19 Aug 2026, Wed

नए PNG कनेक्शन पर कंपनियों को 200 SCM सस्ती गैस देगी सरकार, 1 सितंबर से लागू होगा नया नियम

नई दिल्ली: देश में घर-घर पाइप्ड नेचुरल गैस (PNG) पहुंचाने की रफ्तार बढ़ाने के लिए केंद्र सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। सरकार ने नए घरेलू PNG कनेक्शन बढ़ाने के लिए सिटी गैस डिस्ट्रीब्यूशन (CGD) कंपनियों को अतिरिक्त सस्ती घरेलू प्राकृतिक गैस देने का फैसला किया है। नई योजना 1 सितंबर 2026 से लागू होगी। सरकार का लक्ष्य नए कनेक्शन बढ़ाने के साथ-साथ पहले से लगे लेकिन निष्क्रिय PNG कनेक्शनों को दोबारा चालू कराना भी है।

नई व्यवस्था के तहत योग्य CGD कंपनियों को उनके क्षेत्र में निर्धारित लक्ष्य से अधिक नए और बिल वाले घरेलू PNG कनेक्शन देने पर हर अतिरिक्त कनेक्शन के लिए 200 SCM यानी स्टैंडर्ड क्यूबिक मीटर घरेलू प्राकृतिक गैस अतिरिक्त आवंटित की जाएगी। यह गैस अपेक्षाकृत सस्ती घरेलू APM गैस होगी, जिससे कंपनियों को आर्थिक राहत मिलने की उम्मीद है।

दो चरणों में लागू होगी योजना

सरकार की यह नई योजना दो चरणों में लागू की जाएगी। प्रत्येक चरण की अवधि छह महीने होगी। इस योजना के जरिए सरकार CGD कंपनियों को PNG नेटवर्क का विस्तार करने के लिए प्रोत्साहित करना चाहती है।

अतिरिक्त सस्ती घरेलू गैस मिलने से कंपनियों को महंगी LNG की खरीद पर निर्भरता कुछ कम करने में मदद मिलेगी। इससे उनकी गैस खरीद की औसत लागत घट सकती है और नए घरेलू कनेक्शन देने के लिए बुनियादी ढांचे में निवेश करना उनके लिए ज्यादा फायदेमंद हो सकता है।

10 साल की जगह 3 साल में लागत वसूली का अनुमान

सरकार के अनुमान के मुताबिक, इस इंसेंटिव से घरेलू PNG कनेक्शन पर कंपनियों द्वारा किए गए निवेश की लागत वसूलने की अवधि में बड़ा बदलाव आ सकता है। अभी जहां निवेश की लागत वसूलने में करीब 10 साल लगने का अनुमान है, वहीं नई योजना के बाद यह अवधि घटकर लगभग 3 साल रह सकती है।

इससे गैस कंपनियों को ज्यादा से ज्यादा घरों तक पाइपलाइन नेटवर्क पहुंचाने के लिए प्रोत्साहन मिलेगा। साथ ही उन इलाकों में भी PNG कनेक्शन का विस्तार तेजी से हो सकता है, जहां अभी पाइप्ड गैस की पहुंच सीमित है।

देश में 1.74 करोड़ से ज्यादा PNG कनेक्शन

सरकारी आंकड़ों के अनुसार, देश में फिलहाल करीब 1.74 करोड़ घरेलू PNG कनेक्शन मौजूद हैं। सरकार PNG को घरेलू इस्तेमाल के लिए सुविधाजनक और अपेक्षाकृत स्वच्छ ईंधन के तौर पर बढ़ावा दे रही है।

PNG का एक बड़ा फायदा यह है कि उपभोक्ताओं को LPG सिलेंडर की तरह बार-बार बुकिंग और डिलीवरी का इंतजार नहीं करना पड़ता। पाइपलाइन के जरिए घर तक गैस की आपूर्ति होती है और उपभोक्ता मीटर के आधार पर इस्तेमाल की गई गैस का भुगतान करते हैं।

LPG से PNG की ओर बढ़ रहा सरकार का फोकस

पश्चिम एशिया में पैदा हुई परिस्थितियों के दौरान LPG आपूर्ति को लेकर सामने आई चुनौतियों के बाद सरकार ने घरेलू ऊर्जा व्यवस्था में PNG नेटवर्क के विस्तार पर भी जोर बढ़ाया है।

सरकारी जानकारी के मुताबिक, मार्च 2026 से अब तक 5 लाख से ज्यादा PNG कनेक्शन गैसीफाई किए जा चुके हैं, जबकि 5.7 लाख से अधिक ग्राहकों ने नए PNG कनेक्शन के लिए पंजीकरण कराया है। सरकार LPG इस्तेमाल करने वाले उपभोक्ताओं और हाउसिंग सोसायटियों को PNG की ओर बढ़ने के लिए भी प्रोत्साहित कर रही है।

ग्राहकों को क्या होगा फायदा?

PNG कनेक्शन बढ़ने से उन परिवारों को सुविधा मिल सकती है जिन्हें LPG सिलेंडर की बुकिंग, डिलीवरी और स्टोरेज की समस्या का सामना करना पड़ता है। पाइपलाइन के जरिए लगातार गैस उपलब्ध होने से सिलेंडर खत्म होने पर अचानक होने वाली परेशानी भी कम हो सकती है।

सरकार की नई योजना से CGD कंपनियों को आर्थिक प्रोत्साहन मिलने के साथ देश में PNG नेटवर्क के विस्तार को गति मिलने की उम्मीद है। हालांकि, उपभोक्ताओं के लिए PNG की वास्तविक लागत और उपलब्धता उनके शहर, कंपनी और स्थानीय टैरिफ पर निर्भर करेगी।

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