काठमांडू: भारत से सटे नेपाल के सुनसारी जिले में दो समुदायों के बीच हुए विवाद ने हिंसक रूप ले लिया। धार्मिक कार्यक्रमों के दौरान लाउडस्पीकर के इस्तेमाल और धार्मिक झंडे लगाने को लेकर शुरू हुआ विवाद देखते ही देखते सांप्रदायिक झड़प में बदल गया। हिंसा के दौरान एक युवक की मौत हो गई, जबकि सुरक्षाकर्मियों समेत एक दर्जन से अधिक लोग घायल हुए हैं। हालात को देखते हुए जिला प्रशासन ने प्रभावित इलाकों में अनिश्चितकालीन पाबंदियां लागू कर दी हैं।
नेपाल पुलिस और प्रशासन के अनुसार, हिंसा रविवार रात सुनसारी जिले के देवगंज ग्रामीण नगर पालिका के कप्तानगंज इलाके में भड़की। घटना के बाद बड़ी संख्या में पुलिस और सुरक्षा बलों को मौके पर तैनात किया गया, ताकि स्थिति को नियंत्रित किया जा सके।
कैसे शुरू हुआ विवाद?
प्रारंभिक जानकारी के मुताबिक, इलाके में दो अलग-अलग धार्मिक समुदाय अपने-अपने कार्यक्रम आयोजित कर रहे थे। इसी दौरान लाउडस्पीकर के उपयोग और धार्मिक झंडे लगाने को लेकर दोनों पक्षों के बीच कहासुनी शुरू हो गई।
कुछ ही देर में विवाद इतना बढ़ गया कि दोनों पक्ष आमने-सामने आ गए और पथराव व झड़प की स्थिति पैदा हो गई। हालात बिगड़ते देख सुरक्षा बलों को हस्तक्षेप करना पड़ा, लेकिन तनाव तेजी से फैल गया और पूरे इलाके में अफरा-तफरी का माहौल बन गया।
पुलिस कार्रवाई में एक युवक की मौत
पुलिस के अनुसार, भीड़ को नियंत्रित करने और हिंसा रोकने के लिए सुरक्षा बलों ने कार्रवाई की। इसी दौरान चली गोली से 24 वर्षीय ओम प्रकाश मेहता की मौत हो गई।
इस घटना में सुरक्षाकर्मियों सहित कई अन्य लोग भी घायल हुए हैं। घायलों का स्थानीय अस्पतालों में इलाज चल रहा है। प्रशासन ने मामले की जांच शुरू कर दी है और हिंसा के कारणों की विस्तृत पड़ताल की जा रही है।
कई इलाकों में लागू हुई पाबंदियां
सुनसारी जिला प्रशासन कार्यालय ने सोमवार सुबह से जिले के पांच प्रमुख बाजार क्षेत्रों में अनिश्चितकालीन पाबंदियां लागू कर दी हैं। प्रशासन का कहना है कि यह फैसला कानून-व्यवस्था बनाए रखने और किसी भी नई हिंसक घटना को रोकने के उद्देश्य से लिया गया है।
पाबंदियों के तहत प्रभावित क्षेत्रों में चार से अधिक लोगों के एकत्र होने, जुलूस निकालने, प्रदर्शन करने, सार्वजनिक सभाएं आयोजित करने और धरना देने पर रोक लगा दी गई है।
प्रशासन ने चेतावनी दी है कि आदेश का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। नियम तोड़ने पर 500 नेपाली रुपये का जुर्माना, एक महीने तक की जेल, या दोनों तरह की सजा दी जा सकती है।
भारत से सटा है सुनसारी जिला
सुनसारी जिला नेपाल के दक्षिण-पूर्वी हिस्से में स्थित है और इसकी सीमा भारत के बिहार राज्य से लगती है। यह इलाका नेपाल और भारत के बीच व्यापार और आवागमन के लिहाज से काफी महत्वपूर्ण माना जाता है।
ऐसे में इस क्षेत्र में उत्पन्न तनाव पर दोनों देशों के सीमावर्ती इलाकों की भी नजर बनी हुई है। हालांकि फिलहाल हिंसा का असर नेपाल के स्थानीय क्षेत्रों तक ही सीमित बताया जा रहा है।
हालात पर प्रशासन की नजर
प्रशासन ने प्रभावित क्षेत्रों में अतिरिक्त सुरक्षा बलों की तैनाती कर दी है। पुलिस लगातार फ्लैग मार्च कर रही है और लोगों से शांति बनाए रखने की अपील की जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है और अफवाहों से बचने की सलाह दी गई है।
स्थानीय प्रशासन ने लोगों से सोशल मीडिया पर भड़काऊ या अपुष्ट जानकारी साझा न करने की अपील भी की है। फिलहाल इलाके में तनावपूर्ण शांति बनी हुई है और प्रशासन का प्रयास है कि जल्द से जल्द सामान्य स्थिति बहाल की जा सके।
नेपाल में हुई इस घटना ने एक बार फिर धार्मिक सौहार्द और सामाजिक शांति बनाए रखने की आवश्यकता को रेखांकित किया है। प्रशासन को उम्मीद है कि संवाद और सुरक्षा व्यवस्था के जरिए हालात जल्द नियंत्रण में आ जाएंगे।

