नई दिल्ली: लोकसभा में ‘लोक परीक्षा (अनुचित साधन निवारण) संशोधन विधेयक, 2026’ पर चर्चा के दौरान कांग्रेस सांसद और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी का भाषण हंगामे के बीच बाधित हो गया। इसके बाद राहुल गांधी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट कर आरोप लगाया कि उन्हें सदन में अपनी बात पूरी नहीं रखने दी गई। उन्होंने घोषणा की कि वह शाम 6 बजे प्रेस कॉन्फ्रेंस करेंगे और वह सब कहेंगे जो उन्हें संसद में कहने का मौका नहीं मिला।
राहुल गांधी ने एक्स पर लिखा कि उन्होंने दिल्ली में छात्रों पर हुई कथित बर्बरता का मुद्दा उठाया और इसके लिए गृह मंत्री अमित शाह का नाम लिया, लेकिन भारतीय जनता पार्टी के सांसदों ने उन्हें बोलने नहीं दिया। उन्होंने लिखा, “आज शाम 6 बजे प्रेस कॉन्फ्रेंस करूंगा और वो सब कहूंगा जो सदन में कहने नहीं दिया गया।” अपनी पोस्ट के अंत में उन्होंने लिखा, “माइक बंद कर सकते हैं, छात्रों की गूंज नहीं।”
लोकसभा में अपने भाषण के दौरान राहुल गांधी ने छात्रों के विरोध प्रदर्शन और शिक्षा व्यवस्था से जुड़े मुद्दों को उठाया। उन्होंने आरोप लगाया कि देश की शिक्षा व्यवस्था पर बीजेपी के वैचारिक संगठन का प्रभाव बढ़ गया है। राहुल गांधी ने यह भी कहा कि छात्रों ने डर के माहौल को चुनौती देते हुए अपने अधिकारों के लिए आवाज उठाई है।
राहुल गांधी ने गृह मंत्री अमित शाह का नाम लेते हुए गंभीर आरोप लगाए। उनके बयान पर सत्तापक्ष ने तीखी आपत्ति जताई। संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने कहा कि नेता प्रतिपक्ष को बताना चाहिए कि उन्होंने किस आधार पर इतने गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने राहुल गांधी से या तो अपने आरोपों के समर्थन में तथ्य प्रस्तुत करने या फिर माफी मांगने की मांग की।
लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने भी इस मुद्दे पर हस्तक्षेप किया। उन्होंने कहा कि सदन में किसी भी व्यक्ति पर बिना तथ्य, जांच और साक्ष्य के आरोप नहीं लगाए जा सकते। उन्होंने नेता प्रतिपक्ष से संसद की मर्यादा का पालन करते हुए विधेयक पर चर्चा करने को कहा।
बहस के दौरान दोनों पक्षों के बीच तीखी नोकझोंक हुई। सत्तापक्ष की ओर से राहुल गांधी द्वारा इस्तेमाल किए गए कुछ शब्दों पर भी आपत्ति जताई गई। किरेन रिजिजू ने कहा कि एक छात्रा का नाम लेकर जिस शब्द का इस्तेमाल किया गया, वह असंसदीय है और उसे कार्यवाही से हटाया जाना चाहिए।
हंगामे के बीच कुछ समय के लिए राहुल गांधी ने बोलना बंद कर दिया और अपनी सीट पर बैठ गए। इसके बाद संसदीय कार्य मंत्री ने कहा कि सरकार विपक्ष के नेता को सुनने के लिए तैयार है, लेकिन उन्हें सदन की मर्यादा का पालन करना चाहिए। बाद में राहुल गांधी ने अपना भाषण जारी रखा, हालांकि दोनों पक्षों के बीच विवाद और टोकाटोकी जारी रही।
सदन में बढ़ते हंगामे के कारण लोकसभा अध्यक्ष ने कार्यवाही को दोपहर 2:30 बजे तक स्थगित कर दिया। इस पूरे घटनाक्रम के बाद राहुल गांधी की प्रस्तावित प्रेस कॉन्फ्रेंस को राजनीतिक रूप से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। अब सभी की नजर इस बात पर है कि वह प्रेस कॉन्फ्रेंस में संसद में हुए घटनाक्रम और छात्रों के मुद्दे पर क्या नए आरोप या दावे पेश करते हैं।

