14 Jul 2026, Tue

भारत ने शुरू किया UN सुरक्षा परिषद में अस्थायी सदस्यता के लिए अभियान, संयुक्त राष्ट्र मुख्यालय पहुंचे विदेश मंत्री एस जयशंकर

भारत ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद यानी UNSC में 2028-29 के कार्यकाल के लिए अस्थायी सदस्य बनने की दिशा में अपना अभियान शुरू कर दिया है। विदेश मंत्री एस जयशंकर ने न्यूयॉर्क स्थित संयुक्त राष्ट्र मुख्यालय में भारत की उम्मीदवारी की औपचारिक घोषणा की। इस मौके पर उन्होंने संयुक्त राष्ट्र और सुरक्षा परिषद में सुधार की आवश्यकता पर भी जोर दिया।

संयुक्त राष्ट्र मुख्यालय में आयोजित कार्यक्रम में विभिन्न देशों के राजदूत, वरिष्ठ राजनयिक और संयुक्त राष्ट्र के अधिकारी मौजूद रहे। विदेश मंत्री ने कहा कि भारत संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में जिम्मेदार और प्रभावी भूमिका निभाने के लिए तैयार है। उन्होंने बताया कि संयुक्त राष्ट्र के प्रति भारत का दृष्टिकोण ‘SHANTI’ के सिद्धांत पर आधारित है।

शांति, सुरक्षा और समानता पर भारत का जोर

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए एस जयशंकर ने कहा कि भारत का उद्देश्य एक ऐसी वैश्विक व्यवस्था के निर्माण में योगदान देना है, जिसमें शांति, सुरक्षा, सहयोग और समानता को प्राथमिकता मिले। उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में दुनिया कई गंभीर चुनौतियों का सामना कर रही है।

एक ओर विज्ञान, तकनीक और विकास के माध्यम से मानव कल्याण को आगे बढ़ाने की अभूतपूर्व संभावनाएं मौजूद हैं, तो दूसरी ओर युद्ध, हिंसा, आतंकवाद और राजनीतिक अस्थिरता ने वैश्विक शांति के लिए खतरा पैदा किया है। ऐसे माहौल में संयुक्त राष्ट्र और सुरक्षा परिषद की भूमिका पहले से कहीं अधिक महत्वपूर्ण हो जाती है।

जयशंकर ने कहा कि संघर्ष और अस्थिरता अब केवल संबंधित क्षेत्रों तक सीमित नहीं रहते, बल्कि उनका प्रभाव दुनिया के दूर-दराज के देशों पर भी पड़ता है। इसलिए वैश्विक संस्थाओं को बदलती परिस्थितियों के अनुरूप अधिक प्रभावी और प्रतिनिधित्वपूर्ण बनना होगा।

अगले साल जून में हो सकते हैं चुनाव

जानकारी के अनुसार, संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की 2028-29 अवधि की अस्थायी सीटों के लिए चुनाव अगले साल जून में आयोजित किए जाएंगे। भारत ने चुनाव से पहले सदस्य देशों का समर्थन जुटाने के लिए औपचारिक रूप से अपना अभियान शुरू कर दिया है।

भारत इससे पहले भी कई बार संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद का अस्थायी सदस्य रह चुका है। अपने पिछले कार्यकालों के दौरान भारत ने अंतरराष्ट्रीय शांति, आतंकवाद के खिलाफ सहयोग, समुद्री सुरक्षा, विकासशील देशों के हितों और बहुपक्षीय व्यवस्था को मजबूत करने से जुड़े मुद्दों को प्रमुखता से उठाया था।

संयुक्त राष्ट्र में सुधार की मांग

भारत लंबे समय से संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में व्यापक सुधार की मांग करता रहा है। भारत का कहना है कि वर्तमान वैश्विक परिस्थितियों में परिषद की मौजूदा संरचना दुनिया की वास्तविक राजनीतिक, आर्थिक और जनसंख्या संबंधी स्थिति का सही प्रतिनिधित्व नहीं करती।

भारत सुरक्षा परिषद में नए स्थायी और अस्थायी सदस्यों को शामिल करने की मांग भी करता रहा है। कई देशों ने भारत को स्थायी सदस्य बनाए जाने की मांग का समर्थन किया है। भारत का तर्क है कि दुनिया की सबसे बड़ी आबादी, तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्था और वैश्विक मामलों में महत्वपूर्ण भूमिका के कारण उसे सुरक्षा परिषद में स्थायी प्रतिनिधित्व मिलना चाहिए।

गुटारेस से मिले विदेश मंत्री

अभियान की शुरुआत के दौरान एस जयशंकर ने संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुटारेस से भी मुलाकात की। दोनों नेताओं के बीच पश्चिम एशिया की स्थिति, रूस-यूक्रेन युद्ध और अन्य प्रमुख वैश्विक मुद्दों पर चर्चा हुई।

भारत की उम्मीदवारी की घोषणा ऐसे समय में हुई है, जब दुनिया कई युद्धों, आर्थिक अनिश्चितताओं और मानवीय संकटों का सामना कर रही है। आने वाले महीनों में भारत विभिन्न देशों के साथ कूटनीतिक संपर्क बढ़ाकर अपनी उम्मीदवारी के लिए समर्थन जुटाने का प्रयास करेगा।

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