ईरान के सुप्रीम लीडर मुज्तबा अली खामेनेई का एक दुर्लभ वीडियो सामने आया है। ईरान की ओर से जारी किए गए इस वीडियो में मुज्तबा एक धार्मिक अकादमिक स्टडी सेशन की अध्यक्षता करते हुए दिखाई दे रहे हैं। खास बात यह है कि वीडियो में उनकी आवाज भी साफ सुनाई दे रही है। युद्ध के बाद पहली बार उनकी आवाज सार्वजनिक रूप से सामने आने के कारण यह वीडियो अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चर्चा का विषय बन गया है।
ईरानी मीडिया के मुताबिक, यह फुटेज एक धार्मिक अकादमिक अध्ययन सत्र का है, जहां मुज्तबा एक छात्र की थीसिस सुनते हुए नजर आ रहे हैं। वीडियो में वह छात्र के शोध कार्य पर अपनी प्रतिक्रिया देते हैं और उसे अंक भी देते हैं। हालांकि, वीडियो की तारीख स्पष्ट नहीं की गई है।
छात्र की थीसिस को दिए 19.5 अंक
ईरान की फार्स न्यूज एजेंसी द्वारा साझा किए गए इस वीडियो में 56 वर्षीय मुज्तबा खामेनेई एक छात्र को अपनी थीसिस प्रस्तुत करते हुए सुनते दिखाई देते हैं। इसके बाद वह छात्र के काम पर अपनी राय रखते हैं।
रिपोर्ट के अनुसार, मुज्तबा ने छात्र की थीसिस को 20 में से 19.5 अंक दिए और उसके काम को बेदाग बताया। वीडियो में वह छात्रों को ईरानी सरकार के तथाकथित ‘इस्लामिक सुरक्षा मॉडल’ के बारे में भी समझाते हुए नजर आते हैं।
यह वीडियो इसलिए भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है क्योंकि लंबे समय से मुज्तबा खामेनेई की सार्वजनिक मौजूदगी और स्वास्थ्य को लेकर कई तरह की चर्चाएं चल रही हैं।
सेहत को लेकर उठते रहे हैं सवाल
मुज्तबा खामेनेई की सेहत को लेकर पिछले कुछ समय से अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कई तरह की अटकलें सामने आती रही हैं। रिपोर्टों के मुताबिक, 28 फरवरी को अमेरिका और इजराइल के संयुक्त हमलों के दौरान वह गंभीर रूप से घायल हुए थे। इसी हमले में उनके पिता और ईरान के पूर्व सुप्रीम लीडर अली खामेनेई की मौत होने की खबर सामने आई थी।
इसके बाद से मुज्तबा की सार्वजनिक गतिविधियों को लेकर काफी कम जानकारी सामने आई थी। ऐसे में ईरानी मीडिया द्वारा जारी किया गया यह वीडियो उनकी मौजूदगी को लेकर महत्वपूर्ण संकेत के तौर पर देखा जा रहा है।
राजनीतिक भूमिका को लेकर भी चर्चा
मुज्तबा खामेनेई लंबे समय से ईरान की राजनीति में पर्दे के पीछे प्रभावशाली भूमिका को लेकर चर्चा में रहे हैं। उनके नेतृत्व, राजनीतिक प्रभाव और ईरान के धार्मिक एवं सैन्य ढांचे में उनकी भूमिका को लेकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर लगातार विश्लेषण होता रहा है।
हालांकि, सामने आया वीडियो बिना तारीख का है और इसमें उनकी वर्तमान स्थिति को लेकर सीमित जानकारी ही मिलती है। इसके बावजूद युद्ध के बाद पहली बार उनकी आवाज सार्वजनिक रूप से सुनाई देने के कारण इस फुटेज ने दुनिया का ध्यान आकर्षित किया है।
वीडियो में मुज्तबा का धार्मिक अध्ययन सत्र में हिस्सा लेना यह संकेत देता है कि वह सार्वजनिक गतिविधियों से पूरी तरह दूर नहीं हैं। अब उनकी अगली सार्वजनिक उपस्थिति और ईरान की ओर से सामने आने वाली आधिकारिक जानकारी पर दुनिया की नजर बनी हुई है।

