विजयनगरम: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को आंध्र प्रदेश के विजयनगरम जिले के भोगपुरम में कई महत्वपूर्ण विकास परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास किया। इस दौरान उन्होंने भोगपुरम अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे का उद्घाटन भी किया और कहा कि यह एयरपोर्ट उत्तर आंध्र और पूरे राज्य के आर्थिक विकास को नई गति देगा। उन्होंने कहा कि आंध्र प्रदेश तेजी से विकास के रास्ते पर आगे बढ़ रहा है और नई परियोजनाएं राज्य की कनेक्टिविटी, उद्योग और रोजगार को मजबूत करेंगी।
अपने संबोधन में प्रधानमंत्री ने कहा कि भोगपुरम एयरपोर्ट केवल एक हवाई अड्डा नहीं, बल्कि आंध्र प्रदेश की ग्रोथ का रनवे और युवाओं के बेहतर भविष्य का लॉन्चपैड है। उन्होंने कहा कि सड़क संपर्क, ऊर्जा सुरक्षा और बुनियादी ढांचे से जुड़ी परियोजनाएं राज्य के समग्र विकास की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगी।
पीएम मोदी ने घोषणा की कि नए एयरपोर्ट का नाम स्वतंत्रता सेनानी श्री अल्लूरी सीताराम राजू के नाम पर रखा जाएगा। उन्होंने कहा कि उनकी सरकार ने सार्वजनिक संस्थानों के नामकरण की पुरानी परंपरा में बदलाव किया है। उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि अयोध्या एयरपोर्ट का नाम महर्षि वाल्मीकि और पंजाब में एयरपोर्ट का नाम संत रविदास के नाम पर रखा गया है। उनके अनुसार, राष्ट्रीय नायकों और जनजातीय गौरव से जुड़े व्यक्तित्वों को उचित सम्मान देना सरकार की प्राथमिकता है।
प्रधानमंत्री ने ब्लू इकोनॉमी और तटीय विकास पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार का लक्ष्य आंध्र प्रदेश के पूरे तटीय क्षेत्र को कोस्टल इकोनॉमिक कॉरिडोर के रूप में विकसित करना है। इसी दिशा में विशाखापट्टनम से कृष्णापट्टनम तक पुराने बंदरगाहों का आधुनिकीकरण किया जा रहा है, जबकि मुलापेटा और रामायापट्टनम में नए बंदरगाह विकसित किए जा रहे हैं।
उन्होंने कहा कि आंध्र प्रदेश के युवाओं की प्रतिभा को नई तकनीकी और औद्योगिक संभावनाओं से जोड़ना आवश्यक है। इसी उद्देश्य से सरकार सेमीकंडक्टर और भविष्य की तकनीकी उद्योगों पर विशेष ध्यान दे रही है। उन्होंने कहा कि विशाखापट्टनम में नए सेमीकंडक्टर प्लांट का शिलान्यास इस दिशा में एक बड़ा कदम है, जिससे रोजगार, निवेश और तकनीकी विकास को बढ़ावा मिलेगा।
पीएम मोदी ने कार्यक्रम में 13 हजार से अधिक आदिवासी महिलाओं और युवतियों द्वारा प्रस्तुत ढिमसा नृत्य की भी सराहना की। उन्होंने कहा कि यह प्रस्तुति केवल एक सांस्कृतिक कार्यक्रम नहीं, बल्कि भारत की जनजातीय विरासत, अनुशासन और सांस्कृतिक समृद्धि का प्रतीक है। उन्होंने इस उपलब्धि के लिए सभी प्रतिभागियों को बधाई दी और विशेष रूप से आदिवासी महिलाओं के उत्साह की प्रशंसा की।
प्रधानमंत्री ने आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू की भी सराहना की। उन्होंने कहा कि नायडू ने विकास और सांस्कृतिक विरासत दोनों को साथ लेकर चलने का प्रयास किया है। पीएम ने कहा कि एक ओर आधुनिक एयरपोर्ट जैसी आधारभूत संरचनाएं तैयार हो रही हैं, तो दूसरी ओर जनजातीय संस्कृति को वैश्विक पहचान दिलाने वाले प्रयास भी किए जा रहे हैं।
उन्होंने कहा कि भोगपुरम एयरपोर्ट, सड़क संपर्क, बंदरगाह और सेमीकंडक्टर परियोजनाएं मिलकर आंध्र प्रदेश को आने वाले वर्षों में औद्योगिक, तकनीकी और आर्थिक विकास का प्रमुख केंद्र बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगी।

