बारिश के मौसम में बढ़ी हुई उमस, पसीना और धूल-मिट्टी त्वचा को चिपचिपा, तैलीय और बेजान बना सकते हैं। ऐसे में नियमित सफाई और मॉइस्चराइजिंग के साथ घर पर तैयार किए गए कुछ आसान नेचुरल टोनर त्वचा को तरोताजा रखने में मदद कर सकते हैं। खीरा, गुलाब जल, ग्रीन टी और एलोवेरा जैसी चीजों से इन्हें आसानी से बनाया जा सकता है।
मानसून का मौसम गर्मी से राहत जरूर देता है, लेकिन बढ़ती नमी त्वचा के लिए कई परेशानियां भी लेकर आती है। इस दौरान चेहरे पर अधिक पसीना आने, धूल चिपकने और तेल जमा होने के कारण पोर्स बंद हो सकते हैं। इसकी वजह से त्वचा सुस्त नजर आने लगती है और पिंपल्स, दाने या रेडनेस जैसी समस्याएं भी बढ़ सकती हैं।
चेहरे को साफ और तरोताजा रखने के लिए लोग बाजार में मिलने वाले कई स्किन केयर उत्पादों का इस्तेमाल करते हैं। हालांकि, कुछ सामान्य घरेलू सामग्रियों से भी प्राकृतिक टोनर तैयार किए जा सकते हैं। इन्हें इस्तेमाल करने से पहले त्वचा के छोटे हिस्से पर पैच टेस्ट करना जरूरी है।
1. खीरा और पुदीना टोनर
ऑयली और चिपचिपी त्वचा के लिए खीरा और पुदीना टोनर उपयोगी हो सकता है। खीरा त्वचा को ठंडक और ताजगी का अनुभव देता है, जबकि पुदीना चेहरे पर जमा अतिरिक्त तेल को कम करने में मदद कर सकता है।
इस टोनर को बनाने के लिए एक छोटे खीरे को कद्दूकस करके उसका रस निकाल लें। इसके बाद मुट्ठी भर पुदीने की पत्तियों को थोड़े पानी में उबालें। पानी ठंडा होने पर इसे छान लें। अब खीरे के रस और पुदीने के पानी को बराबर मात्रा में मिलाकर स्प्रे बोतल में भरें।
चेहरा साफ करने के बाद इसे कॉटन पैड या स्प्रे की मदद से लगाया जा सकता है। आंखों के आसपास इसका इस्तेमाल न करें।
2. गुलाब जल और ग्लिसरीन टोनर
अगर मानसून में भी त्वचा रूखी, खिंची हुई या बेजान दिखाई देती है, तो गुलाब जल और ग्लिसरीन का मिश्रण त्वचा की नमी बनाए रखने में मदद कर सकता है।
इसके लिए आधा कप शुद्ध गुलाब जल में एक छोटा चम्मच ग्लिसरीन मिलाएं। मिश्रण को अच्छी तरह हिलाकर साफ स्प्रे बोतल में भर लें। चेहरा धोने के बाद इसकी थोड़ी मात्रा त्वचा पर लगाएं।
संवेदनशील त्वचा वाले लोगों को इसमें नींबू का रस नहीं मिलाना चाहिए, क्योंकि नींबू से जलन, लालिमा या धूप के प्रति संवेदनशीलता बढ़ सकती है। बहुत ऑयली त्वचा होने पर ग्लिसरीन की मात्रा कम रखें।
3. ग्रीन टी और एलोवेरा टोनर
बारिश के मौसम में चेहरे पर हल्की सूजन, लालिमा या थकान नजर आए तो ग्रीन टी और एलोवेरा से तैयार टोनर इस्तेमाल किया जा सकता है।
एक कप गर्म पानी में ग्रीन टी बैग डालकर कुछ मिनट छोड़ दें। पानी पूरी तरह ठंडा होने के बाद इसमें एक से दो चम्मच शुद्ध एलोवेरा जेल मिलाएं। दोनों सामग्रियों को अच्छी तरह मिलाकर साफ बोतल में भर लें।
ग्रीन टी में मौजूद एंटीऑक्सीडेंट त्वचा को पर्यावरणीय प्रभावों से बचाने में सहायक हो सकते हैं, जबकि एलोवेरा त्वचा को आराम और नमी देने में मदद करता है।
इन बातों का रखें ध्यान
घर पर तैयार टोनर में प्रिजर्वेटिव नहीं होते, इसलिए इन्हें फ्रिज में रखें और तीन से पांच दिनों के भीतर इस्तेमाल कर लें। लगाने से पहले पैच टेस्ट जरूर करें। तेज खुजली, जलन, लगातार पिंपल्स या रैशेज होने पर घरेलू उपाय बंद करके त्वचा रोग विशेषज्ञ से सलाह लें। टोनर के साथ हल्का मॉइस्चराइजर और दिन में सनस्क्रीन लगाना भी जरूरी है।

