24 Apr 2026, Fri

राघव चड्ढा समेत AAP के 7 सांसदों ने छोड़ी पार्टी, भड़के संजय सिंह; बोले-‘पंजाब में शुरू हुआ ऑपरेशन लोटस’

AAP में सियासी हलचल: संजय सिंह का आरोप—पंजाब में बीजेपी ने शुरू किया ‘ऑपरेशन लोटस’

आम आदमी पार्टी (AAP) में जारी राजनीतिक घटनाक्रम के बीच राज्यसभा सांसद संजय सिंह ने भारतीय जनता पार्टी (BJP) पर बड़ा आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि बीजेपी ने पंजाब में “ऑपरेशन लोटस” शुरू कर दिया है और इसके जरिए विपक्षी दलों को कमजोर करने की कोशिश की जा रही है।

यह बयान उस समय आया है जब राज्यसभा सांसद राघव चड्ढा ने दावा किया कि उनके साथ 7 सांसदों ने आम आदमी पार्टी छोड़ दी है और कुछ सांसदों के बीजेपी में शामिल होने की खबरें सामने आ रही हैं। हालांकि, इस दावे को लेकर राजनीतिक विवाद और तेज हो गया है।

संजय सिंह का तीखा बयान

AAP नेता संजय सिंह ने इस पूरे घटनाक्रम पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि यह सब बीजेपी की राजनीतिक रणनीति का हिस्सा है। उन्होंने आरोप लगाया कि पंजाब में लोकतांत्रिक रूप से चुनी गई सरकार को अस्थिर करने की कोशिश की जा रही है।

संजय सिंह ने कहा, “भारतीय जनता पार्टी का पंजाब में ऑपरेशन लोटस शुरू हो चुका है। लेकिन पंजाब की जनता सब देख रही है और ऐसे किसी भी राजनीतिक खेल को स्वीकार नहीं करेगी।”

AAP नेताओं पर निशाना

संजय सिंह ने उन नेताओं पर भी निशाना साधा जो पार्टी छोड़ने या बगावत करने की बात कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि आम आदमी पार्टी ने हमेशा जनता के मुद्दों पर काम किया है और जो लोग पार्टी छोड़ रहे हैं, उन्हें जनता जवाब देगी।

उन्होंने यह भी कहा कि पंजाब की जनता आम आदमी पार्टी के साथ खड़ी है और किसी भी तरह की राजनीतिक तोड़फोड़ को सफल नहीं होने देगी।

राजनीतिक माहौल हुआ गर्म

राघव चड्ढा के कथित दावों और कुछ सांसदों के पार्टी छोड़ने की खबरों के बाद देश की राजनीति में हलचल तेज हो गई है। AAP और बीजेपी के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर लगातार बढ़ता जा रहा है।

जहां एक तरफ AAP इसे “ऑपरेशन लोटस” बता रही है, वहीं राजनीतिक विश्लेषक इसे आने वाले चुनावों से पहले सत्ता समीकरण बदलने की कोशिश के तौर पर देख रहे हैं।

निष्कर्ष

आम आदमी पार्टी और भारतीय जनता पार्टी के बीच यह सियासी टकराव आने वाले दिनों में और तेज हो सकता है। राघव चड्ढा के दावों और संजय सिंह के आरोपों ने राजनीतिक माहौल को गर्म कर दिया है। अब सभी की नजर इस बात पर है कि आने वाले समय में यह घटनाक्रम किस दिशा में जाता है और क्या वास्तव में कोई बड़ा राजनीतिक बदलाव देखने को मिलता है या नहीं।

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