7 Oct 2026, Wed

यूपी के किसानों की बल्ले-बल्ले, खेती की मशीनरी पर मिलेगी भारी सब्सिडी; सरकार का बड़ा ऐलान

उत्तर प्रदेश के किसानों के लिए फेस्टिव सीजन में बड़ी राहत की खबर है। राज्य सरकार ने खेती में आधुनिक तकनीक और मशीनों के इस्तेमाल को बढ़ावा देने के लिए कृषि मशीनरी पर सब्सिडी देने का फैसला किया है। इस योजना का उद्देश्य किसानों को आधुनिक कृषि उपकरण उपलब्ध कराना और खेती में आने वाली लागत को कम करना है। इसके तहत अलग-अलग योजनाओं के माध्यम से हजारों कृषि मशीनों की खरीद पर आर्थिक सहायता दी जाएगी।

किसान इस योजना का लाभ लेने के लिए 7 अक्टूबर से 20 अक्टूबर 2026 तक ऑनलाइन आवेदन कर सकेंगे। आवेदन प्रक्रिया पूरी तरह ऑनलाइन रखी गई है, ताकि पात्र किसानों को मशीनरी खरीदने के लिए सरकार की ओर से मिलने वाली सहायता आसानी से मिल सके।

2,166 कृषि मशीनों पर मिलेगी सब्सिडी

कृषि विभाग की ओर से दी गई जानकारी के अनुसार, सब मिशन ऑन एग्रीकल्चरल मैकेनाइजेशन योजना के तहत 2,166 कृषि मशीनों पर सब्सिडी दी जाएगी। इस योजना का मकसद खेती के अलग-अलग कामों में मशीनों के इस्तेमाल को बढ़ावा देना है। मशीनों के उपयोग से किसानों को कम समय में खेती के काम पूरे करने और श्रम लागत घटाने में मदद मिल सकती है।

इसके अलावा फसल अवशेष प्रबंधन से जुड़ी योजना के तहत भी 1,755 कृषि मशीनों पर आर्थिक सहायता देने का प्रावधान किया गया है। इससे किसानों को फसल कटाई के बाद खेतों में बचे अवशेषों के बेहतर प्रबंधन के लिए जरूरी उपकरण उपलब्ध कराने में मदद मिलेगी।

कस्टम हायरिंग सेंटर के लिए भी सहायता

सरकार ने इस योजना में व्यक्तिगत किसानों के साथ-साथ सामूहिक स्तर पर कृषि मशीनरी उपलब्ध कराने की व्यवस्था को भी शामिल किया है। कस्टम हायरिंग सेंटर और फार्म मशीनरी बैंक स्थापित करने के लिए 10-10 लाख रुपये तक की सहायता का प्रावधान है।

इन केंद्रों के जरिए किसान जरूरत के अनुसार महंगी कृषि मशीनों को किराये पर लेकर इस्तेमाल कर सकेंगे। इससे छोटे और सीमांत किसानों को विशेष फायदा हो सकता है, क्योंकि उन्हें हर मशीन अलग से खरीदने की जरूरत नहीं पड़ेगी।

ड्रोन और अन्य उपकरणों पर भी लाभ

कृषि मशीनरी सब्सिडी योजना के तहत किसान ड्रोन और अन्य आधुनिक कृषि उपकरणों के लिए भी सहायता प्राप्त कर सकते हैं। वहीं फसल अवशेष प्रबंधन योजना के अंतर्गत व्यक्तिगत कृषि मशीनों और कस्टम हायरिंग सेंटर के लिए 30 लाख रुपये तक की सहायता का प्रावधान बताया गया है।

मक्का और पौध संरक्षण उपकरण भी शामिल

सरकार ने अलग-अलग कृषि कार्यक्रमों को भी इस योजना से जोड़ा है। त्वरित मक्का विकास कार्यक्रम के तहत मक्का शेलर और मिलेट पार्लर के लिए आवेदन किया जा सकता है। इसके अलावा कीट एवं रोग नियंत्रण योजना के तहत किसानों को पौध संरक्षण उपकरण उपलब्ध कराने के लिए भी सब्सिडी दी जाएगी।

20 अक्टूबर तक करना होगा आवेदन

योजना का लाभ लेने के इच्छुक किसानों को निर्धारित अवधि में ऑनलाइन आवेदन करना होगा। इसके लिए कृषि विभाग के आधिकारिक पोर्टल पर जाकर आवेदन प्रक्रिया पूरी की जा सकती है। पोर्टल के किसान कॉर्नर में “Yantra Booking Prarambh” विकल्प के माध्यम से मशीन की बुकिंग और आवेदन किया जा सकेगा।

किसानों को आवेदन करने से पहले पात्रता, उपलब्ध मशीनों, सब्सिडी और जरूरी दस्तावेजों से जुड़ी जानकारी पोर्टल पर जांच लेने की सलाह दी गई है। सरकार की इस पहल से कृषि कार्यों में मशीनों का इस्तेमाल बढ़ने और किसानों की खेती की लागत कम होने की उम्मीद है।

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