Viral News: बेंगलुरु कपल ने श्रीलंका से भारत तक 32 KM की खुली समुद्री तैराकी कर बनाया रिकॉर्ड
बेंगलुरु से एक कपल ने ऐसा कारनामा कर दिखाया है, जिसने सोशल मीडिया पर सबको हैरान कर दिया है। दानिश अब्दी और वृषाली प्रसाद ने श्रीलंका से भारत तक खुले समुद्र में तैरकर लगभग 32 किलोमीटर की दूरी तय की और एक अनोखा रिकॉर्ड अपने नाम किया। यह चुनौती हिंद महासागर में राम सेतु मार्ग के पास पूरी की गई, जिसे अब तक के सबसे कठिन ओपन वॉटर स्विमिंग चैलेंज में से एक माना जा रहा है।
10 घंटे से ज्यादा चली कठिन यात्रा
रिपोर्ट्स के मुताबिक, इस कपल ने श्रीलंका के तलाईमन्नार से भारत के धनुष्कोडी तक की दूरी लगभग 10 घंटे 45 मिनट में पूरी की। यह पूरा सफर बिना किसी बड़े ब्रेक के लगातार खुले पानी में तैरकर तय किया गया। समुद्र की बदलती लहरें, तेज बहाव और थकान के बावजूद दोनों ने अपना लक्ष्य पूरा किया।
तैराकी पूरी करने के बाद कपल ने इंस्टाग्राम पर अपनी खुशी साझा करते हुए लिखा कि यह एक बेहद कठिन दिन था, लेकिन उन्होंने इसे सफलतापूर्वक पूरा कर लिया।
सोशल मीडिया पर वायरल हुआ वीडियो
जैसे ही इस उपलब्धि का वीडियो सोशल मीडिया पर सामने आया, यह तेजी से वायरल हो गया। इंस्टाग्राम पर @our.life.in.miles हैंडल से साझा किए गए वीडियो पर हजारों लोगों ने प्रतिक्रिया दी। यूजर्स ने इस कपल के जज्बे, मेहनत और टीमवर्क की जमकर सराहना की।
कई लोगों ने इसे “प्रेरणादायक उपलब्धि” बताया, वहीं कुछ ने कहा कि इस तरह की चुनौतियां मानव क्षमता की सीमाओं को आगे बढ़ाती हैं।
विशेष अभियान का हिस्सा था यह चैलेंज
जानकारी के अनुसार, यह तैराकी किसी हॉस्पिटल समर्थित पहल का हिस्सा थी, जिसका उद्देश्य शारीरिक फिटनेस और मानसिक दृढ़ता को बढ़ावा देना था। इस कपल ने पहले भी ओपन वॉटर स्विमिंग इवेंट्स में हिस्सा लिया है, लेकिन एक जोड़ी के रूप में यह उनकी सबसे लंबी दूरी की पहली बड़ी चुनौती थी।
तैयारी और अनुभव
तैराकी शुरू करने से पहले दोनों ने कोलंबो में मीडिया से बातचीत की थी, जहां उन्होंने बताया कि इस चुनौती के लिए उन्होंने महीनों तक तैयारी की थी। समुद्री परिस्थितियों में तैरने का अनुभव पहले से होने के बावजूद यह यात्रा बेहद कठिन रही।
प्रेरणा बन गया यह कारनामा
आईटी सेक्टर में काम करने वाले इस कपल की यह उपलब्धि अब युवाओं के लिए प्रेरणा बन गई है। सोशल मीडिया पर लोग इसे “हिम्मत, धैर्य और समर्पण की मिसाल” बता रहे हैं।
इस अनोखी तैराकी ने न सिर्फ भारत-श्रीलंका मार्ग को चर्चा में ला दिया है, बल्कि यह भी साबित किया है कि सही तैयारी और मजबूत इरादों से कोई भी लक्ष्य हासिल किया जा सकता है।

