नई दिल्ली, 1 जुलाई 2026: पश्चिम बंगाल और पंजाब की महिलाओं के लिए राहत भरी खबर है। दोनों राज्यों की महिला कल्याण योजनाओं के तहत पात्र लाभार्थियों के बैंक खातों में आर्थिक सहायता भेजी जा रही है। पंजाब सरकार बुधवार से ‘मावां धीयां सत्कार योजना’ की पहली किस्त जारी कर रही है। वहीं, पश्चिम बंगाल में ‘अन्नपूर्णा योजना’ के तहत पात्र महिलाओं को हर महीने 3,000 रुपये की सहायता दी जा रही है।
पंजाब की सामान्य वर्ग की पात्र महिलाओं के खाते में तीन महीने की राशि के रूप में एकमुश्त 3,000 रुपये भेजे जाएंगे। अनुसूचित जाति वर्ग की महिलाओं को 1,500 रुपये प्रति माह के हिसाब से तीन महीने के कुल 4,500 रुपये मिलेंगे। मुख्यमंत्री भगवंत मान ने पहले ही घोषणा की थी कि लाभार्थियों को राशि जमा होने की जानकारी उनके पंजीकृत मोबाइल नंबर पर मिलेगी।
तीन महीने की राशि एक साथ दे रही पंजाब सरकार
‘मावां धीयां सत्कार योजना’ के अंतर्गत सामान्य वर्ग की पात्र महिला को हर महीने 1,000 रुपये और अनुसूचित जाति वर्ग की महिला को 1,500 रुपये देने का प्रावधान है। पहली किस्त में अप्रैल, मई और जून की राशि एक साथ दी जा रही है।
योजना का लाभ लेने के लिए महिला की उम्र कम से कम 18 वर्ष होनी चाहिए। उसका पंजाब का निवासी और राज्य का पंजीकृत मतदाता होना जरूरी है। आधार कार्ड में पंजाब का पता और वैध वोटर आईडी भी आवश्यक है। केंद्र या राज्य सरकार के नियमित अथवा सेवानिवृत्त कर्मचारी, मौजूदा सांसद-विधायक और कुछ अन्य निर्धारित श्रेणियों को योजना से बाहर रखा गया है। पंजाब सरकार ने इस योजना के लिए 9,300 करोड़ रुपये का बजटीय प्रावधान किया है।
बंगाल में हर महीने मिलेंगे 3,000 रुपये
पश्चिम बंगाल सरकार ने महिलाओं के आर्थिक और सामाजिक सशक्तिकरण के लिए ‘अन्नपूर्णा योजना’ लागू की है। योजना को 1 जून से प्रभावी किया गया था और 3 जून को औपचारिक रूप से लॉन्च करते हुए पहले चरण का भुगतान शुरू किया गया। शुरुआत में 28 लाख से अधिक महिलाओं के खातों में राशि भेजने की प्रक्रिया शुरू हुई थी। लाभार्थियों की सूची को नियमित रूप से अपडेट किया जा रहा है।
अन्नपूर्णा योजना में 25 से 60 वर्ष की पात्र महिलाओं को हर महीने 3,000 रुपये दिए जाते हैं। आवेदक आयकरदाता, स्थायी सरकारी कर्मचारी या सरकारी वेतन अथवा पेंशन प्राप्त करने वाली नहीं होनी चाहिए। पुरानी लक्ष्मी भंडार योजना की पात्र लाभार्थियों को सत्यापन के बाद नई योजना में स्थानांतरित किया जा रहा है।
खाते में पैसे आए या नहीं, ऐसे करें चेक
सरकारी सहायता आधार से जुड़े बैंक खाते में डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर यानी DBT के माध्यम से भेजी जाती है। लाभार्थी बैंक की पासबुक अपडेट कराकर, मोबाइल बैंकिंग, नेट बैंकिंग या बैंक स्टेटमेंट के माध्यम से भुगतान देख सकती हैं। बैंक खाते से मोबाइल नंबर जुड़ा होने पर राशि जमा होते ही SMS भी मिल सकता है।
पश्चिम बंगाल की महिलाएं राज्य के सोशल सिक्योरिटी पोर्टल पर ‘Track Applicant Status’ विकल्प चुनकर आवेदन आईडी, आधार नंबर या पंजीकृत मोबाइल नंबर के माध्यम से आवेदन और भुगतान की स्थिति देख सकती हैं। आधार-बैंक लिंक नहीं होने, गलत खाता संख्या या निष्क्रिय बैंक खाते के कारण भुगतान में देरी हो सकती है।

