14 May 2026, Thu

नीदरलैंड में काम करने से कैसे बदल गई जिंदगी, इस भारतीय महिला ने बताया; शेयर किया वीडियो

विदेशों में काम करने वाले भारतीय अक्सर वहां की लाइफस्टाइल और वर्क कल्चर को लेकर अपने अनुभव साझा करते रहते हैं। इन दिनों सोशल मीडिया पर एक भारतीय महिला का वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें उसने नीदरलैंड के वर्क कल्चर के बारे में ऐसी बातें बताई हैं, जिन्हें सुनकर लोग काफी प्रभावित हो रहे हैं। महिला ने बताया कि वहां काम करने का तरीका भारत से काफी अलग है और इस अनुभव ने उसकी सोच और जीवनशैली दोनों बदल दी हैं।

इंस्टाग्राम पर शेयर किया अनुभव

यह वायरल वीडियो इंस्टाग्राम पर @extra_aditi नाम के अकाउंट से शेयर किया गया है। वीडियो में अदिति नाम की महिला अपने अनुभव साझा करते हुए बताती हैं कि नीदरलैंड में लोग काम को बहुत गंभीरता से लेते हैं, लेकिन साथ ही निजी जिंदगी को भी बराबर महत्व देते हैं। उन्होंने कहा कि वहां “वर्क-लाइफ बैलेंस” सिर्फ एक शब्द नहीं बल्कि लोगों की जीवनशैली का हिस्सा है।

अदिति के मुताबिक, डच लोग ऑफिस के समय पूरी तरह काम पर फोकस करते हैं। वे समय के बेहद पाबंद होते हैं और काम को पूरी ईमानदारी से पूरा करते हैं। लेकिन जैसे ही ऑफिस का समय खत्म होता है, वे काम को पीछे छोड़कर अपने परिवार, दोस्तों और निजी जीवन को समय देते हैं।

‘ऑफिस खत्म मतलब काम खत्म’

वीडियो में महिला बताती हैं कि नीदरलैंड में ऑफिस के बाद कर्मचारियों से काम की उम्मीद नहीं की जाती। वहां देर रात तक कॉल, मैसेज या लगातार काम करने की संस्कृति नहीं है। कर्मचारियों के निजी समय का सम्मान किया जाता है और यही चीज उन्हें मानसिक रूप से ज्यादा स्वस्थ और खुश रखती है।

उन्होंने कहा कि इस माहौल में काम करने के बाद उनकी सोच में बड़ा बदलाव आया है। अब वे समझ पाई हैं कि जीवन केवल काम तक सीमित नहीं होना चाहिए और मानसिक शांति भी उतनी ही जरूरी है।

सोशल मीडिया पर लोगों की प्रतिक्रिया

यह वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है और लाखों लोग इसे देख चुके हैं। कई यूजर्स ने वीडियो पर कमेंट करते हुए कहा कि भारत में भी बेहतर वर्क-लाइफ बैलेंस की जरूरत है।

एक यूजर ने लिखा, “अगर कर्मचारियों को निजी जिंदगी के लिए समय मिले तो उनकी उत्पादकता भी बढ़ती है।” दूसरे यूजर ने कहा, “यूरोपीय देशों में मानसिक स्वास्थ्य को ज्यादा महत्व दिया जाता है और यही उनकी सबसे बड़ी ताकत है।”

वहीं कुछ लोगों ने कहा कि भारत में बढ़ते काम के दबाव और लंबे ऑफिस घंटों के बीच इस तरह की संस्कृति अपनाने की जरूरत है।

क्यों खास है डच वर्क कल्चर?

नीदरलैंड दुनिया के उन देशों में गिना जाता है जहां कर्मचारियों के अधिकार और मानसिक स्वास्थ्य को काफी अहमियत दी जाती है। वहां कम काम के घंटे, छुट्टियों की सुविधा और परिवार के साथ समय बिताने को प्राथमिकता दी जाती है। यही वजह है कि डच वर्क कल्चर को दुनिया के सबसे संतुलित कार्य वातावरणों में से एक माना जाता है।

भारतीय महिला का यह वीडियो अब सोशल मीडिया पर लोगों के बीच चर्चा का विषय बना हुआ है और कई लोग इसे प्रेरणादायक बता रहे हैं।

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