13 May 2026, Wed

भारत और वियतनाम के संबंधों को मिला नया मुकाम, 13 अहम समझौतों पर हस्ताक्षर; PM मोदी ने तय किया नया ट्रेड टारगेट

भारत और वियतनाम के बीच संबंधों को एक नए स्तर पर ले जाते हुए दोनों देशों ने अपने द्विपक्षीय रिश्तों को “एन्हैंस्ड कॉम्प्रिहेंसिव स्ट्रैटेजिक पार्टनरशिप” में अपग्रेड कर दिया है। इस महत्वपूर्ण कदम के साथ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और वियतनाम के राष्ट्रपति तो लाम ने व्यापार, रक्षा और तकनीकी सहयोग को और मजबूत करने पर सहमति जताई।

नई दिल्ली में हुई उच्च स्तरीय बैठक के दौरान प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि भारत वियतनाम के सहयोग से ASEAN देशों के साथ अपने संबंधों को और व्यापक बनाएगा। उन्होंने यह भी घोषणा की कि दोनों देशों के बीच 2030 तक वार्षिक व्यापार को 25 अरब डॉलर तक पहुंचाने का लक्ष्य रखा गया है।

बैठक में दोनों नेताओं ने कई अहम क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने पर चर्चा की, जिनमें डिजिटल पेमेंट्स, फार्मास्यूटिकल्स, शिक्षा, बैंकिंग, संस्कृति और रेयर अर्थ मिनरल्स शामिल हैं। इस दौरान दोनों देशों के बीच 13 महत्वपूर्ण समझौतों पर भी हस्ताक्षर किए गए, जो भविष्य में सहयोग को नई दिशा देंगे।

राष्ट्रपति तो लाम ने अपने संबोधन में कहा कि भारत और वियतनाम के बीच राजनीतिक विश्वास लगातार मजबूत हो रहा है और दोनों देश सुरक्षा सहयोग को और गहरा करने पर सहमत हुए हैं। उन्होंने भारत की इस रणनीतिक साझेदारी को एशिया-प्रशांत क्षेत्र में स्थिरता और विकास के लिए अहम बताया।

दोनों नेताओं ने इंडो-पैसिफिक क्षेत्र की मौजूदा स्थिति पर भी चर्चा की और अंतरराष्ट्रीय कानून, शांति और स्थिरता बनाए रखने के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराई। खासकर दक्षिण चीन सागर में बढ़ते तनाव के बीच इस बैठक को बेहद अहम माना जा रहा है।

वियतनाम के राष्ट्रपति तो लाम की यह भारत की पहली राजकीय यात्रा है, जिसमें उन्होंने नई दिल्ली पहुंचकर दोनों देशों के रिश्तों को और मजबूत करने का संदेश दिया। यह साझेदारी आने वाले वर्षों में भारत और वियतनाम के बीच रणनीतिक, आर्थिक और कूटनीतिक संबंधों को और गहरा करेगी।

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