की पुष्टि नहीं हुई है।
पुणे के रियल एस्टेट कारोबारी केतन अग्रवाल की शादी नवंबर 2026 में सिया गोयल से होने वाली थी। दोनों की फरवरी में सगाई हुई थी। पुलिस का आरोप है कि 18 जून को लोनावला के पास स्थित लोहागढ़ किले पर सिया और उसके कथित प्रेमी चेतन चौधरी ने साजिश के तहत केतन को गहरी खाई में धक्का दे दिया था। शुरुआत में इस घटना को ट्रैकिंग के दौरान हुआ हादसा बताया गया था, लेकिन परिजनों के संदेह जताने और पुलिस जांच में मिले डिजिटल तथा सीसीटीवी सबूतों के बाद मामला कथित हत्या में बदल गया।
मोबाइल फोन की फॉरेंसिक जांच पर जोर
पुलिस का मानना है कि केतन के मोबाइल में आरोपियों के संबंधों, आपसी बातचीत और हत्या की कथित योजना से जुड़ी जानकारी हो सकती है। जांच अधिकारी यह पता लगाने का प्रयास कर रहे हैं कि फोन सिया के पास कितने समय तक रहा और उसे परिवार को सौंपने से पहले उसमें क्या गतिविधियां हुई थीं।
जांच एजेंसी ने अदालत को बताया कि मोबाइल फोन सहित मामले से जुड़े डिजिटल उपकरणों की विस्तृत फॉरेंसिक जांच जरूरी है। सिया गोयल और चेतन चौधरी को पुलिस ने 23 जून को गिरफ्तार किया था। अदालत ने दोनों आरोपियों की पुलिस हिरासत 3 जुलाई तक बढ़ा दी है।
पुतले की मदद से दोहराया घटनाक्रम
पुलिस ने वारदात की परिस्थितियों को समझने के लिए लोहागढ़ किले पर क्राइम सीन का री-क्रीएशन भी किया है। रविवार को सिया गोयल को किले पर ले जाया गया था। उसकी मौजूदगी में केतन के वजन के बराबर पुतले का इस्तेमाल करते हुए उसे खाई में गिराकर यह जानने की कोशिश की गई कि कथित वारदात कैसे हुई होगी।
बुधवार को पुलिस दूसरे आरोपी चेतन चौधरी को भी घटनास्थल पर लेकर गई। वहां उसके चलने के तरीके का विश्लेषण किया गया और कथित घटना से पहले तथा बाद की गतिविधियों को दोहराया गया। पुलिस इस प्रक्रिया के माध्यम से आरोपियों के बयानों, सीसीटीवी फुटेज और घटनास्थल से मिले सबूतों का मिलान कर रही है।
जांच के दौरान दोनों आरोपी कथित हत्या की योजना और केतन को धक्का देने की भूमिका को लेकर एक-दूसरे पर आरोप लगा रहे हैं। पुलिस का कहना है कि उनके विरोधाभासी बयानों की जांच तकनीकी और परिस्थितिजन्य सबूतों के आधार पर की जा रही है।
पुलिस को यह भी संदेह है कि आरोपियों ने वारदात से पहले पुणे के मार्केट यार्ड इलाके की एक पहाड़ी पर कथित तौर पर इसका अभ्यास किया था। हालांकि, सभी आरोप अभी जांच और न्यायिक परीक्षण के अधीन हैं। पुलिस मोबाइल डेटा, कॉल रिकॉर्ड, लोकेशन और सीसीटीवी फुटेज के आधार पर मामले की पूरी कड़ी जोड़ने में जुटी हुई है।

