नई दिल्ली: सोशल मीडिया पर इन दिनों एक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें बेंगलुरु के एक शख्स ने कॉर्पोरेट लाइफ और मानसिक शांति को लेकर ऐसा अनुभव साझा किया है, जिससे कई लोग खुद को जोड़कर देख रहे हैं। वीडियो में शख्स का कहना है कि शाम 7 बजे के बाद खाली ऑफिस में अकेले बैठना उन्हें थेरेपी जैसा एहसास देता है। उनके इस अनुभव ने इंटरनेट पर नई बहस छेड़ दी है कि क्या काम की भागदौड़ से दूर कुछ मिनटों का सन्नाटा वास्तव में मानसिक सुकून दे सकता है।
यह वीडियो इंस्टाग्राम पर @dataandstories नामक हैंडल से शेयर किया गया है। वीडियो में नजर आ रहे रोहित शर्मा बताते हैं कि जब ऑफिस पूरी तरह खाली हो जाता है और चारों तरफ सन्नाटा होता है, तो वह माहौल उन्हें अपने जीवन के बारे में गहराई से सोचने का मौका देता है।
रोहित वीडियो में कहते हैं, “शाम के 7 बज रहे हैं और मैं ऑफिस में बैठा हूं। आसपास एक भी व्यक्ति नहीं है। पूरा ऑफिस शांत है और यह सन्नाटा किसी आईने की तरह लगता है। सच कहूं तो यह अजीब तरीके से सुकून देने वाला अनुभव है।”
उन्होंने बताया कि लगभग 30 मिनट तक अकेले बैठने के दौरान उन्होंने अपनी प्राथमिकताओं, करियर और जीवन में वास्तव में क्या चाहते हैं, इस बारे में गंभीरता से विचार किया। उनका कहना है कि दिनभर की मीटिंग्स, ईमेल और काम के दबाव के बीच इंसान खुद के साथ समय बिताना भूल जाता है, जबकि कभी-कभी यही समय सबसे ज्यादा जरूरी होता है।
वीडियो में उन्होंने लोगों को एक दिलचस्प सलाह भी दी। रोहित ने कहा कि यदि कभी ऐसा मौका मिले जब ऑफिस में ज्यादा लोग न हों, तो कुछ मिनटों के लिए वहां बिना लैपटॉप खोले और बिना फोन देखे चुपचाप बैठकर देखें। उनके अनुसार, ऐसा करने से मन धीरे-धीरे शांत होने लगता है और कई उलझे हुए विचार साफ होने लगते हैं।
वीडियो के साथ कैप्शन लिखा गया, “कभी-कभी शांत ऑफिस चमत्कार कर दिखाता है।” यही कैप्शन अब सोशल मीडिया पर लोगों का ध्यान खींच रहा है और वीडियो को हजारों बार देखा और शेयर किया जा चुका है।
इस वीडियो पर बड़ी संख्या में यूजर्स ने अपनी प्रतिक्रियाएं दी हैं। एक यूजर ने लिखा, “बिल्कुल सही कहा, मेरे साथ भी ऐसा होता है।” दूसरे यूजर ने टिप्पणी की, “ऑफिस का सन्नाटा कई बार घर से ज्यादा सुकून देता है।” वहीं कुछ लोगों ने मजाकिया अंदाज में लिखा कि उन्हें ज्यादा सोचने से बचना पसंद है।
मानसिक स्वास्थ्य विशेषज्ञ अक्सर कहते हैं कि कुछ समय का एकांत, डिजिटल डिटॉक्स और आत्मचिंतन तनाव कम करने में मदद कर सकते हैं। हालांकि हर व्यक्ति का अनुभव अलग हो सकता है, लेकिन यह वीडियो इस बात की ओर जरूर इशारा करता है कि लगातार भागती जिंदगी में कुछ शांत पल मानसिक संतुलन के लिए महत्वपूर्ण हो सकते हैं।
फिलहाल यह वीडियो कॉर्पोरेट कर्मचारियों के बीच खासा लोकप्रिय हो रहा है और कई लोग इसे अपनी रोजमर्रा की जिंदगी से जोड़कर देख रहे हैं।

