1 Aug 2026, Sat

सीलन की वजह से झड़ने लगा है दीवारों का पेंट, तो अपनाकर देखें ये आसान हैक्स, मिलेगा छुटकारा

नई दिल्ली: बारिश के मौसम में घरों की दीवारों में सीलन आना और उसके कारण पेंट का झड़ना एक बेहद आम समस्या है। शुरुआत में यह केवल छोटे-छोटे धब्बों या पपड़ी के रूप में दिखाई देता है, लेकिन समय पर ध्यान न देने पर पूरी दीवार की सुंदरता खराब हो सकती है। इतना ही नहीं, लगातार नमी रहने से दीवारें कमजोर होने लगती हैं और फफूंद (फंगस) पनपने का खतरा भी बढ़ जाता है। ऐसे में केवल दोबारा पेंट करा देना स्थायी समाधान नहीं है। सबसे जरूरी है कि सीलन के असली कारण को पहचानकर उसका इलाज किया जाए। कुछ आसान घरेलू उपाय और सही मरम्मत के तरीके अपनाकर इस समस्या से काफी हद तक छुटकारा पाया जा सकता है।

सबसे पहले सीलन का कारण पता करें

दीवारों में सीलन कई कारणों से हो सकती है। छत से पानी का रिसाव, पाइपलाइन की लीकेज, बाथरूम की नमी या बाहरी दीवारों में दरारें इसके प्रमुख कारण हैं। यदि केवल पेंट करवाया जाए और पानी का स्रोत बंद न किया जाए, तो कुछ ही समय बाद पेंट फिर से झड़ने लगेगा। इसलिए सबसे पहले यह पता लगाना जरूरी है कि नमी कहां से आ रही है और उसकी मरम्मत कराई जाए।

झड़ते पेंट को पूरी तरह हटाएं

सीलन वाली दीवार पर सीधे नया पेंट लगाना सही तरीका नहीं है। सबसे पहले स्क्रेपर या रेगमाल की मदद से खराब पेंट और पपड़ी को पूरी तरह हटा दें। इसके बाद दीवार को कम से कम 24 से 48 घंटे तक अच्छी तरह सूखने दें। यदि दीवार के अंदर नमी बनी हुई है, तो नया पेंट भी टिकाऊ नहीं रहेगा।

फंगस हटाने के लिए सिरका और बेकिंग सोडा

जहां सीलन होती है, वहां अक्सर फफूंद भी जम जाती है। इसे हटाने के लिए सफेद सिरके का उपयोग किया जा सकता है। एक स्प्रे बोतल में सिरका भरकर प्रभावित जगह पर छिड़कें और लगभग 30 मिनट तक छोड़ दें। इसके बाद बेकिंग सोडा और पानी का गाढ़ा पेस्ट बनाकर उस जगह पर लगाएं और ब्रश से हल्के हाथों से साफ करें। इससे फंगस कम होती है और दुर्गंध भी दूर हो सकती है।

वाटरप्रूफिंग सीलेंट का इस्तेमाल

दीवार पूरी तरह सूखने के बाद उस पर वाटरप्रूफिंग सीलेंट या डैंप-प्रूफ केमिकल की एक परत लगाना बेहतर माना जाता है। इसके बाद वॉटरप्रूफ पुट्टी लगाकर दीवार को समतल करें। यह परत नमी को अंदर आने से रोकने में मदद करती है और पेंट की पकड़ को मजबूत बनाती है।

कमरे में वेंटिलेशन बनाए रखें

सीलन से बचाव के लिए कमरे में हवा का उचित आवागमन भी जरूरी है। खिड़कियां खोलकर रखें, एग्जॉस्ट फैन का उपयोग करें और यदि संभव हो तो डिह्यूमिडिफायर का इस्तेमाल करें। बंद कमरों में नमी अधिक समय तक बनी रहती है, जिससे दीवारें जल्दी खराब होती हैं।

अच्छी क्वालिटी का प्राइमर और पेंट चुनें

मरम्मत के बाद हमेशा एंटी-डैंप प्राइमर और अच्छी गुणवत्ता वाले एक्सटीरियर या इंटीरियर पेंट का उपयोग करें। सस्ते पेंट नमी वाली दीवारों पर जल्दी खराब हो जाते हैं। बेहतर गुणवत्ता वाला पेंट लंबे समय तक दीवारों की सुरक्षा करता है।

विशेषज्ञों के अनुसार, यदि सीलन लंबे समय से बनी हुई है या दीवारों में बार-बार पेंट झड़ रहा है, तो पेशेवर वाटरप्रूफिंग कराना सबसे अच्छा विकल्प हो सकता है। सही समय पर कारण की पहचान और उचित उपचार से दीवारें लंबे समय तक सुरक्षित और सुंदर बनी रह सकती हैं।

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