नई दिल्ली: संसद के मानसून सत्र में जारी गतिरोध मंगलवार को भी जारी रहने के संकेत मिले हैं। लोकसभा और राज्यसभा दोनों सदनों में विपक्ष विभिन्न मुद्दों को लेकर सरकार को घेरने की तैयारी में है, जबकि सत्तारूढ़ राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) ने विपक्ष पर सदन की कार्यवाही बाधित करने का आरोप लगाया है। ऐसे में आज भी संसद की कार्यवाही के दौरान तीखी नोकझोंक और हंगामे की संभावना जताई जा रही है।
सोमवार को भी दोनों सदनों में जोरदार हंगामे के कारण कार्यवाही बार-बार बाधित हुई थी। लोकसभा की कार्यवाही पहले दो बार स्थगित की गई और बाद में दिनभर के लिए समाप्त कर दी गई थी।
कार्यवाही से पहले NDA की बैठक
संसद की कार्यवाही शुरू होने से पहले बीजेपी के नेतृत्व वाले एनडीए संसदीय दल की बैठक संसद भवन परिसर में आयोजित की गई। इस बैठक में सत्र की रणनीति और विपक्ष के रुख को लेकर चर्चा की गई। सरकार की कोशिश है कि लंबित विधेयकों को पारित कराया जाए और सदन की कार्यवाही सुचारु रूप से चल सके।
संबित पात्रा ने विपक्ष पर साधा निशाना
बीजेपी सांसद संबित पात्रा ने कांग्रेस और इंडिया गठबंधन के कुछ दलों पर संसद की कार्यवाही बाधित करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि संसद चलाने में जनता का करोड़ों रुपये खर्च होता है, लेकिन लगातार हंगामे के कारण प्रश्नकाल नहीं हो पा रहा है और महत्वपूर्ण विधेयकों पर चर्चा भी प्रभावित हो रही है।
पात्रा ने कर्नाटक पुलिस कांस्टेबल भर्ती में कथित पेपर लीक मामले को लेकर भी कांग्रेस पर हमला बोला और कहा कि विपक्ष दूसरे मुद्दों पर आवाज उठाता है, लेकिन इस मामले में राहुल गांधी की चुप्पी कई सवाल खड़े करती है।
किन मुद्दों पर विपक्ष का विरोध
विपक्ष ने सोमवार को राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले, दिल्ली में प्रदर्शनकारी छात्रों पर पुलिस कार्रवाई और अन्य मुद्दों को लेकर सरकार के खिलाफ जोरदार विरोध प्रदर्शन किया। कांग्रेस, समाजवादी पार्टी और अन्य विपक्षी दलों के सांसदों ने सदन में नारेबाजी की, जिसके कारण लोकसभा की कार्यवाही बाधित होती रही।
विपक्ष का आरोप है कि सरकार महत्वपूर्ण जनहित के मुद्दों पर चर्चा से बच रही है, जबकि सरकार का कहना है कि विपक्ष जानबूझकर संसद की कार्यवाही नहीं चलने दे रहा है।
हंगामे के बीच विधेयक पारित
सोमवार को हंगामे के बावजूद सरकार ने कुछ महत्वपूर्ण विधायी कार्य पूरे किए। लोकसभा ने सुप्रीम कोर्ट में प्रधान न्यायाधीश सहित न्यायाधीशों की स्वीकृत संख्या 34 से बढ़ाकर 38 करने वाले विधेयक को बिना चर्चा के पारित कर दिया।
इसके अलावा भारतीय सांख्यिकी संस्थान विधेयक, 2026 और बैंकर बही साक्ष्य विधेयक, 2026 भी सदन में पेश किए गए। हालांकि, विपक्ष के विरोध के कारण इन विधेयकों पर विस्तृत चर्चा नहीं हो सकी।
आज भी टकराव की संभावना
राजनीतिक जानकारों का मानना है कि मंगलवार को भी संसद में टकराव का माहौल बना रह सकता है। विपक्ष जहां विभिन्न मुद्दों पर सरकार से जवाब मांगने की रणनीति बना रहा है, वहीं सरकार विधायी एजेंडा आगे बढ़ाने की कोशिश करेगी।
यदि दोनों पक्षों के बीच सहमति नहीं बनती है, तो मानसून सत्र का एक और दिन हंगामे की भेंट चढ़ सकता है। इससे कई महत्वपूर्ण विधेयकों और जनहित के मुद्दों पर चर्चा प्रभावित होने की आशंका बनी हुई है।

