नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में बुधवार को हुई केंद्रीय मंत्रिमंडल की आर्थिक मामलों की समिति (CCEA) की बैठक में रेलवे से जुड़े चार बड़े मल्टी-ट्रैकिंग प्रोजेक्ट्स को मंजूरी दी गई है। इन परियोजनाओं पर कुल करीब 9,450 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। सरकार का मानना है कि इन प्रोजेक्ट्स के पूरा होने से रेल नेटवर्क की क्षमता बढ़ेगी, ट्रेनों की आवाजाही सुगम होगी और यात्रियों को भीड़भाड़ से राहत मिलेगी।
इन चारों परियोजनाओं के तहत पश्चिम बंगाल, ओडिशा, आंध्र प्रदेश और तमिलनाडु में रेलवे लाइनों का विस्तार और मल्टी-ट्रैकिंग का काम किया जाएगा। परियोजनाओं का उद्देश्य बढ़ती यात्री और माल ढुलाई की जरूरतों को पूरा करने के साथ-साथ प्रमुख रेल मार्गों पर परिचालन को अधिक बेहतर बनाना है।
किन रेल परियोजनाओं को मिली मंजूरी?
कैबिनेट की मंजूरी के बाद खड़गपुर-भद्रक सेक्शन पर चौथी लाइन बिछाई जाएगी। यह परियोजना पश्चिम बंगाल और ओडिशा से होकर गुजरने वाले करीब 173 किलोमीटर लंबे रेल मार्ग से जुड़ी है।
इसके अलावा ओडिशा के भद्रक-हरिदासपुर सेक्शन पर करीब 75 किलोमीटर लंबी चौथी लाइन का निर्माण किया जाएगा। यह लाइन इस क्षेत्र में रेल परिवहन की क्षमता बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।
दक्षिण भारत में गुम्मिडिपुंडी-गुडुर सेक्शन पर तीसरी और चौथी लाइन बिछाने की योजना है। करीब 90 किलोमीटर लंबे इस प्रोजेक्ट का लाभ आंध्र प्रदेश और तमिलनाडु को मिलेगा।
वहीं ओडिशा के कटक-पारादीप सेक्शन पर भी तीसरी और चौथी लाइन बिछाई जाएगी। करीब 72 किलोमीटर लंबी इस परियोजना से कटक और पारादीप के बीच रेल कनेक्टिविटी और माल ढुलाई क्षमता को मजबूत करने में मदद मिलेगी।
रेलवे की क्षमता बढ़ाने पर जोर
मल्टी-ट्रैकिंग का सबसे बड़ा फायदा यह होगा कि एक ही रेल कॉरिडोर पर अधिक संख्या में ट्रेनों का संचालन किया जा सकेगा। मौजूदा लाइनों पर ट्रेनों की संख्या बढ़ने के कारण कई रूट पर परिचालन दबाव रहता है। नई रेल लाइनों के निर्माण से ट्रेनों को चलाने के लिए अतिरिक्त क्षमता उपलब्ध होगी।
इससे यात्री ट्रेनों के साथ-साथ मालगाड़ियों की आवाजाही को भी बेहतर तरीके से मैनेज किया जा सकेगा। सरकार को उम्मीद है कि परियोजनाओं के पूरा होने के बाद प्रमुख रूट पर ट्रेनों की आवाजाही अधिक सुचारु होगी और यात्रियों को लंबे समय तक ट्रैफिक या ट्रेन संचालन संबंधी दबाव का सामना कम करना पड़ेगा।
माल ढुलाई और लॉजिस्टिक्स को भी मिलेगा फायदा
इन परियोजनाओं का लाभ केवल यात्रियों तक सीमित नहीं रहेगा। पारादीप जैसे महत्वपूर्ण औद्योगिक और बंदरगाह क्षेत्र से माल की आवाजाही के लिए बेहतर रेल कनेक्टिविटी काफी अहम है। अतिरिक्त रेल लाइनें बनने से मालगाड़ियों की क्षमता और परिचालन में सुधार आने की उम्मीद है।
सरकार के मुताबिक, इन परियोजनाओं की योजना प्रधानमंत्री गति शक्ति राष्ट्रीय मास्टर प्लान के तहत बनाई गई है। इसका उद्देश्य विभिन्न परिवहन माध्यमों के बीच बेहतर कनेक्टिविटी स्थापित करना और लॉजिस्टिक्स की लागत व समय को कम करना है।
रोजगार और क्षेत्रीय विकास को भी बढ़ावा
रेल परियोजनाओं के निर्माण से प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से रोजगार के अवसर पैदा होने की भी उम्मीद है। इसके साथ ही जिन क्षेत्रों से ये रेल लाइनें गुजरेंगी, वहां आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा मिल सकता है।
कुल मिलाकर, करीब 9,450 करोड़ रुपये की इन चार परियोजनाओं को रेलवे के बुनियादी ढांचे को मजबूत करने की दिशा में बड़ा कदम माना जा रहा है। नई लाइनें तैयार होने के बाद यात्री परिवहन, माल ढुलाई और क्षेत्रीय कनेक्टिविटी—तीनों को फायदा मिलने की उम्मीद है।

