नई दिल्ली: काजल आंखों की खूबसूरती बढ़ाने के लिए सबसे ज्यादा इस्तेमाल किए जाने वाले मेकअप प्रोडक्ट्स में से एक है। लेकिन विशेषज्ञों का कहना है कि गलत तरीके से काजल लगाना या लंबे समय तक आंखों में लगाए रखना आंखों की सेहत के लिए नुकसानदायक हो सकता है। यदि काजल को ठीक से साफ नहीं किया जाए, तो इससे आंखों में संक्रमण, सूजन और मीबोमियन ग्रंथियों के ब्लॉक होने जैसी समस्याएं हो सकती हैं।
त्वचा विशेषज्ञ डॉ. आंचल पंथ ने सोशल मीडिया पर एक वीडियो साझा करते हुए बताया कि काजल लगाने की आदत कुछ मामलों में इतनी गंभीर हो सकती है कि इलाज के लिए सर्जरी तक की जरूरत पड़ सकती है। उनका कहना है कि समस्या काजल लगाने से नहीं, बल्कि उसे सही तरीके से न हटाने और गलत जगह लगाने से बढ़ती है।
क्या होती हैं मीबोमियन ग्रंथियां?
हमारी पलकों के किनारों पर छोटी-छोटी मीबोमियन ग्रंथियां (Meibomian Glands) होती हैं। ये ग्रंथियां एक विशेष प्रकार का तेल बनाती हैं, जो आंखों की नमी बनाए रखने और आंसुओं को जल्दी सूखने से रोकने में मदद करता है।
जब काजल आंख की अंदरूनी वाटर लाइन पर लगाया जाता है, तो यह इन ग्रंथियों के छिद्रों को बंद कर सकता है। समय के साथ काजल के कण, तेल, वैक्स और धूल-मिट्टी इन छिद्रों के आसपास जमा हो जाते हैं, जिससे तेल का सामान्य प्रवाह रुक जाता है और आंखों में समस्याएं शुरू हो सकती हैं।
काजल से होने वाली प्रमुख समस्याएं
विशेषज्ञों के अनुसार, काजल के कारण आंखों में कई तरह की दिक्कतें हो सकती हैं।
- स्टाई (Stye): यह पलक पर होने वाला दर्दनाक बैक्टीरियल संक्रमण है, जो आमतौर पर बालों की जड़ या मीबोमियन ग्रंथि में होता है।
- कैलाजियन (Chalazion): ग्रंथि के बंद होने से बनने वाली सूजनयुक्त गांठ, जो लंबे समय तक बनी रह सकती है।
- ड्राई आई की समस्या: ग्रंथियों के सही तरीके से काम न करने पर आंखों में सूखापन, जलन और असहजता बढ़ सकती है।
काजल लगाकर सोना क्यों है खतरनाक?
डॉक्टरों का कहना है कि काजल लगाकर सोना आंखों के लिए सबसे नुकसानदायक आदतों में से एक है। रातभर मेकअप, बैक्टीरिया और गंदगी पलकों के संपर्क में रहते हैं, जिससे संक्रमण और ग्रंथियों के ब्लॉक होने का खतरा कई गुना बढ़ जाता है।
आंखों को सुरक्षित रखने के लिए अपनाएं ये आदतें
अगर आप नियमित रूप से काजल लगाती हैं, तो कुछ सावधानियां अपनाकर जोखिम को काफी हद तक कम किया जा सकता है।
- हर रात सोने से पहले आंखों का मेकअप पूरी तरह साफ करें।
- काजल को लगातार कई घंटों तक लगाए रखने से बचें।
- आंख की अंदरूनी वाटर लाइन पर काजल लगाने से बचें।
- अगर बार-बार स्टाई, कैलाजियन या ड्राई आई की समस्या होती है, तो काजल का इस्तेमाल सीमित करें।
- आई मेकअप प्रोडक्ट्स को 3 से 6 महीने के भीतर बदल दें।
- अपना काजल या आई मेकअप किसी दूसरे व्यक्ति के साथ साझा न करें।
विशेषज्ञों का मानना है कि आंखें शरीर का बेहद संवेदनशील अंग हैं। इसलिए केवल खूबसूरती के लिए ऐसी आदतें नहीं अपनानी चाहिए जो लंबे समय में आंखों की सेहत को नुकसान पहुंचाएं। यदि काजल लगाने के बाद आंखों में लगातार जलन, सूजन, दर्द या गांठ महसूस हो, तो तुरंत नेत्र विशेषज्ञ से संपर्क करना चाहिए।

