संबलपुर: ओडिशा विजिलेंस ने आय से अधिक संपत्ति रखने के आरोप में वीर सुरेंद्र साय इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज एंड रिसर्च यानी VIMSAR, बुर्ला के दो अधिकारियों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की है। मंगलवार, 30 जून 2026 को विजिलेंस की अलग-अलग टीमों ने एस्टैब्लिशमेंट ऑफिसर-कम-ऑफिस सुपरिटेंडेंट धनुर्धर बिस्वाल और स्टुअर्ड अश्विनी मेहर से जुड़े कुल नौ ठिकानों पर एक साथ तलाशी अभियान शुरू किया। यह कार्रवाई विशेष न्यायाधीश, विजिलेंस, संबलपुर द्वारा जारी सर्च वारंट के आधार पर की गई।
प्रारंभिक तलाशी के दौरान धनुर्धर बिस्वाल और उनके परिवार के सदस्यों के नाम पर दो इमारतें, 20 कीमती प्लॉट, 19 लाख 72 हजार 490 रुपये नकद और कई वाहन मिलने की जानकारी सामने आई है। विजिलेंस की तकनीकी टीम संपत्तियों की माप और बाजार मूल्य का आकलन कर रही है। बैंक खातों, डाकघर की बचत योजनाओं तथा अन्य वित्तीय निवेशों की भी जांच जारी है।
बिस्वाल से जुड़े चार ठिकानों पर तलाशी
धनुर्धर बिस्वाल के खिलाफ कार्रवाई के लिए दो डीएसपी, पांच इंस्पेक्टर, तीन एएसआई और अन्य कर्मचारियों की टीम गठित की गई। विजिलेंस ने संबलपुर के धनकौड़ा स्थित उनके लगभग 1,650 वर्गफुट के दो मंजिला मकान, गुडेसिंगा स्थित एक अन्य भवन, VIMSAR मेडिकल स्टाफ कॉलोनी के सरकारी क्वार्टर और संस्थान में स्थित उनके कार्यालय कक्ष की तलाशी ली।
जांच के दौरान संबलपुर शहर के बाहरी इलाकों में स्थित 20 प्लॉट का पता चला है। इसके अलावा एक हाइवा ट्रक, एक रेनॉल्ट काइगर कार, दो ट्रैक्टर और तीन दोपहिया वाहन भी बिस्वाल तथा उनके परिवार से जुड़े बताए गए हैं। छापेमारी में मिले सोने के आभूषणों का वजन और मूल्यांकन किया जा रहा है। जांच पूरी होने के बाद ही कुल संपत्ति का वास्तविक मूल्य स्पष्ट हो पाएगा।
अश्विनी मेहर के पांच ठिकानों पर छापेमारी
विजिलेंस की दूसरी टीम ने VIMSAR के स्टुअर्ड अश्विनी मेहर से जुड़े पांच स्थानों पर तलाशी शुरू की। इनमें बुर्ला की मेडिकल स्टाफ कॉलोनी स्थित सरकारी क्वार्टर, सौरभ विहार में निर्माणाधीन चार मंजिला इमारत, पठानबंध स्थित भवन, बरगढ़ जिले के गोविंदपाली में एक मकान और VIMSAR परिसर में उनका कार्यालय कक्ष शामिल है। इन ठिकानों पर तलाशी के लिए पांच डीएसपी, पांच इंस्पेक्टर, तीन एएसआई और अन्य कर्मचारियों को तैनात किया गया।
विजिलेंस अधिकारी अश्विनी मेहर से जुड़ी अचल संपत्तियों, बैंक खातों, निवेश और अन्य दस्तावेजों की जांच कर रहे हैं। तलाशी अभियान जारी रहने के कारण उनके यहां मिली संपत्ति का पूरा विवरण अभी सार्वजनिक नहीं किया गया है।
आय के स्रोतों की होगी जांच
विजिलेंस अब यह पता लगाने में जुटी है कि छापेमारी में सामने आई जमीन, इमारतों, वाहनों, नकदी और निवेश के लिए धन कहां से आया। संपत्तियों के दस्तावेजों को अधिकारियों की घोषित आय और सेवा अवधि के दौरान हुई कमाई से मिलाया जाएगा।
फिलहाल दोनों अधिकारियों पर आय से अधिक संपत्ति रखने के आरोपों की जांच की जा रही है। तलाशी में संपत्ति मिलने का अर्थ आरोप सिद्ध होना नहीं है। जांच और संपत्तियों के मूल्यांकन की प्रक्रिया पूरी होने के बाद विजिलेंस की ओर से आगे की कानूनी कार्रवाई और अंतिम आंकड़े जारी किए जा सकते हैं।

