नई दिल्ली: बैंक ऑफ बड़ौदा (BoB) के एक कर्मचारी के ईमेल अकाउंट से जुड़ी सुरक्षा में सेंध लगने की जानकारी सामने आने के बाद बैंक के लाखों ग्राहकों के बीच चिंता बढ़ गई है। सोशल मीडिया पर ग्राहकों का डेटा लीक होने और कुछ दस्तावेजों के डार्क वेब तक पहुंचने के दावे किए जा रहे हैं। हालांकि, बैंक ऑफ बड़ौदा ने स्पष्ट किया है कि उसका कोर बैंकिंग सिस्टम पूरी तरह सुरक्षित है और ग्राहकों के खातों में जमा राशि पर किसी भी तरह का खतरा नहीं है।
बैंक ने आधिकारिक बयान में बताया कि यह घटना केवल एक कर्मचारी के ईमेल अकाउंट से संबंधित सुरक्षा उल्लंघन तक सीमित है। जैसे ही मामले की जानकारी मिली, उसे तत्काल नियंत्रित कर लिया गया और साइबर सुरक्षा विशेषज्ञों की मदद से जांच शुरू कर दी गई। बैंक ने कहा कि उसकी ट्रांजैक्शन प्रणाली और कोर बैंकिंग इंफ्रास्ट्रक्चर पूरी तरह सुरक्षित हैं तथा ग्राहकों के बैंक खातों से किसी तरह की अनधिकृत निकासी की कोई पुष्टि नहीं हुई है।
डेटा लीक के बाद क्यों बढ़ जाता है साइबर फ्रॉड का खतरा?
साइबर सुरक्षा विशेषज्ञों का कहना है कि किसी भी डेटा लीक की घटना के बाद साइबर अपराधी ग्राहकों को निशाना बनाने की कोशिश करते हैं। वे बैंक अधिकारी बनकर फर्जी फोन कॉल, ईमेल या एसएमएस भेज सकते हैं और ग्राहकों से OTP, PIN, पासवर्ड या बैंकिंग जानकारी हासिल करने की कोशिश करते हैं।
ऐसे में ग्राहकों को किसी भी अनजान कॉल, लिंक या मैसेज पर भरोसा नहीं करना चाहिए। बैंक कभी भी फोन, ईमेल या मैसेज के जरिए OTP, ATM PIN या नेट बैंकिंग पासवर्ड नहीं मांगता।
इन 7 उपायों से रखें अपना बैंक अकाउंट सुरक्षित
साइबर सुरक्षा विशेषज्ञों ने ग्राहकों को कुछ जरूरी सावधानियां बरतने की सलाह दी है।
सबसे पहले अपने नेट बैंकिंग और मोबाइल बैंकिंग का पासवर्ड तुरंत बदलें। यदि यही पासवर्ड किसी अन्य वेबसाइट या ऐप पर भी इस्तेमाल किया गया है तो वहां भी नया और मजबूत पासवर्ड सेट करें।
अपने बैंक खाते में SMS और ईमेल अलर्ट हमेशा सक्रिय रखें, ताकि हर लेनदेन की जानकारी तुरंत मिल सके और किसी संदिग्ध गतिविधि का पता समय रहते चल जाए।
“KYC अपडेट करें”, “अकाउंट बंद हो जाएगा” या “रिवॉर्ड जीतिए” जैसे संदेशों में दिए गए लिंक पर क्लिक करने से बचें। बैंकिंग सेवाओं का उपयोग हमेशा बैंक की आधिकारिक वेबसाइट या मोबाइल ऐप के माध्यम से ही करें।
यदि आपको लगता है कि आपका आधार नंबर गलत हाथों में पहुंच गया है, तो UIDAI की आधिकारिक सेवाओं के माध्यम से अपने आधार की बायोमेट्रिक सुविधा को लॉक कर दें।
समय-समय पर अपनी क्रेडिट रिपोर्ट भी जांचते रहें, ताकि आपके नाम पर किसी प्रकार का फर्जी लोन या क्रेडिट कार्ड जारी होने की जानकारी समय रहते मिल सके।
यदि कोई संदिग्ध लेनदेन या गतिविधि दिखाई दे तो तुरंत बैंक की ग्राहक सेवा से संपर्क करें और राष्ट्रीय साइबर अपराध पोर्टल या हेल्पलाइन 1930 पर शिकायत दर्ज कराएं।
इसके अलावा बैंक में अपना मोबाइल नंबर और ईमेल आईडी हमेशा अपडेट रखें, ताकि सुरक्षा संबंधी सभी अलर्ट और सूचनाएं समय पर प्राप्त होती रहें।
क्या बैंक अकाउंट बंद करने की जरूरत है?
फिलहाल बैंक ऑफ बड़ौदा ने स्पष्ट किया है कि ग्राहकों के खातों में जमा धन सुरक्षित है और कोर बैंकिंग सिस्टम पर किसी तरह का साइबर हमला नहीं हुआ है। इसलिए केवल डेटा लीक की आशंका के आधार पर बैंक अकाउंट बंद करने की आवश्यकता नहीं है।
हालांकि, ग्राहकों को अपने बैंक खाते पर नियमित नजर रखनी चाहिए और किसी भी संदिग्ध कॉल, ईमेल या लिंक से सतर्क रहना चाहिए। डिजिटल बैंकिंग के इस दौर में थोड़ी सी सावधानी और समय पर उठाए गए सुरक्षा कदम आपको साइबर ठगी और आर्थिक नुकसान से बचा सकते हैं। बैंक और साइबर सुरक्षा एजेंसियों द्वारा जारी आधिकारिक अपडेट पर ही भरोसा करें और किसी भी अपुष्ट सोशल मीडिया दावे पर तुरंत विश्वास करने से बचें।

