24 Jul 2026, Fri

स्पेन की जीत को ट्रंप ने बताया ‘अमेरिका की जीत’, कहा- “अगला वर्ल्ड कप भी जल्द यहां हो”

अर्जेंटीना को अतिरिक्त समय में 1-0 से हराकर स्पेन ने दूसरी बार जीता फीफा विश्व कप, फेरान टोरेस ने किया निर्णायक गोल

फीफा वर्ल्ड कप 2026 का रोमांचक समापन स्पेन की ऐतिहासिक जीत के साथ हुआ। न्यू जर्सी के न्यूयॉर्क न्यू जर्सी स्टेडियम में खेले गए फाइनल मुकाबले में स्पेन ने गत चैंपियन अर्जेंटीना को अतिरिक्त समय में 1-0 से हराकर दूसरी बार विश्व कप खिताब अपने नाम किया। मुकाबले का एकमात्र गोल 106वें मिनट में फेरान टोरेस ने दागा। इससे पहले निर्धारित 90 मिनट तक दोनों टीमें गोलरहित बराबरी पर थीं।

मैच के बाद आयोजित पुरस्कार समारोह में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और फीफा अध्यक्ष गियानी इन्फेंटिनो ने स्पेन के खिलाड़ियों को पदक दिए और विजेता टीम को प्रतिष्ठित विश्व कप ट्रॉफी सौंपी। ट्रॉफी उठाते ही स्पेनिश खिलाड़ी खुशी से झूम उठे और स्टेडियम में मौजूद समर्थकों ने जोरदार जश्न मनाया। यह स्पेन का 2010 के बाद पहला और कुल दूसरा पुरुष फीफा विश्व कप खिताब है।

स्पेन की जीत के बावजूद राष्ट्रपति ट्रंप ने पूरे टूर्नामेंट के सफल आयोजन को अमेरिका की बड़ी उपलब्धि बताया। उन्होंने कहा कि इस प्रतियोगिता ने साबित किया है कि अमेरिका भी फुटबॉल से प्रेम करने वाला देश है। ट्रंप के अनुसार, दुनिया के अलग-अलग हिस्सों से लाखों प्रशंसक मैच देखने पहुंचे और उन्होंने अमेरिकी संस्कृति, खान-पान तथा मेजबानी का अनुभव लिया। उन्होंने सह-मेजबान देश के रूप में अमेरिका की भूमिका और आयोजन की सफलता पर गर्व जताया।

फीफा वर्ल्ड कप 2026 की संयुक्त मेजबानी अमेरिका, कनाडा और मेक्सिको ने की। टूर्नामेंट की शुरुआत से पहले महंगे टिकटों, यात्रा संबंधी परेशानियों और अमेरिका की सख्त वीजा तथा आव्रजन नीतियों को लेकर सवाल उठे थे। कुछ देशों के प्रशंसकों और अधिकारियों की यात्रा पर लगी पाबंदियों ने भी विवाद पैदा किया। इसके बावजूद जैसे-जैसे प्रतियोगिता आगे बढ़ी, स्टेडियमों के बाहर और भीतर उत्सव जैसा माहौल देखने को मिला। सोशल मीडिया पर अलग-अलग देशों के समर्थकों के वीडियो और तस्वीरें लगातार वायरल होती रहीं।

राष्ट्रपति ट्रंप ने फीफा अध्यक्ष इन्फेंटिनो के सामने अमेरिका में जल्द एक और विश्व कप आयोजित कराने की इच्छा भी जताई। उन्होंने कहा कि 2026 का आयोजन खेल के साथ-साथ सांस्कृतिक मेल-मिलाप का भी बड़ा मंच साबित हुआ। हालांकि ट्रॉफी समारोह के दौरान ट्रंप और इन्फेंटिनो के मैदान पर आने पर दर्शकों के एक वर्ग ने हूटिंग भी की, जिसके कारण यह पल सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बन गया।

मैदान पर स्पेन ने गेंद पर नियंत्रण, तेज पासिंग और लगातार दबाव के दम पर अर्जेंटीना को मुश्किल में रखा। अर्जेंटीना ने लंबे समय तक मजबूत रक्षात्मक खेल दिखाया, लेकिन अतिरिक्त समय में टोरेस के निर्णायक गोल ने उसके लगातार दूसरी बार विश्व चैंपियन बनने के सपने को तोड़ दिया। अर्जेंटीना के कप्तान लियोनेल मेसी के लिए यह मुकाबला भावनात्मक रहा, क्योंकि इसे उनके विश्व कप करियर का संभावित अंतिम मैच माना जा रहा है।

स्पेन की इस जीत के साथ फीफा वर्ल्ड कप 2026 का यादगार अध्याय समाप्त हो गया। एक तरफ स्पेन ने विश्व फुटबॉल में अपनी ताकत फिर साबित की, वहीं दूसरी तरफ अमेरिका, कनाडा और मेक्सिको ने 48 टीमों वाले विश्व कप की मेजबानी कर वैश्विक खेल आयोजन के क्षेत्र में महत्वपूर्ण छाप छोड़ी।

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