30 Jul 2026, Thu

‘पाकिस्तानी कश्मीर नहीं, सिर्फ पाकिस्तान के कब्जे वाला कश्मीर’, भारत ने न्यूयॉर्क टाइम्स को लगाई फटकार

वॉशिंगटन/नई दिल्ली: अमेरिका में भारतीय दूतावास ने पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (PoK) को ‘पाकिस्तानी कश्मीर’ कहे जाने पर अमेरिकी अखबार द न्यूयॉर्क टाइम्स के प्रति कड़ी आपत्ति जताई है। दूतावास ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि ‘पाकिस्तानी कश्मीर’ जैसा कोई अस्तित्व नहीं है, बल्कि सही शब्द ‘पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (Pakistan Occupied Kashmir – PoK)’ है। भारत ने एक बार फिर दोहराया कि जम्मू-कश्मीर और लद्दाख उसके अभिन्न और अविभाज्य हिस्से हैं।

भारतीय दूतावास की यह प्रतिक्रिया उस रिपोर्ट के बाद आई जिसमें द न्यूयॉर्क टाइम्स ने PoK के लिए ‘Pakistani Kashmir’ शब्द का इस्तेमाल किया था। भारत ने इसे तथ्यों के विपरीत और भ्रामक बताते हुए आपत्ति दर्ज कराई।

भारतीय दूतावास ने क्या कहा?

अमेरिका स्थित भारतीय दूतावास ने अपने आधिकारिक बयान में कहा कि मीडिया संस्थानों को ऐसे संवेदनशील मुद्दों पर सही और ऐतिहासिक रूप से प्रमाणित शब्दावली का उपयोग करना चाहिए। दूतावास ने कहा कि जिस क्षेत्र को ‘पाकिस्तानी कश्मीर’ कहा गया है, वह वास्तव में भारत का हिस्सा है, जिस पर पाकिस्तान ने अवैध कब्जा कर रखा है

बयान में कहा गया कि “पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर ही सही और मान्य शब्द है। जम्मू-कश्मीर और लद्दाख भारत के अभिन्न एवं अविभाज्य अंग हैं और इस स्थिति में कोई बदलाव नहीं हुआ है।”

भारत का पुराना और स्पष्ट रुख

भारत लंबे समय से यह कहता आया है कि पूरा जम्मू-कश्मीर भारत का अभिन्न हिस्सा है। 1947 में जम्मू-कश्मीर के भारत में विलय के बाद से भारत का आधिकारिक रुख यही रहा है कि पाकिस्तान ने राज्य के एक हिस्से पर अवैध कब्जा किया हुआ है। इसी कारण भारत उस क्षेत्र को Pakistan Occupied Kashmir (PoK) कहता है।

भारत सरकार विभिन्न अंतरराष्ट्रीय मंचों पर भी यह स्पष्ट करती रही है कि जम्मू-कश्मीर और लद्दाख भारत के अभिन्न हिस्से हैं और पाकिस्तान का कब्जा अवैध है।

अंतरराष्ट्रीय मीडिया की शब्दावली पर पहले भी जताई गई है आपत्ति

यह पहला अवसर नहीं है जब भारत ने किसी विदेशी मीडिया संस्थान द्वारा इस्तेमाल की गई शब्दावली पर आपत्ति जताई हो। अतीत में भी भारत ने कई अंतरराष्ट्रीय समाचार संस्थानों, संगठनों और प्रकाशनों को यह याद दिलाया है कि PoK को ‘आज़ाद कश्मीर’ या ‘पाकिस्तानी कश्मीर’ जैसे शब्दों से संबोधित करना भारत की संप्रभुता और क्षेत्रीय अखंडता के संदर्भ में गलत है।

विशेषज्ञों का मानना है कि कश्मीर जैसे संवेदनशील मुद्दे पर प्रयुक्त शब्दावली का कूटनीतिक महत्व होता है और ऐसे शब्द अंतरराष्ट्रीय धारणा को प्रभावित कर सकते हैं।

भारत ने दोहराया अपना दावा

भारतीय दूतावास ने अपने बयान के माध्यम से एक बार फिर यह संदेश दिया कि भारत अपने क्षेत्रीय दावे और संवैधानिक स्थिति को लेकर पूरी तरह स्पष्ट है। दूतावास ने जोर देकर कहा कि जम्मू-कश्मीर और लद्दाख भारत के अभिन्न एवं अविभाज्य हिस्से हैं और PoK पर पाकिस्तान का कब्जा अवैध है।

इस विवाद के बाद द न्यूयॉर्क टाइम्स की रिपोर्ट और उसमें प्रयुक्त शब्दावली को लेकर कूटनीतिक स्तर पर चर्चा तेज हो गई है। भारत ने संकेत दिया है कि अंतरराष्ट्रीय मीडिया को ऐसे मामलों में अधिक जिम्मेदारी और तथ्यात्मक सटीकता के साथ रिपोर्टिंग करनी चाहिए।

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