7 Jun 2026, Sun

वायनाड के स्कूल में बीमार हुए 150 बच्चे, टीचर भी चपेट में; करनी पड़ी एक सप्ताह की छुट्टी

वायनाड (केरल): केरल के वायनाड जिले से एक चिंताजनक मामला सामने आया है, जहां एक सरकारी सहायता प्राप्त स्कूल के करीब 150 छात्र अचानक बीमार पड़ गए। छात्रों में बुखार, उल्टी और कमजोरी जैसे लक्षण पाए गए हैं, जिसके बाद स्वास्थ्य विभाग और जिला प्रशासन तुरंत हरकत में आ गया। एहतियात के तौर पर स्कूल को एक सप्ताह के लिए बंद कर दिया गया है, जबकि बीमारी के कारणों का पता लगाने के लिए जांच शुरू कर दी गई है।

जानकारी के अनुसार यह घटना वायनाड जिले के कोइलाडी स्थित मार बेसेलियोस सरकारी सहायता प्राप्त उच्च प्राथमिक विद्यालय की है। पिछले कुछ दिनों से स्कूल के कई छात्रों को बुखार और उल्टी की शिकायत होने लगी थी। शुरुआत में कुछ मामलों को सामान्य वायरल संक्रमण माना गया, लेकिन जब बीमार छात्रों की संख्या तेजी से बढ़कर 150 तक पहुंच गई, तो स्वास्थ्य विभाग ने मामले को गंभीरता से लिया।

अधिकारियों के अनुसार, छात्रों में बीमारी के लक्षण पहली बार 1 जून से दिखाई देने लगे थे। इसके बाद लगातार नए मामले सामने आते गए। फिलहाल 38 छात्रों की हालत को देखते हुए उन्हें बाथरी तालुक अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां उनका इलाज चल रहा है। अस्पताल प्रशासन ने छात्रों की बेहतर देखभाल के लिए एक विशेष वार्ड भी तैयार किया है।

जिला चिकित्सा अधिकारी (डीएमओ) ने बताया कि स्थिति नियंत्रण में है और घबराने की जरूरत नहीं है। अधिकांश बच्चों की हालत स्थिर है और उन्हें आवश्यक चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। हालांकि, बीमारी का वास्तविक कारण अभी तक स्पष्ट नहीं हो पाया है। इसी वजह से स्वास्थ्य विभाग ने प्रभावित छात्रों के नमूने एकत्र कर जांच के लिए प्रयोगशाला भेज दिए हैं।

इस घटना का असर केवल छात्रों तक सीमित नहीं रहा। स्कूल के एक शिक्षक ने भी अस्वस्थ महसूस करने की शिकायत की है, जिसके बाद उनका भी स्वास्थ्य परीक्षण कराया गया। स्वास्थ्य विभाग यह जांच कर रहा है कि कहीं यह किसी संक्रमण, दूषित भोजन या पानी के कारण तो नहीं हुआ।

स्थानीय पंचायत अधिकारियों और स्वास्थ्य विभाग की टीम ने अस्पताल और स्कूल का दौरा किया। अधिकारियों ने बताया कि बच्चों की वर्तमान स्वास्थ्य स्थिति संतोषजनक है और अधिकांश छात्र तेजी से स्वस्थ हो रहे हैं। फिर भी किसी भी संभावित खतरे को देखते हुए स्कूल में एक सप्ताह की छुट्टी घोषित कर दी गई है।

जिला प्रशासन ने स्कूल परिसर, रसोईघर, पेयजल स्रोत और आसपास के क्षेत्रों की भी जांच शुरू कर दी है। विशेषज्ञों की टीम यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि बीमारी का स्रोत क्या है और इतने बड़े पैमाने पर छात्र कैसे प्रभावित हुए।

इस बीच, अभिभावकों में चिंता का माहौल बना हुआ है। प्रशासन ने लोगों से अफवाहों पर ध्यान न देने और स्वास्थ्य विभाग द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करने की अपील की है। अधिकारियों का कहना है कि जांच रिपोर्ट आने के बाद ही बीमारी के सही कारणों का खुलासा हो सकेगा।

फिलहाल स्वास्थ्य विभाग की निगरानी में सभी प्रभावित छात्रों का इलाज जारी है और प्रशासन स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए है।

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