कानपुर: उत्तर प्रदेश के कानपुर जिले के चकेरी थाना क्षेत्र में पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़ा करने वाला एक मामला सामने आया है। यहां थाने के पास स्थित एक पान दुकानदार ने थाने में तैनात सिपाही विजय पर कथित तौर पर 5,000 रुपये की अवैध वसूली मांगने और डराने-धमकाने का आरोप लगाया है। इस पूरे घटनाक्रम का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया। मामले का संज्ञान लेते हुए पुलिस उपायुक्त (पूर्वी) सत्यजीत गुप्ता ने संबंधित सिपाही को तत्काल प्रभाव से लाइन हाजिर कर दिया है और जांच के आदेश दिए हैं।
जानकारी के अनुसार, 8 अगस्त 2026 को चकेरी थाना क्षेत्र से जुड़ा एक वीडियो सोशल मीडिया के विभिन्न प्लेटफॉर्म पर तेजी से वायरल हुआ। वीडियो में कथित तौर पर सिपाही विजय पान की दुकान पर दिखाई दे रहा है। दावा किया जा रहा है कि वह नशे की हालत में दुकानदार से पैसों की मांग कर रहा था। दुकानदार ने आरोप लगाया कि सिपाही ने उससे 5,000 रुपये देने का दबाव बनाया और रकम नहीं देने पर कथित तौर पर उसे धमकाने की कोशिश की।
बताया जा रहा है कि दुकानदार ने पूरे घटनाक्रम का वीडियो अपने मोबाइल फोन से रिकॉर्ड कर लिया। वीडियो सामने आने के बाद यह मामला तेजी से चर्चा का विषय बन गया और पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों तक पहुंच गया। इसके बाद पुलिस विभाग ने तत्काल कार्रवाई करते हुए संबंधित सिपाही को लाइन हाजिर कर दिया।
पुलिस उपायुक्त (पूर्वी) सत्यजीत गुप्ता ने बताया कि वायरल वीडियो का संज्ञान लिया गया है। प्रथम दृष्टया मामला गंभीर प्रतीत होने पर सिपाही विजय को लाइन हाजिर कर दिया गया है। साथ ही सहायक पुलिस आयुक्त (चकेरी) आशुतोष कुमार को मामले की विस्तृत जांच सौंपी गई है। उन्होंने कहा कि जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की विभागीय कार्रवाई की जाएगी।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि यह जांच की जाएगी कि वीडियो में दिखाई दे रहा व्यक्ति वास्तव में संबंधित सिपाही है या नहीं, वीडियो किस परिस्थिति में बनाया गया और दुकानदार द्वारा लगाए गए आरोप कितने सही हैं। इसके अलावा यह भी पता लगाया जाएगा कि क्या सिपाही वास्तव में नशे की हालत में था और क्या उसने किसी प्रकार की अवैध वसूली की मांग की थी।
घटना के बाद स्थानीय व्यापारियों में भी नाराजगी देखी जा रही है। कई लोगों का कहना है कि यदि आरोप सही पाए जाते हैं तो संबंधित पुलिसकर्मी के खिलाफ सख्त कार्रवाई होनी चाहिए, ताकि पुलिस की छवि को नुकसान पहुंचाने वाले मामलों पर प्रभावी रोक लग सके।
कानपुर पुलिस ने स्पष्ट किया है कि विभाग भ्रष्टाचार और अनुशासनहीनता के मामलों में जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाता है। अधिकारियों ने कहा कि जांच पूरी तरह निष्पक्ष तरीके से की जाएगी और यदि आरोप सिद्ध होते हैं तो संबंधित सिपाही के खिलाफ कड़ी विभागीय कार्रवाई के साथ अन्य कानूनी कदम भी उठाए जाएंगे।
फिलहाल वायरल वीडियो की सत्यता की जांच जारी है और पुलिस पूरे मामले की गहन पड़ताल में जुटी हुई है।

