आजकल बड़ी संख्या में महिलाएं PMOS (Polyendocrine Metabolic Ovarian Syndrome) से जूझ रही हैं। पहले इसे PCOS (Polycystic Ovary Syndrome) के नाम से जाना जाता था, लेकिन अब विशेषज्ञ इसे केवल हार्मोनल समस्या नहीं, बल्कि मेटाबोलिक हेल्थ से जुड़ी स्थिति भी मानते हैं। इस वजह से कई विशेषज्ञ PMOS शब्द का इस्तेमाल करने लगे हैं।
इस समस्या में सिर्फ पीरियड्स अनियमित होना ही नहीं, बल्कि वजन बढ़ना, चेहरे पर मुंहासे, बालों का झड़ना, शरीर पर अनचाहे बाल बढ़ना, थकान और इंसुलिन रेजिस्टेंस जैसी दिक्कतें भी देखने को मिल सकती हैं। अच्छी बात यह है कि सही खानपान, पर्याप्त नींद और नियमित शारीरिक गतिविधि से इसके कई लक्षणों को काफी हद तक नियंत्रित किया जा सकता है।
न्यूट्रिशनिस्ट के अनुसार, PMOS को मैनेज करने के लिए तीन जीवनशैली बदलाव सबसे ज्यादा असरदार माने जाते हैं।
हर मील में पर्याप्त प्रोटीन लें
PMOS में प्रोटीन की पर्याप्त मात्रा लेना बेहद जरूरी माना जाता है। कोशिश करें कि आपके हर मुख्य भोजन में 25–30 ग्राम प्रोटीन शामिल हो। प्रोटीन ब्लड शुगर को स्थिर रखने, लंबे समय तक पेट भरा रखने और मांसपेशियों की सेहत बनाए रखने में मदद करता है।
अच्छे प्रोटीन स्रोतों में दालें, पनीर, अंडे, दही, दूध, सोया, टोफू, चिकन, मछली और अन्य प्रोटीन युक्त खाद्य पदार्थ शामिल हो सकते हैं। साथ ही शुगरी ड्रिंक्स, अत्यधिक प्रोसेस्ड फूड और जंक फूड का सेवन सीमित करना फायदेमंद हो सकता है।
तनाव कम करें और नींद पूरी लें
लगातार तनाव रहने से शरीर में कॉर्टिसोल (Cortisol) का स्तर बढ़ सकता है, जो हार्मोनल असंतुलन और सूजन से जुड़ा माना जाता है। इसलिए मानसिक स्वास्थ्य का ध्यान रखना PMOS मैनेजमेंट का महत्वपूर्ण हिस्सा है।
इसके लिए रोजाना 7–8 घंटे की अच्छी नींद लेने की कोशिश करें। सोने से कम से कम एक घंटे पहले मोबाइल, लैपटॉप और सोशल मीडिया से दूरी बनाना फायदेमंद हो सकता है। ध्यान, गहरी सांस लेने की तकनीक, योग और हल्की वॉक जैसी गतिविधियां भी तनाव कम करने में मदद कर सकती हैं।
नियमित शारीरिक गतिविधि को दिनचर्या का हिस्सा बनाएं
PMOS में एक्सरसाइज सिर्फ वजन घटाने के लिए नहीं, बल्कि इंसुलिन सेंसिटिविटी सुधारने और हार्मोनल संतुलन के लिए भी महत्वपूर्ण मानी जाती है।
सप्ताह में 3–4 दिन स्ट्रेंथ ट्रेनिंग करना और रोजाना कम से कम 8,000–10,000 कदम चलना एक अच्छा लक्ष्य हो सकता है। योग, तेज चाल से पैदल चलना, साइक्लिंग, तैराकी और हल्की कार्डियो एक्सरसाइज भी लाभदायक हो सकती हैं।
किन लक्षणों को नजरअंदाज न करें?
यदि आपको बार-बार पीरियड्स मिस होना, तेजी से वजन बढ़ना, अत्यधिक बाल झड़ना, चेहरे पर लगातार एक्ने, गर्भधारण में कठिनाई या लंबे समय तक अनियमित मासिक धर्म जैसी समस्याएं हैं, तो स्त्री रोग विशेषज्ञ या एंडोक्राइनोलॉजिस्ट से सलाह लेना जरूरी है।
PMOS का कोई एक चमत्कारी इलाज नहीं है, लेकिन सही जीवनशैली अपनाकर इसके लक्षणों को काफी हद तक नियंत्रित किया जा सकता है। संतुलित आहार, पर्याप्त प्रोटीन, अच्छी नींद, तनाव नियंत्रण और नियमित व्यायाम इस स्थिति को मैनेज करने की मजबूत नींव माने जाते हैं।

