नई दिल्ली: कॉमनवेल्थ गेम्स 2030 की मेजबानी गुजरात के अहमदाबाद को मिलने के बाद अब इस मुद्दे ने राजनीतिक रंग ले लिया है। हरियाणा से कांग्रेस सांसद दीपेंद्र सिंह हुड्डा ने संसद परिसर में प्रदर्शन कर इस फैसले पर सवाल उठाए। उन्होंने नारेबाजी करते हुए कहा, “मेडल हरियाणा देता है, खेल गुजरात में क्यों?” और हरियाणा को कॉमनवेल्थ गेम्स 2030 का मेजबान या सह-मेजबान राज्य बनाए जाने की मांग उठाई।
दीपेंद्र हुड्डा ने अपने प्रदर्शन की जानकारी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर भी साझा की। उन्होंने कहा कि हरियाणा के खिलाड़ियों ने अंतरराष्ट्रीय खेलों में देश का नाम रोशन किया है और राज्य लंबे समय से भारत के लिए सबसे ज्यादा पदक जीतने वाले खिलाड़ियों का केंद्र रहा है। ऐसे में कॉमनवेल्थ गेम्स जैसे बड़े आयोजन में हरियाणा की भूमिका को नजरअंदाज नहीं किया जाना चाहिए।
अहमदाबाद को मिली है 2030 खेलों की मेजबानी
हाल ही में कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 का समापन ग्लास्गो में हुआ। समापन समारोह के दौरान आधिकारिक तौर पर कॉमनवेल्थ गेम्स का झंडा और बैटन भारत को सौंपा गया। यह जिम्मेदारी भारतीय प्रतिनिधिमंडल को दी गई, जिसमें ओलंपिक स्वर्ण पदक विजेता नीरज चोपड़ा, भारतीय ओलंपिक संघ (IOA) की अध्यक्ष पी.टी. उषा और गुजरात के उपमुख्यमंत्री हर्ष संघवी शामिल थे।
भारत अब ऑस्ट्रेलिया के बाद ऐसा दूसरा देश होगा जो कॉमनवेल्थ गेम्स की दूसरी बार मेजबानी करेगा। इससे पहले भारत ने 2010 में नई दिल्ली में इन खेलों का आयोजन किया था। 2030 में होने वाला संस्करण कॉमनवेल्थ गेम्स का शताब्दी संस्करण भी होगा, इसलिए इसे बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
हरियाणा की खेल उपलब्धियों का मुद्दा
दीपेंद्र हुड्डा ने कहा कि हरियाणा ने ओलंपिक, एशियाई खेल, राष्ट्रमंडल खेल और अन्य अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में लगातार शानदार प्रदर्शन किया है। उन्होंने तर्क दिया कि राज्य के खिलाड़ियों का योगदान खेलों के आयोजन में भी दिखाई देना चाहिए। उनका कहना था कि यदि मेजबानी पूरी तरह हरियाणा को नहीं दी जा सकती, तो कम से कम उसे सह-मेजबान बनाने पर विचार किया जाना चाहिए।
संसद परिसर में हुए प्रदर्शन में हरियाणा के कुछ अन्य सांसद भी शामिल हुए। प्रदर्शनकारियों ने खेल ढांचे, खिलाड़ियों की तैयारी और हरियाणा की खेल परंपरा का हवाला देते हुए केंद्र सरकार से इस मुद्दे पर पुनर्विचार करने की मांग की।
बबीता फोगाट ने साधा निशाना
दीपेंद्र हुड्डा के प्रदर्शन पर पूर्व पहलवान और भाजपा नेता बबीता फोगाट ने तीखी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने इस प्रदर्शन को “नौटंकी” करार देते हुए कहा कि खेलों के नाम पर राजनीति करना उचित नहीं है। बबीता का कहना था कि देश को कॉमनवेल्थ गेम्स की मेजबानी मिलना गर्व की बात है और इसे राज्यों के बीच राजनीतिक विवाद का विषय नहीं बनाया जाना चाहिए।
बढ़ सकती है राजनीतिक बहस
कॉमनवेल्थ गेम्स 2030 की मेजबानी को लेकर शुरू हुआ यह विवाद आने वाले समय में और तेज हो सकता है। एक ओर हरियाणा अपने खिलाड़ियों के योगदान का हवाला देकर बड़ी भूमिका की मांग कर रहा है, वहीं दूसरी ओर गुजरात में खेलों के लिए तैयार किए जा रहे बुनियादी ढांचे और अंतरराष्ट्रीय स्तर के आयोजन की तैयारियों को सरकार की बड़ी उपलब्धि के रूप में पेश किया जा रहा है।
फिलहाल यह मुद्दा खेल और राजनीति दोनों के केंद्र में आ गया है, और आने वाले दिनों में इस पर और बहस होने की संभावना है।

